गुड़ामालानी को जिला बनाने की पुरानी मांग फिर तेज: संघर्ष समिति ने सीएम को सौंपा ज्ञापन, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी 10 दिनों से धरने पर
राजस्थान सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना (2 जनवरी 2026 को सार्वजनिक) से बाड़मेर-बालोतरा जिलों की सीमाओं में फेरबदल हुआ, जिसमें गुड़ामालानी और धोरीमन्ना को बालोतरा जिले में शामिल कर दिया गया। इससे क्षेत्रवासियों में रोष है। गुड़ामालानी जिला संघर्ष समिति ने 2022 से चली आ रही मांग को दोहराते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जिला नहीं बनाया गया तो आंदोलन तेज होगा। पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी पिछले 10 दिनों से शीतलहर में धरने पर बैठे हैं। धोरीमन्ना में 14 जनवरी को जन आक्रोश रैली प्रस्तावित है, जिसमें सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा शामिल होंगे। स्थानीय लोग प्रशासनिक सुविधाओं और विकास के लिए गुड़ामालानी को अलग जिला बनाने की मांग कर रहे हैं।
राजस्थान के बाड़मेर क्षेत्र में प्रशासनिक सीमाओं के हालिया बदलाव के बाद गुड़ामालानी को अलग जिला बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ गई है। बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में फेरबदल के विरोध और असंतोष के बीच स्थानीय लोग गुड़ामालानी को स्वतंत्र जिला घोषित करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि: बाड़मेर-बालोतरा सीमाओं में बदलाव
राजस्थान सरकार ने 31 दिसंबर 2025 की तारीख से एक अधिसूचना जारी की, जो 2 जनवरी 2026 की रात को सार्वजनिक हुई। इस नोटिफिकेशन के तहत बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं का पुनर्गठन किया गया। मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:बायतु उपखंड को बालोतरा से हटाकर फिर से बाड़मेर जिले में शामिल किया गया।धोरीमन्ना और गुड़ामालानी उपखंड को बाड़मेर से हटाकर बालोतरा जिले में स्थानांतरित कर दिया गया।इस फैसले से बालोतरा जिले में अब 5 उपखंड (बालोतरा, सिणधरी, सिवाना, धोरीमन्ना और गुड़ामालानी), 9 तहसील और 5 उपतहसील शामिल हो गए हैं। वहीं बाड़मेर में 7 उपखंड, 11 तहसील और 7 उपतहसील रह गए हैं। यह बदलाव जनगणना प्रक्रिया शुरू होने से पहले किया गया, जिसके बाद मई 2027 तक सीमाओं में कोई संशोधन संभव नहीं।
गुड़ामालानी में रोष और आंदोलन
इस पुनर्गठन से गुड़ामालानी और धोरीमन्ना के लोगों में भारी असंतोष है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गुड़ामालानी को बालोतरा में शामिल करने से प्रशासनिक सुविधाएं प्रभावित होंगी और क्षेत्र का विकास रुक सकता है। गुड़ामालानी जिला संघर्ष समिति ने 2022 से लगातार इस मांग को उठाया है। पूर्ववर्ती सरकार में भी गुड़ामालानी को जिला बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन अब वर्तमान फैसले से जनता संतुष्ट नहीं है।
सोमवार को संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन गुड़ामालानी एसडीएम केशव कुमार मीणा को सौंपा। समिति के प्रवक्ता एडवोकेट चंद्र प्रकाश शर्मा ने कहा:गुड़ामालानी की जनता इस फैसले से खुश नहीं है।2022 से पोस्टकार्ड अभियान, हस्ताक्षर अभियान, ईमेल और ट्विटर के माध्यम से मांग की जा रही है।यदि मांग शीघ्र पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।जिला बनने से प्रशासनिक सुविधाएं बढ़ेंगी और समग्र विकास होगा।ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख लोग: पूर्व प्रधान बिजलाराम चौहान, किसान नेता प्रहलाद सियोल, आरएलपी नेता ताजाराम सियाग, पर्यावरण प्रेमी दिनेश कड़वासरा, एडवोकेट डालूराम चौधरी, निंबाराम चौधरी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शंकरलाल सुंदेशा, मांगीलाल सियाग आदि।
पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी का धरना
उधर, गुड़ामालानी और धोरीमन्ना को बालोतरा में शामिल करने के विरोध में पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी पिछले 10 दिनों से शीतलहर में धरने पर बैठे हैं। धोरीमन्ना में उनका धरना जारी है। हेमाराम चौधरी गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रह चुके हैं और क्षेत्र के वरिष्ठ नेता हैं। उनका कहना है कि यह फैसला भूगोल, भौगोलिक स्थिति और जनता की सुविधाओं के खिलाफ है।
धोरीमन्ना में जन आक्रोश रैली की तैयारी
धोरीमन्ना में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 14 जनवरी को जन आक्रोश रैली का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा शामिल होंगे।