जालोर में प्लॉट विवाद ने ले ली बुजुर्ग महिला की जान: 40 बदमाशों ने 5 गाड़ियों से किया हमला, बेटी और भतीजा गंभीर रूप से घायल
राजस्थान के जालोर जिले के सेसावा गांव में प्लॉट विवाद के चलते 25 दिसंबर की रात 5 गाड़ियों में आए करीब 40 बदमाशों ने एक परिवार पर हमला किया। विरोध करने पर 60 वर्षीय वाली देवी को गाड़ी से कुचल दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। उनकी बेटी भंवरी देवी और भतीजा सदराम गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है, लेकिन आरोपी अभी फरार हैं।
राजस्थान के जालोर जिले में एक पुराने प्लॉट विवाद ने बेहद दर्दनाक और क्रूर रूप ले लिया। चितलवाना थाना क्षेत्र के सेसावा गांव में सरकारी स्कूल के सामने स्थित पंचायत की आबादी भूमि पर बने प्लॉट को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। इस विवाद ने 25 दिसंबर 2025 की देर रात को खूनी संघर्ष का रूप धारण कर लिया, जिसमें एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जान चली गई और उनके परिवार के दो अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना का विवरण एडिशनल एसपी आवड़दान रतनू के अनुसार, आरोपी पक्ष का मुख्य व्यक्ति सनावराम जाट था, जो अपने साथ करीब 40 बदमाशों को लेकर 5 गाड़ियों में प्लॉट पर पहुंचा। यह घटना देर रात करीब 11 बजे की है। प्लॉट पर पीड़ित परिवार के सदस्य सो रहे थे। परिवार ने प्लॉट पर अपना लंबे समय से कब्जा बताया है और सुरक्षा के लिए मात्र 5 दिन पहले ही चारों तरफ तारबंदी करवाई थी। इसी कारण परिवार के कुछ सदस्य रात में प्लॉट पर सोने लगे थे।बदमाशों ने पहुंचते ही तोड़फोड़ शुरू कर दी और सो रहे लोगों पर हमला बोल दिया। इस दौरान जो भी व्यक्ति विरोध करने की कोशिश करता, बदमाश उस पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास करते। सबसे क्रूर वारदात तब हुई जब 60 वर्षीय वाली देवी (पत्नी खींयाराम विश्नोई) ने विरोध जताया। आरोपियों ने उनकी पेट के ऊपर से गाड़ी चढ़ा दी, जिससे उनकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई।वाली देवी की बेटी भंवरी देवी और भतीजा सदराम जब बीच-बचाव करने आए तो बदमाशों ने उन पर भी गाड़ी से टक्कर मार दी। भंवरी देवी को रीढ़ की हड्डी और सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि सदराम भी बुरी तरह घायल हो गए। हमले के बाद सभी आरोपी गाड़ियों में बैठकर मौके से फरार हो गए।
घायलों का इलाज और महिला की मौत घायलों को तुरंत धोरीमन्ना अस्पताल ले जाया गया, जहां से वाली देवी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सांचौर अस्पताल रेफर कर दिया गया। दुर्भाग्यवश, 26 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 4 बजे सांचौर अस्पताल में उनका निधन हो गया।वाली देवी के पति खींयाराम पिछले 4 सालों से लकवे के कारण बिस्तर पर हैं, जिससे परिवार की स्थिति और भी दयनीय हो गई है।
रास्ते में भी हमले का प्रयास घटना के बाद वाली देवी का बेटा हरिराम अपनी मां को अस्पताल पहुंचाने के बाद गाड़ी से मैके जा रहा था। रास्ते में सेसावा रोड बस स्टैंड के पास आरोपियों ने फिर से उसे कुचलकर मारने की कोशिश की। हरिराम को इस हमले में मामूली चोटें आईं, लेकिन वह बाल-बाल बच गए।
पुलिस कार्रवाई और केस दर्ज मृतका वाली देवी के बेटे हरिराम ने चितलवाना थाने में शिकायत दर्ज कराई। मुख्य आरोपियों में चूनाराम पुत्र पेमाराम जाट, नैनाराम पुत्र पेमाराम जाट, देवाराम पुत्र पेमाराम जाट, नवलाराम पुत्र लाखाराम जाट सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसकी जिम्मेदारी थानाधिकारी को सौंपी गई है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम जालोर के डॉक्टर जगदीश विश्नोई के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। टीम ने खून के धब्बों के सैंपल लिए और घटनास्थल का पूरी तरह मुआयना किया। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं, लेकिन पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही उन्हें पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमॉर्टम के बाद ग्रामीणों का आक्रोश घटना की सूचना फैलते ही 26 दिसंबर को बड़ी संख्या में ग्रामीण सांचौर अस्पताल की मोर्चरी पर जुट गए। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। एडिशनल एसपी के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
दोनों पक्ष एक ही गांव के यह पूरा विवाद एक ही गांव के दो पक्षों के बीच का है। पीड़ित परिवार का कहना है कि प्लॉट पर उनका लंबे समय से कब्जा है और पहले वे यहां झोपड़ी बनाकर रहते थे। हाल ही में तारबंदी करवाकर उन्होंने इसे और सुरक्षित किया था। दूसरी तरफ आरोपी पक्ष प्लॉट पर अपना दावा जता रहा था, जिसके चलते यह खूनी संघर्ष हुआ।