अजमेर में माता के जागरण में कव्वाली गाने पर विवाद: भजन गायक जॉन अजमेरी को मंच छोड़कर जाना पड़ा, हिंदू संगठनों ने किया कड़ा विरोध
अजमेर के नगरा इलाके में चैत्र नवरात्रि के माता के जागरण में भजन गायक जॉन अजमेरी ने ख्वाजा गरीब नवाज की कव्वाली गाई, जिसका वीडियो वायरल होने पर हिंदू संगठनों (बजरंग दल, विहिप) ने कड़ा विरोध किया। अगले दिन शास्त्री नगर में भजन संध्या के दौरान उन्हें मंच से उतार दिया गया और कार्यक्रम बाधित हुआ। संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया, जबकि मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
अजमेर, 23 मार्च 2026: राजस्थान के अजमेर शहर में हाल ही में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रसिद्ध भजन गायक जॉन अजमेरी को माता के जागरण में कव्वाली गाने के आरोप में हिंदू संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध इतना तीव्र हुआ कि उन्हें मंच छोड़कर जाना पड़ा और कार्यक्रम कुछ देर के लिए बाधित हो गया। यह घटना रविवार रात करीब 11 बजे शास्त्री नगर इलाके के गणेशगढ़ मंदिर में हुई भजन संध्या के दौरान घटी।
घटना का पूरा विवरण
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात अजमेर के अलवर गेट क्षेत्र के नगरा इलाके में चैत्र नवरात्रि के दौरान माता भवानी (या माता रानी) के जागरण का आयोजन हुआ था। इस जागरण में भजन गायक जॉन अजमेरी ने माता के दरबार में ख्वाजा गरीब नवाज (अजमेर शरीफ दरगाह से जुड़ी) की कव्वाली गाई। इस दौरान गाया गया गीत और शैली कव्वाली स्टाइल की थी, जो सूफी परंपरा से जुड़ी है। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया।
अगले दिन यानी रविवार रात जब जॉन अजमेरी शास्त्री नगर में गणेशगढ़ मंदिर परिसर में एक अन्य भजन संध्या के लिए मंच पर आए, तो बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। बजरंग दल के चेतन सैनी, घनश्याम सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने उनका खुलकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि माता के जागरण जैसे पवित्र हिंदू धार्मिक आयोजन में कव्वाली जैसी अन्य धार्मिक परंपरा से जुड़ी शैली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विरोध के दौरान जॉन अजमेरी ने मंच पर आते ही कल रात की घटना का जिक्र किया और अपनी बात को जायज ठहराने की कोशिश की, लेकिन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इसे स्वीकार नहीं किया। बीच-बचाव करने वाले अन्य लोगों की मध्यस्थता के बाद विवाद शांत हुआ और जॉन अजमेरी को मंच से उतरना पड़ा। इसके बाद कार्यक्रम दोबारा शुरू हो सका।
हिंदू संगठनों का बयान
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के मंत्री किशन गुर्जर ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "जॉन अजमेरी ने ऐसा करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कल वाली गलती आज दोहराने की कोशिश की। मंच पर आते ही उन्होंने कहा कि कल ऐसा किया और विरोध हुआ, फिर भी वही करने की जिद की। हमने उन्हें मंच से उतारा। माता के जगराते में कव्वाली जैसी कोई चीज बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सनातन धर्म की भावनाओं के खिलाफ है।"
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी इसे धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया और कहा कि हिंदू जागरण में केवल भजन-कीर्तन ही होना चाहिए, अन्य धर्मों की शैली यहां नहीं चल सकती।
जॉन अजमेरी की पृष्ठभूमि
जॉन अजमेरी अजमेर के एक जाने-माने भजन और कव्वाली गायक हैं। वे अक्सर अजमेर शरीफ दरगाह से जुड़े सूफी गीत और कव्वालियां गाते हैं, साथ ही हिंदू भजनों में भी सक्रिय रहते हैं। उनकी कव्वालियां यूट्यूब पर लोकप्रिय हैं, लेकिन इस बार माता के जागरण में कव्वाली गाने से विवाद पैदा हो गया। वीडियो वायरल होने से मामला और गरमा गया।