The UK Grooming Gang Scandal: 13 की उम्र में बनी शिकार, 3 साल में 700 लोगों ने किया रेप... ब्रिटेन संसद में सुनाई गई ग्रूमिंग गैंग की खौफनाक कहानी

ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव ने संसद में ग्रूमिंग गैंग पीड़ितों की दर्दनाक गवाहियां पढ़कर सुनाईं।

Jun 3, 2026 - 11:17
The UK Grooming Gang Scandal: 13 की उम्र में बनी शिकार, 3 साल में 700 लोगों ने किया रेप... ब्रिटेन संसद में सुनाई गई ग्रूमिंग गैंग की खौफनाक कहानी
ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव ने संसद में रोंगटे खड़े करने वाली गवाही पढ़कर सुनाई...

ब्रिटेन में फिर गरमाया ग्रूमिंग गैंग का मुद्दा

ब्रिटेन की संसद में एक बार फिर ग्रूमिंग गैंग (Grooming Gang) का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है। ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव ने संसद में दिए एक भावुक भाषण के दौरान कई पीड़ित महिलाओं और लड़कियों की गवाही पढ़कर सुनाई। इन गवाहियों में यौन शोषण, हिंसा, धमकियों, नस्लीय भेदभाव और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

लोव ने कहा कि दो सप्ताह तक चली एक स्वतंत्र जांच के दौरान जो बातें सामने आईं, उन्हें सुनकर कोई भी व्यक्ति हिल जाएगा। उनका कहना था कि इन पीड़ितों की आवाज दुनिया तक पहुंचनी चाहिए और अब केवल चर्चा नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।

रूपर्ट लोव ने दावा किया कि ब्रिटेन के कम से कम 85 क्षेत्रों में संगठित बाल यौन शोषण (Child Sexual Exploitation) के संकेत मिले हैं। उन्होंने संसद में कहा कि जांच के दौरान सामने आई सच्चाई इतनी भयावह है कि पूरी दुनिया को इसके बारे में जानना चाहिए।

संसद में सुनाई गईं रोंगटे खड़े कर देने वाली गवाहियां

रूपर्ट लोव ने कई पीड़ितों के बयान पढ़े। इनमें कुछ ऐसे आरोप शामिल थे जिन्होंने पूरे ब्रिटेन को झकझोर दिया।

एक पीड़िता ने बताया कि जब वह सिर्फ 13 साल की थी, तभी उसका शोषण शुरू हो गया था। उसने दावा किया कि अगले तीन वर्षों में करीब 600 से 700 अलग-अलग पुरुषों ने उसके साथ रेप किया।

एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि कई लोगों ने उसे पकड़कर रखा और बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती थी।

एक गवाही में यह भी दावा किया गया कि कुछ लड़कियों को ड्रग्स देकर अलग-अलग लोगों के पास भेजा जाता था। कुछ महिलाओं ने कहा कि उन्हें बंद कमरों और पिंजरों जैसी जगहों में रखा गया और उनके साथ लगातार अत्याचार किए गए।

नस्लीय और धार्मिक भेदभाव के भी आरोप

जांच में शामिल कुछ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि अपराधी उनकी जाति और धर्म को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करते थे।

एक पीड़िता के अनुसार, कुछ आरोपी गोरी और ईसाई लड़कियों को कमतर बताते थे, जबकि मुस्लिम लड़कियों को अधिक सम्मानित बताते थे। पीड़ितों का कहना है कि इस तरह की बातें उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करने और उन पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए की जाती थीं।

एक अन्य महिला ने बताया कि उसका धार्मिक प्रतीक और उसकी आस्था का भी मजाक उड़ाया गया, जिससे उसे मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की गई।

पुलिस और सरकारी संस्थाओं पर भी उठे सवाल

रूपर्ट लोव ने अपने भाषण में कहा कि कई गवाहियों में पुलिस, स्वास्थ्य सेवाओं और बाल संरक्षण संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके साथ शोषण करने वालों में कुछ पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। वहीं कुछ पीड़ितों ने कहा कि जब उन्होंने अस्पताल या संबंधित एजेंसियों से मदद मांगी, तब उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।

लोव का आरोप है कि कई सरकारी अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और चिल्ड्रन होम के कर्मचारियों ने वर्षों तक कमजोर और असहाय बच्चों की सुरक्षा करने में लापरवाही बरती।

क्या है ग्रूमिंग गैंग?

ब्रिटेन में "ग्रूमिंग गैंग" शब्द उन संगठित गिरोहों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो कम उम्र की लड़कियों को पहले अपने भरोसे में लेते हैं और बाद में उनका यौन शोषण करते हैं।

ऐसे मामलों में अक्सर:

  • दोस्ती और भरोसा जीतना
  • उपहार या पैसे का लालच देना
  • ड्रग्स का इस्तेमाल करना
  • धमकी और ब्लैकमेल करना
  • हिंसा के जरिए चुप कराना

जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं।

पाकिस्तानी मूल के आरोपियों को लेकर फिर बहस

रूपर्ट लोव ने अपने भाषण में कहा कि पिछले वर्षों में सामने आए कई मामलों में पाकिस्तानी मूल के पुरुषों का नाम सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे नेटवर्क दशकों से सक्रिय रहे हैं और इनका दायरा पहले के अनुमान से कहीं बड़ा हो सकता है।

हालांकि ब्रिटेन में इस विषय को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई उनकी जाति या धर्म नहीं बल्कि उनके अपराधों के आधार पर होनी चाहिए।

85 से ज्यादा इलाकों में मिले संकेत

लोव के अनुसार, उनकी टीम द्वारा की गई निजी जांच में पूरे ब्रिटेन के कम से कम 85 क्षेत्रों में गिरोह आधारित बाल यौन शोषण के संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी, जिससे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

ब्रिटेन का ग्रूमिंग गैंग कांड देश के सबसे गंभीर अपराध मामलों में गिना जाता है। संसद में रूपर्ट लोव द्वारा पढ़ी गई गवाहियों ने एक बार फिर इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। पीड़ितों के आरोपों ने पुलिस, प्रशासन और बाल सुरक्षा तंत्र की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े किए हैं।

अब सभी की नजर आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि इन मामलों की वास्तविक तस्वीर क्या है और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।