इंदौर में दूषित पानी का कहर जारी भागीरथपुरा में 17वीं मौत, 9 हजार से ज्यादा लोगों की जांच, 20 नए मरीज मिले.

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से मौतों का सिलसिला जारी है। अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए 9 हजार से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच करवाई, जिसमें 20 नए मरीज सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम अलर्ट मोड पर हैं और पूरे प्रकरण की रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाएगी।

Jan 5, 2026 - 12:09
Jan 5, 2026 - 13:14
इंदौर में दूषित पानी का कहर जारी भागीरथपुरा में 17वीं मौत, 9 हजार से ज्यादा लोगों की जांच, 20 नए मरीज मिले.

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैल रही बीमारी ने एक और जान ले ली है। इस मामले में मरने वालों की संख्या अब 17 हो चुकी है। रविवार तक यह आंकड़ा 16 था, लेकिन सोमवार को एक और मरीज की मौत की पुष्टि के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है।

मृतक की पहचान 69 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा के रूप में हुई है। वे पेशे से रिटायर्ड पुलिसकर्मी थे और मूल रूप से धार जिले की शिव विहार कॉलोनी के निवासी थे। वे अपने बेटे से मिलने कुछ दिन पहले इंदौर आए थे। इसी दौरान उन्होंने इलाके में सप्लाई हो रहा दूषित पानी पी लिया, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

अस्पताल में लगातार बिगड़ती रही हालत

1 जनवरी को ओमप्रकाश शर्मा को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि उनकी किडनी गंभीर रूप से प्रभावित हो चुकी है। हालत में सुधार न होने पर 2 जनवरी को उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया। इसके बाद स्थिति और नाजुक होती चली गई, जिसके चलते डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा। तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

प्रशासन अलर्ट, बड़े पैमाने पर जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम ने भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में व्यापक जांच अभियान चलाया है। अब तक करीब 9,416 लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस दौरान 20 नए मरीज सामने आए हैं, जिनमें उल्टी-दस्त और बुखार के लक्षण पाए गए हैं। सभी को दवाइयां दी जा रही हैं और गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।

दूषित जल सप्लाई पर सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब लगातार हो रही मौतों के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

हाईकोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट

इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन को हाईकोर्ट में भी जवाब देना होगा। दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारी के फैलाव पर विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी। माना जा रहा है कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।

इलाके में दहशत, लोग डरे

लगातार हो रही मौतों से भागीरथपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। लोग पीने के पानी को लेकर बेहद सतर्क हो गए हैं और बोतलबंद या उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रशासन ने भी लोगों से सावधानी बरतने और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाने की अपील की है।

यह मामला न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था बल्कि नगर निगम की जल सप्लाई व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।