जयपुर में आईटी कंपनी के दो मालिकों का सनसनीखेज अपहरण: USDT निवेश के बहाने बुलाकर किया अपहरण, 1 करोड़ की फिरौती मांगी; 11 घंटे बाद गलता जंगलों में छोड़े गए

जयपुर के मानसरोवर स्थित इस्कॉन मंदिर के पास 19 मार्च की शाम आईटी कंपनी के दो संचालकों (राहुल और दिनेश) का अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने USDT क्रिप्टो निवेश का लालच देकर उन्हें बुलाया, 6-7 नकाबपोश बदमाशों ने कार में जबरन बैठाकर ले गए और परिजनों से 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने फिरौती के बहाने पीछा किया, जीपीएस और सीसीटीवी से ट्रैकिंग की। 11 घंटे बाद 20 मार्च सुबह गलता के जंगलों में दोनों को सुरक्षित छोड़कर बदमाश फरार हो गए। पुलिस ने कार जब्त की और तीन टीमें जांच में जुटी हैं।

Mar 21, 2026 - 11:13
जयपुर में आईटी कंपनी के दो मालिकों का सनसनीखेज अपहरण: USDT निवेश के बहाने बुलाकर किया अपहरण, 1 करोड़ की फिरौती मांगी; 11 घंटे बाद गलता जंगलों में छोड़े गए

जयपुर। राजधानी जयपुर में एक बार फिर अपराधियों ने क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर बड़ा खेल खेला है। यहां एक आईटी कंपनी के दो मालिकों का अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने USDT (Tether, एक स्टेबलक्रिप्टोकरेंसी जिसे कभी-कभी यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी से गलत तरीके से जोड़ा जाता है) में निवेश का झांसा देकर दोनों को बुलाया और फिर नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें जबरन कार में डालकर ले गए। अपहरणकर्ताओं ने 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, लेकिन पुलिस की सतर्कता और पीछा करने के कारण लगभग 11 घंटे बाद दोनों को सुरक्षित छोड़कर फरार हो गए।

घटना का पूरा विवरण

मामला जगतपुरा निवासी राहुल और दिनेश का है, जो मानसरोवर स्थित इस्कॉन मंदिर के पास अपनी आईटी कंपनी संचालित करते हैं। पुलिस के अनुसार, 19 मार्च की शाम करीब 6 बजे दोनों को एक कॉल आई। कॉल करने वालों ने USDT में निवेश का लालच देकर उन्हें मुलाकात के लिए बुलाया। दोनों शाम करीब 7 बजे इस्कॉन मंदिर के पास पहुंचे, जहां 6-7 नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले गए।

अपहरण के बाद बदमाशों ने पीड़ितों के ही मोबाइल फोन से उनके परिजनों को फोन किया और 1 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की। फिरौती के लिए उन्होंने परिजनों को गौनेर क्षेत्र में बुलाया। परिजनों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने फिरौती के बहाने बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया।

बदमाशों का रूट और पुलिस का पीछा

बदमाश पहले गौनेर पहुंचे, फिर हिंगोनिया गौशाला, इंदिरा गांधी नगर, खो नागोरियान, कानोता होते हुए बस्सी पहुंच गए। इसके बाद वे नायला और जामडोली के जंगलों में घूमते रहे। लगातार पुलिस के दबाव और पीछा करने के कारण शुक्रवार (20 मार्च) की सुबह करीब 5:30 बजे गलता के जंगलों में बदमाशों ने कार सहित दोनों पीड़ितों को छोड़ दिया और फरार हो गए।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच

मुहाना थाना प्रभारी SHO गुर भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त कर ली है। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने मौके पर जांच की। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार का नंबर ट्रेस किया, जिससे पता चला कि कार मानसरोवर स्थित एक रेंटल कंपनी की है। पुलिस तुरंत कार रेंटल कंपनी के ऑफिस पहुंची और वहां से कार में लगे जीपीएस की मदद से बदमाशों की लोकेशन ट्रैक की। साथ ही, अपहरण के दौरान पीड़ितों के मोबाइल नंबर चालू थे, जिससे ट्रेसिंग में और आसानी हुई।

मामले की गंभीरता

यह घटना क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल निवेश के नाम पर होने वाली ठगी और अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है। पुलिस का कहना है कि अपहरण का मकसद सिर्फ फिरौती वसूलना था, लेकिन पुलिस की सतर्कता से दोनों सुरक्षित रिहा हो गए। जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.