भारतीय वायुसेना के 'सोनिक बूम' की आवाज़ से गूंज उठा जोधपुर शहर ,2 घंटे तक शहर में दहशत का माहौल.
जोधपुर में 11 नवंबर 2025 रात करीब 8 बजे भारतीय वायुसेना के तीन फाइटर जेट के सुपरसोनिक उड़ान के दौरान सोनिक बूम हुआ, जिससे जोरदार धमाके जैसी आवाज गूंजी। आधे शहर में खिड़कियां-दरवाजे हिले, लोग भूकंप या विस्फोट समझकर दहशत में सड़कों पर निकल आए। पुलिस कंट्रोल रूम में फोन की बाढ़ आ गई। जांच में पुष्टि हुई कि यह वायुसेना की ट्रेनिंग का हिस्सा था, कोई खतरा नहीं।
जोधपुर, 11 नवंबर 2025: राजस्थान के नीले नगरी जोधपुर में मंगलवार रात अचानक आसमान से गूंजी एक जोरदार 'धड़कन' ने पूरे शहर को थर्रा दिया। मंडोर क्षेत्र से शुरू हुई यह रहस्यमयी तेज आवाज इतनी प्रचंड थी कि घरों की खिड़कियां-दरवाजे कांप उठे, लोग सड़कों पर उमड़ आए और अफरा-तफरी मच गई। किसी ने इसे भूकंप तो किसी ने बड़े विस्फोट का नाम दिया, लेकिन सच्चाई सामने आने पर राहत की सांस आई – यह भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट की सुपरसोनिक उड़ान से उत्पन्न 'सोनिक बूम' था। घबराहट भरा यह 'एयर शो' अनजाने में शहरवासियों के दिलों में डर पैदा कर गया, लेकिन अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कोई खतरा नहीं है।
हुआ आखिर? धमाके जैसी आवाज का राज
रात करीब 8 बजे के आसपास जोधपुर के मंडोर, बनाड़, सूरपुरा और आसपास के इलाकों में एक के बाद एक तेज धमाके की गूंज सुनाई दी। चश्मदीदों के मुताबिक, आवाज इतनी जोरदार थी कि जमीन हल्के से कांप गई, जैसे कोई भारी विस्फोट हो गया हो। सूरपुरा सफारी पार्क के एक कैफे के सीसीटीवी फुटेज में यह साफ नजर आ रहा है – अचानक तेज आवाज के साथ दरवाजा हिलता हुआ और आसपास का वातावरण थोड़ा सहम जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और फोटो में लोग घरों से बाहर भागते दिख रहे हैं, फोन पर पुलिस को कॉल करते हुए।पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) में फोन की बौछार आ गई। दर्जनों लोग घबराए हुए पूछ रहे थे – "क्या भूकंप आ गया? कोई बम फटा क्या?" जोधपुर के पुलिस कमिश्नरेट और जिला प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी किया। मौके पर पहुंची टीमों ने खनन क्षेत्रों, फैक्टरियों और संभावित खतरे वाले जोनों की जांच की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। अंततः भारतीय वायुसेना के सूत्रों ने पर्दा उठाया – यह 'सोनिक बूम' था, जो फाइटर जेट के सुपरसोनिक स्पीड (ध्वनि की गति से तेज) से उड़ते समय होता है।
सोनिक बूम क्या है? विज्ञान की वो 'दहाड़' जो दुश्मनों को चीर देती है
सोनिक बूम को आसान शब्दों में समझें तो यह एक तरह का 'ध्वनि विस्फोट' है। जब कोई फाइटर जेट ध्वनि की गति (लगभग 1,225 किमी/घंटा या माच 1) से तेज उड़ता है, तो हवा में दबाव की लहरें बन जाती हैं। ये लहरें जमीन पर पहुंचते ही धमाके जैसी तेज आवाज पैदा करती हैं। वैज्ञानिक भाषा में, यह 'शॉक वेव' कहलाती है, जो विमान के चारों ओर एक कोन जैसी संरचना बनाती है। इस घटना में वायुसेना के तीन फाइटर जेट (संभावित रूप से सुखोई या मिराज जैसे) जोधपुर एयरबेस से रूटीन ट्रेनिंग या अभ्यास पर थे। वे सुपरसोनिक स्पीड में उड़ रहे थे, लेकिन अचानक गति कम करने (डिसेंड) पर यह बूम पैदा हो गया। वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "यह सामान्य अभ्यास का हिस्सा है। जोधपुर जैसे एयरबेस के आसपास ऐसी घटनाएं कभी-कभी होती हैं, खासकर जब विमान साउंड बैरियर तोड़ते हैं।" याद रहे, 2019 में भी जोधपुर में ऐसी ही तीन घटनाएं हुई थीं, जब जगुआर जेट्स के अभ्यास से शहर हिल गया था।
शहर में फैली दहशत: भूकंप से विस्फोट तक, अफवाहों का बाजार गर्म
जोधपुर के आधे हिस्से में यह आवाज गूंजी, जिससे करीब 5 किलोमीटर के दायरे में दहशत फैल गई। मंडोर के निवासी रमेश स्वामी ने बताया, "रात को खाना खा रहे थे, अचानक जोरदार धमाका हुआ। लगा जैसे घर गिर जाएगा। बच्चे रोने लगे, हम सब बाहर भागे।" वहीं, बनाड़ की एक महिला ने कहा, "पहले भूकंप लगा, फिर सोचा कोई टेरर अटैक तो नहीं।" सोशल मीडिया पर #JodhpurBlast और #SonicBoomJodhpur जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कुछ ने इसे खनन ब्लास्टिंग बताया, तो कुछ ने पाकिस्तान सीमा के पास तनाव से जोड़ लिया।पुलिस ने तुरंत एडवाइजरी जारी की: "कोई खतरा नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें।" डीएम जोधपुर ने भी ट्वीट कर कहा, "घटना की जांच पूरी, यह वायुसेना अभ्यास से जुड़ी है। सुरक्षित रहें।" वायुसेना ने भी स्पष्ट किया कि सभी पायलट सुरक्षित हैं और विमान बेस पर लौट चुके हैं।
वायुसेना का अभ्यास: 'महा गजराज' का हिस्सा या रूटीन ट्रेनिंग?
जोधपुर वायुसेना स्टेशन भारत का प्रमुख एयरबेस है, जहां सुखोई-30, मिराज-2000 और जगुआर जैसे घातक फाइटर जेट तैनात हैं। आज ही बाड़मेर-जालौर सीमा पर 'महा गजराज' युद्धाभ्यास चल रहा था, जहां भारतमाला एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी लैंडिंग का टेस्ट हो रहा था। हालांकि, सोनिक बूम की यह घटना उसी अभ्यास से जुड़ी मानी जा रही है। वायुसेना नियमित रूप से यहां ट्रेनिंग करती है, खासकर पाक सीमा के पास सतर्कता बनाए रखने के लिए। फरवरी 2025 में भी 'डेजर्ट हंट' अभ्यास के दौरान जोधपुर में विमानों की दहाड़ गूंजी थी।विशेषज्ञों का कहना है कि सोनिक बूम से बचाव के लिए उड़ान पथ तय होते हैं, लेकिन कभी-कभी मौसम या ट्रेनिंग की जरूरत से यह होता है। यह घटना वायुसेना की ताकत का प्रतीक भी है – जो दुश्मनों को चेतावनी देती है कि भारत का आसमान अभेद्य है।
प्रशासन की अपील और सबक
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं पर घबराएं नहीं, बल्कि आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें। भूकंप विभाग ने भी पुष्टि की कि कोई भूकंपीय गतिविधि नहीं थी। अगर भविष्य में ऐसी आवाज सुनें, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन (100) पर कॉल करें।यह घटना हमें याद दिलाती है कि शांति के पीछे कितनी मेहनत छिपी है। वायुसेना के जांबाज पायलट रात-दिन हमारी रक्षा के लिए आसमान में गरजते हैं। जोधपुरवासियों ने सोशल मीडिया पर वायुसेना को सलाम किया – "धन्यवाद, आपकी दहाड़ से हम सुरक्षित हैं!"