नशे का बड़ा कारोबारी गिरफ्तार: गर्लफ्रेंड से पीछा छुड़ाने के लिए पत्नी ने भेजा बेंगलुरु, ड्राइवर से बना ड्रग तस्कर

मारवाड़ में स्मैक तस्कर जितेंद्र गिरफ्तार; पत्नी ने गर्लफ्रेंड से छुड़ाने को बेंगलुरु भेजा, 20 किलो मासिक सप्लाई से 50 लाख कमाई, ANTF ने ऑपरेशन जिस्मन्ना में पकड़ा,

Nov 15, 2025 - 10:28
नशे का बड़ा कारोबारी गिरफ्तार: गर्लफ्रेंड से पीछा छुड़ाने के लिए पत्नी ने भेजा बेंगलुरु, ड्राइवर से बना ड्रग तस्कर

बाड़मेर (राजस्थान): मारवाड़ क्षेत्र में स्मैक (हेरोइन) की बड़ी सप्लाई करने वाले कुख्यात तस्कर जितेंद्र को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की टीम ने गुरुवार रात को गिरफ्तार कर लिया। महज तीन साल में स्मैक तस्करी का विशाल नेटवर्क खड़ा करने वाला यह तस्कर बेंगलुरु भागने की फिराक में था। हैरानी की बात यह है कि बेंगलुरु जाने की पूरी प्लानिंग उसकी पत्नी ने की थी, ताकि वह अपनी गर्लफ्रेंड से पीछा छुड़ा सके। ANTF की टीम को जब इस प्लान की भनक लगी, तो उन्होंने तुरंत एक्शन लिया और बस से उसे धर दबोचा।

गिरफ्तारी का पूरा वाकया: ऑपरेशन 'जिस्मन्ना' का सफल आईजी विकास कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ANTF की स्पेशल टीम ने 'ऑपरेशन जिस्मन्ना' के तहत यह कार्रवाई की। गुरुवार रात करीब 9:30 बजे बाड़मेर के राम जी की गोल क्षेत्र में नाकाबंदी की गई। जितेंद्र एक बस से बेंगलुरु जा रहा था। टीम को खुफिया सूचना मिली थी कि वह बेंगलुरु में अपना नेटवर्क और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। बस को रोककर तलाशी ली गई और जितेंद्र को हिरासत में ले लिया गया।पुलिस ने उसके पास से स्मैक बरामद करने के साथ-साथ उसके मोबाइल फोन और अन्य सामान को भी जब्त कर लिया। पूछताछ में जितेंद्र ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।

तीन साल में बनाया विशाल नेटवर्क: 20 किलो स्मैक सप्लाई, 50 लाख की कमाई जितेंद्र ने कबूल किया कि वह मारवाड़ इलाके में हर महीने करीब 20 किलोग्राम स्मैक की सप्लाई करता था। इससे उसे प्रति माह लगभग 50 लाख रुपये की कमाई होती थी। उसने अपना नेटवर्क इतनी तेजी से फैलाया कि वह क्षेत्र का सबसे बड़ा तस्कर बन गया। सप्लाई चेन में छोटे-छोटे डीलरों का जाल बिछाया हुआ था, जो गांव-गांव तक ड्रग पहुंचाते थे।पुलिस के अनुसार, जितेंद्र का नेटवर्क राजस्थान के अलावा पड़ोसी राज्यों तक फैला हुआ था। वह स्मैक को बेंगलुरु से मंगवाता था और फिर मारवाड़ में बांटता था। गिरफ्तारी के बाद उसके ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, जहां से और सबूत जुटाए जा रहे हैं।

संघर्षपूर्ण शुरुआत: आठवीं तक पढ़ाई, फिर बेंगलुरु भेजा पिता ने जितेंद्र की जिंदगी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। वह मूल रूप से मारवाड़ क्षेत्र का रहने वाला है। महज आठवीं क्लास तक पढ़ाई की। इसके बाद उसके पिता ने उसे कमाई के लिए बेंगलुरु भेज दिया। वहां वह एक कुख्यात तस्कर प्रकाश का ड्राइवर बन गया।प्रकाश के साथ काम करते हुए जितेंद्र ने ड्रग तस्करी के गुर सीखे। धीरे-धीरे वह ड्राइवर से सप्लायर बन गया। प्रकाश के नेटवर्क का इस्तेमाल कर उसने अपना अलग कारोबार शुरू कर दिया। तीन साल में ही वह इतना अमीर हो गया कि उसके पास लग्जरी गाड़ियां और संपत्ति हो गई। लेकिन इसी बीच उसकी जिंदगी में गर्लफ्रेंड का प्रवेश हुआ, जो उसके पतन का कारण बनी।

पत्नी की चालाकी: गर्लफ्रेंड से छुड़ाने के लिए बनाया बेंगलुरु जाने का प्लान जितेंद्र की पत्नी को जब पता चला कि उसका पति गर्लफ्रेंड के साथ रह रहा है और परिवार को छोड़ चुका है, तो उसने बदला लेने की ठान ली। उसने जितेंद्र को फोन पर मनाया और कहा कि बेंगलुरु आकर नया जीवन शुरू करें। असल मकसद गर्लफ्रेंड से पीछा छुड़ाना था। जितेंद्र इस प्लान में फंस गया और बस से बेंगलुरु के लिए रवाना हो गया।पत्नी ने चुपके से ANTF को सूचना दे दी। टीम को पता चला कि जितेंद्र बेंगलुरु में नेटवर्क को और विस्तार देने वाला है। इससे पहले कि वह फरार हो पाता, पुलिस ने उसे पकड़ लिया। आईजी ने कहा, "यह एक अनोखा मामला है जहां पारिवारिक विवाद ने बड़े तस्कर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।"

आगे की जांच और सजा की उम्मीद;

   ANTF अब जितेंद्र के पूरे नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है। उसके संपर्क में आए अन्य तस्करों की तलाश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से मारवाड़ में ड्रग सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा। जितेंद्र पर NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.