IITian Baba Abhishek Mishra: कौन है IITian बाबा जो खुद को बताता था कृष्ण का अवतार? युवतियों के शोषण के आरोप में गिरफ्तार
मथुरा से गिरफ्तार IIT रुड़की के पूर्व छात्र अभिषेक मिश्रा उर्फ IITian बाबा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस जांच में मोबाइल फोन से कई युवतियों के साथ फोटो-वीडियो, चैट और आर्थिक लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं, जिनकी गहन जांच जारी है।
मथुरा से गिरफ्तार IIT रुड़की के पूर्व छात्र अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास को लेकर रोज नए खुलासे सामने आ रहे हैं। कभी ऑनलाइन गीता प्रवचन और आध्यात्मिक चर्चाओं के जरिए लोगों को प्रभावित करने वाला यह युवक अब गंभीर आरोपों के चलते पुलिस जांच के घेरे में है।
एक युवती की शिकायत के बाद दर्ज हुए दुष्कर्म मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और आर्थिक गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में मिले कुछ डिजिटल सबूतों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
IIT से इंजीनियरिंग, फिर बना कथावाचक
जानकारी के अनुसार, अभिषेक मिश्रा ने IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने खुद को आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में पेश करना शुरू किया। वह यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धार्मिक प्रवचन और भगवद्गीता से जुड़े वीडियो साझा करता था।
बताया जा रहा है कि उसकी अच्छी शिक्षा, प्रभावशाली बोलने की शैली और आध्यात्मिक छवि के कारण बड़ी संख्या में युवक-युवतियां उससे जुड़ने लगी थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह संपर्क किन परिस्थितियों में व्यक्तिगत रिश्तों में बदला।
गंधर्व विवाह का दावा और गंभीर आरोप
एफआईआर के अनुसार, एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि अभिषेक मिश्रा ने उसे यह विश्वास दिलाया कि दोनों का 'गंधर्व विवाह' हो चुका है। युवती का आरोप है कि इसी आधार पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए।
पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार किया गया। अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या अन्य महिलाओं के सामने भी इसी तरह के दावे किए गए थे।
मोबाइल फोन से मिले अहम सुराग
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी के मोबाइल फोन से कई फोटो, वीडियो और चैट रिकॉर्ड मिले हैं। पुलिस इन डिजिटल सामग्रियों की सत्यता की जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, मोबाइल में कई युवतियों के संपर्क नंबर, चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले हैं। इनमें कुछ उच्च शिक्षित युवतियों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर किसी पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
फिलहाल डिजिटल डेटा को फोरेंसिक जांच के लिए भी भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपी का नेटवर्क कितना बड़ा था।
परिवारों से आर्थिक मदद मंगवाने के आरोप
जांच के दौरान एक और पहलू सामने आया है। कुछ लोगों का आरोप है कि आरोपी अपने साथ रहने वाले युवक-युवतियों के परिवारों से आर्थिक सहायता मंगवाता था।
पुलिस अब बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और अन्य आर्थिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या किसी प्रकार का दबाव या प्रभाव बनाकर पैसे मंगवाए गए थे।
गोवर्धन में रहता था समूह
स्थानीय लोगों के अनुसार, गोवर्धन स्थित उसके ठिकाने पर एक समय दो दर्जन से ज्यादा युवक-युवतियों का आना-जाना था। धीरे-धीरे कई लोग वहां से अलग हो गए।
पुलिस कार्रवाई के दौरान दो युवतियों और एक युवक को वहां से सुरक्षित निकाला गया था। बाद में उन्हें उनके परिवारों के सुपुर्द कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर उनकी काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
पुलिस के सामने अभी कई सवाल
अभिषेक मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऑनलाइन प्रवचन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से शुरू हुई यह कहानी इतने गंभीर आरोपों तक कैसे पहुंची।
पुलिस अब मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया गतिविधियों, आर्थिक लेन-देन और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
IITian बाबा अभिषेक मिश्रा का मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। यह मामला सोशल मीडिया प्रभाव, आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर बने संबंधों और कथित दुरुपयोग के आरोपों से जुड़ा हुआ है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।