प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विज़न को राजस्थान में साकार करने वाले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ऐतिहासिक बजट 2026-27
राजस्थान का 2026-27 बजट (21.52 लाख करोड़ रुपये) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत @2047 विजन को साकार करता है। अर्थव्यवस्था 41.39% बढ़ी, प्रति व्यक्ति आय 2.02 लाख रुपये पहुंची। प्रमुख घोषणाएं: 6,800 करोड़ से पेयजल, 3,000 करोड़ से सोलर पार्क, 42,000 किमी सड़कें, 30,000 युवाओं को 10 लाख तक ब्याजमुक्त ऋण, किसानों को MSP बोनस, महिलाओं के लिए 1 करोड़ तक ऋण, ग्रीन बजट में 33,475 करोड़, और GYAN (गरीब-युवा-अन्नदाता-नारी शक्ति) पर फोकस। यह बजट सेवा, सुशासन और समृद्धि का प्रतीक है।
11 फरवरी 2026 को राजस्थान विधानसभा में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्रीमती दिया कुमारी द्वारा पेश किया गया राज्य का बजट 2026-27 न केवल आर्थिक आंकड़ों का संग्रह है, बल्कि यह 8 करोड़ राजस्थानवासियों के सपनों, आकांक्षाओं और भविष्य को मजबूत बनाने का एक व्यापक रोडमैप है। यह बजट "संकल्प से सिद्धि", "नीयत से नीति" और "आकांक्षा से उपलब्धि" के मंत्र पर आधारित है, जो प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदृष्टि—विशेष रूप से आधारभूत संरचना के माध्यम से स्थायी विकास—को धरातल पर उतारता है।
भजनलाल शर्मा सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन और डबल इंजन की ताकत से राजस्थान की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार पिछली सरकार के अंतिम वर्ष की तुलना में 41.39 प्रतिशत बढ़कर 2026-27 में 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये अनुमानित है। प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 67 हजार रुपये से बढ़कर 2 लाख 2 हजार 349 रुपये तक पहुंच गई है। पूंजीगत व्यय 53,978 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि राज्य के उपक्रमों सहित प्रभावी पूंजीगत व्यय 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक है—यह राजस्थान के इतिहास का सबसे बड़ा विकास बजट है।
आधारभूत संरचना: मोदी जी की सोच का राजस्थान संस्करण
प्रधानमंत्री मोदी जी के "अगर स्थायी विकास चाहिए तो पहले इंफ्रास्ट्रक्चर" के सिद्धांत को अपनाते हुए इस बजट में सड़क विकास पर जोर दिया गया है। इस कार्यकाल में 27,860 करोड़ रुपये व्यय कर 42,000 किलोमीटर सड़कों का विकास किया गया, जिसमें 16,430 किलोमीटर नई सड़कें शामिल हैं। प्रमुख परियोजनाओं में जयपुर की 560 करोड़ की एलीवेटेड रोड, जोधपुर में 50 करोड़ के अंडरपास, 250 अटल प्रगति पथ और AI आधारित Intelligent Transport System शामिल हैं। ये कदम प्रदेश को विकसित भारत @2047 के अनुरूप तैयार कर रहे हैं।
हर घर नल से जल: प्रधानमंत्री के संकल्प की पूर्ति
"हर घर नल से जल" योजना को तेजी से लागू करने के लिए 24,000 करोड़ रुपये की 400 से अधिक पेयजल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। अब तक 14 लाख से अधिक ग्रामीण जल कनेक्शन दिए गए हैं, और अगले वर्ष 3 लाख नए कनेक्शन का लक्ष्य है। बीसलपुर परियोजना से 750 करोड़ की लागत से 1,000 गांवों को जोड़ा जाएगा। बजट में पेयजल के लिए कुल 6,800 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्र शामिल हैं।
किसानों का कल्याण: अन्नदाता को समृद्धि
किसानों के लिए यह बजट ऐतिहासिक है। किसान सम्मान निधि से 76.18 लाख किसानों को 10,900 करोड़ की सहायता दी गई। गेहूं पर MSP के साथ 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस, 2 लाख 5 हजार से अधिक कृषि विद्युत कनेक्शन और शेखावाटी क्षेत्र तक यमुना जल लाने की 32,000 करोड़ की परियोजना चल रही है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 11,300 करोड़ का प्रावधान है, जिसमें 25,000 करोड़ के ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण (सरकार 800 करोड़ ब्याज वहन करेगी), 50 हजार नए सोलर पंप और ड्रिप-स्प्रिंकलर सब्सिडी शामिल हैं।
युवाओं का उज्ज्वल भविष्य
युवा सशक्तिकरण पर फोकस करते हुए मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना के तहत 30,000 युवाओं को 10 लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण दिया जाएगा, जिस पर 1,000 करोड़ से अधिक व्यय होगा। राजस्थान राज्य परीक्षण एजेंसी (RSTA) की स्थापना से परीक्षाओं में पारदर्शिता आएगी। DREAM कार्यक्रम से 50,000 विद्यार्थियों को डिजिटल मेंटोरिंग मिलेगी। अजमेर, भरतपुर और कोटा में 300 करोड़ के टेक्नो हब, 1,000 विद्यालयों में IIT दिल्ली के सहयोग से AI लैब और मेधावी छात्रों को 20,000 रुपये के ई-वाउचर (लैपटॉप/टैबलेट के लिए) जैसे कदम राजस्थान को डिजिटल इंडिया का лидер बना रहे हैं।
नारी शक्ति का उत्थान
प्रधानमंत्री मोदी जी के "नारी शक्ति" संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में महिलाओं एवं SHG की ऋण सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की गई है। लखपति दीदी, सोलर दीदी और मुख्यमंत्री सुपोषण योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं।
औद्योगिक विकास और निवेश
जोधपुर-पाली मारवाड़ में 3,600 हेक्टेयर का विशाल औद्योगिक क्षेत्र 600 करोड़ से विकसित होगा। जयपुर, अजमेर, दीदवाना-कुचामन, टोंक आदि में नए औद्योगिक पार्क स्थापित होंगे। RIPS-2024 के तहत ब्याज अनुदान सेवा क्षेत्र तक विस्तारित। 14 नए राजस्थान फाउंडेशन चैप्टर वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करेंगे।
पर्यावरण और हरित विकास
ग्रीन बजट की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए 33,475 करोड़ का प्रावधान (पिछले वर्ष से 20% अधिक)। वन्यजीव वैलोराइजेशन पर 1,500 करोड़, अरावली संरक्षण पर 130 करोड़ और 2047 तक 20 प्रतिशत ग्रीन कवर का लक्ष्य। सोलर पार्क के लिए बीकानेर और जैसलमेर में 3,000 करोड़ (मुख्यतः 2,950 करोड़) का प्रावधान।
सामाजिक सुरक्षा और अन्य क्षेत्र
91 लाख से अधिक लाभार्थियों को 28,400 करोड़ की पेंशन। राज-ममता मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम। श्रमिकों के लिए RPL प्रमाणीकरण, आत्मनिर्भरता केंद्र और भाषा प्रशिक्षण।यह बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति (GYAN) के चार स्तंभों पर टिका है—सेवा, समर्पण और सुशासन का प्रतीक। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी का स्पष्ट संदेश है: राजस्थान अब रुकने वाला नहीं। प्रधानमंत्री मोदी जी के विकसित भारत @2047 के स्वप्न में राजस्थान अग्रणी भूमिका निभाएगा। जैसा बजट भाषण में कहा गया—"राह में मुश्किल होगी हजार, तुम दो कदम बढ़ाओ तो सही, हो जायेगा हर सपना साकार"। यही भजनलाल शर्मा सरकार का विश्वास और संकल्प है।