जयपुर में नकली किन्नर गिरोह का पर्दाफाश: यू-ट्यूब से सीखा बद्दुआ देने का नाटक, परिवारों को टारगेट कर लाखों की वसूली
जयपुर पुलिस ने दिल्ली-अजमेर हाईवे पर सक्रिय नकली किन्नर गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरोह के सदस्य यू-ट्यूब वीडियो देखकर किन्नरों की अदा, मेकअप और बद्दुआ-आशीर्वाद का नाटक सीखकर परिवार वाली गाड़ियों को टारगेट करते थे। विरोध पर बदसलूकी और शीशे पीटते थे। असली किन्नर माही सैनी को सरगना बनाकर गुरु दक्षिणा देते थे। 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें 8 नकली और 1 असली किन्नर शामिल। रोजाना 5 हजार तक का टारगेट, लाखों की कमाई नशे में उड़ाते थे।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कुछ लोग नकली किन्नर (ट्रांसजेंडर) का भेष धारण कर दिल्ली-अजमेर हाईवे और शहर के विभिन्न ट्रैफिक पॉइंट्स पर लोगों से जबरन वसूली कर रहे थे। जयपुर पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया और 9 लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कई हैरान करने वाले खुलासे हुए, जिसमें सबसे बड़ा खुलासा यह था कि इन लोगों ने यू-ट्यूब वीडियो देख-देखकर असली किन्नरों की बोल-चाल, हाव-भाव, आशीर्वाद और बद्दुआ देने का पूरा नाटक सीखा था।
गिरोह कैसे तैयार होता था?
आरोपियों ने साड़ी-ब्लाउज पहनने, मेकअप करने, नकली बाल लगाने और शरीर की बनावट को छिपाने तक का पूरा ध्यान रखा। सैकड़ों यू-ट्यूब वीडियो देखकर वे असली किन्नरों की 'अदा' की नकल करते थे। तैयार होने के बाद वे रेड लाइट सिग्नल, टोल प्लाजा और हाईवे पर वाहनों को रोककर वसूली का खेल खेलते थे।
टारगेट परिवार वाली गाड़ियां और नवविवाहित जोड़े
गिरोह खासतौर पर उन गाड़ियों को निशाना बनाता था, जिनमें महिलाएं, बच्चे या पूरा परिवार सवार होता था। बद्दुआ देने के नाम पर डर दिखाकर वे कैश की मांग करते। अगर कोई विरोध करता या मनमुताबिक पैसे नहीं देता, तो गाली-गलौज, गाड़ी के शीशे पीटना, कपड़े उठाकर बदसलूकी और गाड़ी के आगे बैठ जाना जैसे तरीकों से दबाव बनाते। नए वाहन या हाथों में मेहंदी देखकर नवविवाहित जोड़ों से ज्यादा रकम ऐंठी जाती थी।
रोज का फिक्स टारगेट और लाखों की कमाई
प्रत्येक नकली किन्नर का रोजाना 5 हजार रुपये तक का वसूली टारगेट फिक्स था। इस तरह गिरोह हर महीने लाखों रुपये की अवैध कमाई करता था। वसूली का बड़ा हिस्सा नशे, शौक-मौज और ऐशो-आराम में उड़ा दिया जाता था।
असली किन्नर को बनाया सरगना
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने एक असली महिला किन्नर माही सैनी (25) को अपना सरगना बना रखा था। उससे असली किन्नरों के रहन-सहन, तौर-तरीकों और व्यवहार की ट्रेनिंग ली जाती थी। बदले में वसूली का कुछ हिस्सा उसे गुरु दक्षिणा के रूप में दिया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी
16 मार्च को करणी विहार थाना पुलिस (वैशाली नगर जोन) ने कार्रवाई की। एसीपी अनिल शर्मा के अनुसार गिरफ्तार किए गए 9 लोग हैं:माही सैनी (25) - असली महिला किन्नर (सरगना),चंदपाल उर्फ शैलेन्द्र उर्फ रोनक (35),कोरी उर्फ मोनू (31),सूरज अरोरा उर्फ संजना (29),प्रतीक जाटव उर्फ रवि जाटव (23),योगेंद्र सिंह उर्फ छोटी (24),भागचंद खटीक उर्फ वृंदान (24),वेदप्रकाश उर्फ वेदीका (23),रामावतार उर्फ रानी (25)। ज्यादातर आरोपी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से जुड़े हैं। कई लोग पहले मजदूरी-मेहनत करते थे, लेकिन आसान कमाई के लालच में गिरोह से जुड़ गए।
पुलिस कार्रवाई का असर
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जयपुर-अजमेर हाईवे पर सक्रिय कई अन्य नकली किन्नर गिरोह अंडरग्राउंड हो गए हैं। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।