कोटा में करंट लगने से 26 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत: कबूतर जाली का नाप लेते समय फीता छूटकर नंगे तार पर गिरा
कोटा के दादाबाड़ी थाना क्षेत्र के तीन बत्ती इलाके में 26 वर्षीय युवक सोनू शाक्यवाल की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। वे अपने भाई के साथ एक मकान में कबूतर जाली लगाने के लिए नाप ले रहे थे, तभी हाथ से फीता छूटकर बालकनी के सामने गुजर रहे नंगे बिजली तारों पर गिर गया। करंट का तेज झटका लगने से सोनू बेहोश होकर गिर पड़े और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सोनू के दो छोटे बच्चे हैं और परिवार गहरे सदमे में है। यह हादसा शहर में लटकते नंगे तारों की लापरवाही को उजागर करता है।
कोटा शहर के दादाबाड़ी थाना क्षेत्र स्थित तीन बत्ती इलाके में एक heartbreaking हादसा हुआ, जिसमें करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। यह घटना 31 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 11 बजे की है। मृतक युवक की पहचान सोनू शाक्यवाल (उम्र 26 वर्ष) निवासी श्रीनाथपुरम के रूप में हुई है। सोनू अपने बड़े भाई मनोज शाक्यवाल के साथ फेब्रिकेशन का काम करते थे और उसी सिलसिले में यह हादसा हुआ।
हादसे का विवरण सोनू और उनका बड़ा भाई मनोज तीन बत्ती इलाके में एक मकान पर काम देखने गए थे। मकान मालिक को बालकनी में कबूतर जाली (पिजन नेट) लगवानी थी। इसके लिए नापजोख करने का काम था। मनोज नीचे मकान मालिक से बातचीत कर रहे थे, जबकि सोनू दूसरी मंजिल पर जाकर जाली लगाने की जगह का नाप ले रहे थे।मकान की बालकनी के ठीक सामने से कोटा विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (KEDL) के नंगे बिजली के तार गुजर रहे थे। नाप लेते समय सोनू के हाथ से मापने वाला फीता (टेप) अचानक छूट गया और वह सीधे उन नंगे तारों पर जा गिरा। फीते के तारों से छूते ही सोनू को तेज करंट का झटका लगा। वे तुरंत बेहोश होकर गिर पड़े।मौके पर मौजूद लोगों ने सोनू को संभाला और तुरंत CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें ऑटो रिक्शा से न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचते ही ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद सोनू को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, करंट का झटका इतना तेज था कि मौके पर ही उनकी हालत गंभीर हो गई थी।
मकान मालिक का बयान मकान मालिक निहित ने बताया कि दोनों भाई सुबह साढ़े दस बजे के करीब उनके पास आए थे। बातचीत के बाद सोनू ऊपर नाप लेने चले गए, जबकि मनोज नीचे उनसे डिटेल्स डिस्कस कर रहे थे। निहित ने यह भी बताया कि उन्होंने दोनों को नंगे तारों के बारे में चेतावनी दी थी और सावधानी बरतने को कहा था। लेकिन हादसा इतनी जल्दी हुआ कि कोई कुछ कर नहीं सका। निहित ने कहा, "फीता छटकते ही तार से टच हो गया और सोनू गिर पड़े। हमने तुरंत मदद की कोशिश की।"
परिवार की स्थिति सोनू की असमय मौत से पूरा परिवार सदमे में है। उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं – एक 5 साल का और दूसरा 3 साल का। सोनू परिवार की मुख्य कमाई का सहारा थे। उनकी मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। बड़ा भाई मनोज भी गहरे दुख में हैं। उन्होंने बताया कि वे दोनों भाई साथ काम करते थे और यह रूटीन साइट विजिट थी। मनोज ने कहा, "मैं नीचे था, ऊपर से अचानक आवाज आई और देखा तो सोनू गिरे पड़े थे।"
पुलिस का बयान दादाबाड़ी थाना के सब इंस्पेक्टर रमेश चंद ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सोनू काम के दौरान करंट की चपेट में आ गए। अस्पताल में उनकी मौत हो गई। परिजनों की शिकायत मिलने पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और मर्ग दर्ज कर लिया है। यदि परिजन बिजली विभाग की लापरवाही या अन्य किसी की जिम्मेदारी मानते हैं, तो जांच के बाद उचित एक्शन लिया जाएगा।