“रामगंज मंडी में मेंटल हॉस्पिटल!” – डोटासरा का तंज, दीया कुमारी ने कहा- जर्जर स्कूलों पर शर्म आनी चाहिए
राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने 2025 का बजट पेश करते हुए कविता से शुरुआत की। उन्होंने फागुनिया (बंधेज) साड़ी पहनकर राजस्थानी परंपरा दिखाई। बजट भाषण में मानसिक स्वास्थ्य सेल की घोषणा पर सदन में ठहाके गूंजे। कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने तंज कसा कि "मेंटल हॉस्पिटल रामगंज मंडी में ही बनाओ"। विपक्ष ने जर्जर स्कूलों पर सरकार को घेरा, जबकि दीया कुमारी ने "तुम चलो तो सही" कविता के साथ बजट का समापन किया। सदन में हंसी-ठिठोली, पर्ची और तीखे वार-पलटवार का दौर चला।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री दीया कुमारी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया। भाषण की शुरुआत उन्होंने कश्ती और तूफान वाली मार्मिक पंक्तियों से की, जो तुरंत सदन का माहौल बना देने में कामयाब रहीं:
कश्ती चलाने वालों ने जब हार के दी पतवार हमें
लहर-लहर तूफान मिले और संग-संग मझधार हमें
फिर भी दिखाया है हमने और आगे भी दिखा देंगे
इन हालात में भी आता है दरिया करना पार हमें
दीया कुमारी लाल-सफेद रंग की फागुनिया (बंधेज) साड़ी में सदन में पहुंचीं, जिससे उन्होंने फागुन महीने और राजस्थानी परंपरा के प्रति जुड़ाव को खूब प्रदर्शित किया। इससे पहले भी उन्होंने फाग की चुनरी पहनकर सदन में कदम रखा था।
कविता से संदेश, समर्पण का आह्वान
बजट भाषण में दीया कुमारी ने कवि सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियों का सहारा लिया:
चलो नई मिसाल हो, जलो नई मिसाल हो
बढ़ो नया कमाल हो, झुको नहीं, रुको नहीं
बढ़े चलो, बढ़े चलो
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार “कम भोज, कम बोझ, अधिक भरोसा और तेज फैसला” के सिद्धांत पर काम कर रही है। प्रजा के सुख में राजा का सुख होने का प्राचीन सूत्र भी उन्होंने दोहराया।
सदन में हंसी-ठिठोली का दौर
“महाराज, मेंटल हॉस्पिटल देना ही है तो रामगंज मंडी में ही दिया जाए, किसी दूसरी जगह नहीं।”
- कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने डोटासरा को एक पर्ची भेजी, जिसे पढ़कर डोटासरा मुस्कुराए और जेब में रख लिया।
- डोटासरा ने दीया कुमारी से कहा, “भाषण नहीं, बजट पढ़िए।”
- जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए 550 करोड़ की घोषणा पर डोटासरा ने तंज कसा: “20 हजार करोड़ की जरूरत है, आपको शर्म आनी चाहिए।” विपक्षी विधायकों ने ‘शेम-शेम’ के नारे लगाए।
- किरोड़ी लाल मीणा सदन में 14 मिनट देर से पहुंचे तो डोटासरा ने कहा, “कृषि मंत्री सो गए हैं।” किरोड़ी ने जवाब दिया, “मैं अपनी तरह से जगा हुआ हूं।”
समापन फिर कविता सेबजट भाषण का अंत दीया कुमारी ने प्रेरणादायक पंक्तियों के साथ किया:
तुम दो कदम बढ़ाओ तो सही
हो जाएगा हर सपना साकार
तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि राजस्थान विधानसभा में बजट पेशी सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि कविता, परंपरा, तंज, हंसी और राजनीतिक ठहाकों का भी मेला होता है।