खाटू श्यामजी का फाल्गुन मेला अब केवल 8 दिन का: मंदिर कमेटी ने क्यों घटाए दिन? जानिए 5 बड़े बदलाव, एग्जिट-पार्किंग में नई व्यवस्था

खाटू श्यामजी मंदिर में इस बार फाल्गुन मेला केवल 8 दिन (21 से 28 फरवरी 2026 तक) चलेगा, पहले 12 दिन होता था। मेला कमेटी और प्रशासन ने भीड़ के असमान वितरण, पुलिस संसाधनों पर बोझ और स्थानीय परेशानी के कारण दिन घटाए। 5 बड़े बदलाव: तीन एग्जिट एरिया, 75 फीट ग्राउंड पर फुट ओवरब्रिज, रियल टाइम CCTV, ऊंची बैरिकेडिंग और नए पार्किंग स्पॉट। इससे दर्शन सुरक्षित और सुगम होंगे।

Jan 20, 2026 - 15:16
खाटू श्यामजी का फाल्गुन मेला अब केवल 8 दिन का: मंदिर कमेटी ने क्यों घटाए दिन? जानिए 5 बड़े बदलाव, एग्जिट-पार्किंग में नई व्यवस्था

सीकर, राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्यामजी मंदिर में इस बार फाल्गुन मेला (फाल्गुन लक्खी मेला) की अवधि को काफी घटा दिया गया है। अब यह मेला केवल 8 दिन ही चलेगा, जबकि पहले यह 12 दिनों तक चलता था। मेला कमेटी और जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक में मंगलवार को यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।

इस बार फाल्गुन मेला 21 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा। इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण भक्तों की भीड़ का असमान वितरण, स्थानीय लोगों की परेशानी, पुलिस और प्रशासनिक संसाधनों पर बोझ तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

मेला अवधि घटाने के प्रमुख कारण

पिछले कई वर्षों के आंकड़ों के अनुसार:मेले के शुरुआती 4 दिनों में प्रतिदिन 80,000 से 1.30 लाख तक भक्त दर्शन के लिए आते हैं।जबकि आखिरी 8 दिनों में कुल लगभग 20 लाख भक्त दर्शन करते हैं।

इसलिए प्रशासन ने सोचा कि शुरुआती दिनों में कम भीड़ होने के बावजूद पूरा 12 दिन का मेला चलाने से संसाधनों का अनावश्यक खर्च और परेशानी होती है। मेले के दौरान:पूरे खाटू कस्बे में बैरिकेडिंग से स्थानीय निवासियों की आवाजाही प्रभावित होती है।सीकर जिले का 60% से अधिक पुलिस बल ड्यूटी पर लगा रहता है।अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी बुलाए जाते हैं।इन चुनौतियों को देखते हुए मेला कमेटी ने 8 दिनों तक सीमित करने का निर्णय लिया, ताकि मुख्य भीड़ वाले दिनों (विशेषकर एकादशी के आसपास) पर बेहतर प्रबंधन हो सके।

पुलिस और प्रशासन द्वारा किए जा रहे 5 बड़े बदलाव

भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार मेले में कई नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं:

तीन एग्जिट एरिया की व्यवस्था

पहले केवल दो एग्जिट पॉइंट थे – 4 लाइनों वाला कबूतर चौक की ओर और 10 लाइनों वाला कला भवन की ओर।अब कला भवन वाली 10 लाइनों में से 4 लाइनों को गुवाड़ चौक से निकाला जाएगा। इससे एक साथ 10 लाइनों के एग्जिट से होने वाली भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सकेगा।

75 फीट ग्राउंड पर नया फुट ओवरब्रिज

पहले 40 फीट रास्ते से लाइन 75 फीट ग्राउंड होते हुए मंदिर तक जाती थी, लेकिन लाइन के दूसरी तरफ जाने का कोई रास्ता नहीं था।अब श्रद्धालुओं की लाइन के ऊपर से एक फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा, जिससे लाइन क्रॉस करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

रियल टाइम क्राउड मैनेजमेंट के लिए अतिरिक्त CCTV कैमरे

पहले खाटू कस्बे और दर्शन मार्ग पर 400-500 CCTV लगाए जाते थे, लेकिन आने वाली भीड़ की सटीक जानकारी नहीं मिलती थी।अब मंडा और रींगस रास्तों पर नए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि पुलिस रियल टाइम में भीड़ का आकलन कर व्यवस्था कर सके।

बैरिकेडिंग की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी

श्रद्धालुओं की लाइनों में लगाई जाने वाली बैरिकेडिंग की हाइट बढ़ाई जाएगी। इससे कोई एक लाइन से दूसरी लाइन में आसानी से न जा सके और भीड़ नियंत्रित रहे।

नए पार्किंग स्पॉट विकसित किए जाएंगे

एकादशी जैसे मुख्य दिनों में पार्किंग की भारी समस्या रहती है।इस बार अतिरिक्त नए पार्किंग स्पॉट तैयार किए जा रहे हैं, ताकि ट्रैफिक जाम और पार्किंग की परेशानी कम हो।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.