ऑनलाइन गेमिंग की लत ने 14 साल के नाबालिग को बनाया चोर: पड़ोसी के घर में तीन बार चोरी, साढ़े तीन लाख कैश और लाखों के गहने उड़ाए; ज्वेलर और दोस्त गिरफ्तार
भीलवाड़ा में 14 वर्षीय नाबालिग ने ऑनलाइन गेम (फायरफॉक्स) में रिचार्ज करवाने की लत के कारण पड़ोसी के घर में तीन बार चोरी की। पहले छोटी रकम, फिर साढ़े तीन लाख कैश और लाखों के गहने चुराए। पुलिस ने नाबालिग को डिटेन किया, उसके दोस्त और ज्वेलर को गिरफ्तार किया। गेमिंग की लत ने डोपामाइन रिलीज से बच्चे को बार-बार अपराध की ओर धकेला। जांच जारी, गेम आईडी देने वालों की तलाश।
भीलवाड़ा, राजस्थान – ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत ने एक बार फिर खतरनाक रूप दिखाया है। यहां 14 वर्षीय नाबालिग ने सिर्फ गेम में रिचार्ज करवाने के लिए पड़ोसी के घर में तीन बार चोरी की। पहली दो बार में छोटी रकम चुराई, लेकिन तीसरी बार में उसने साढ़े तीन लाख रुपये कैश और लाखों रुपये के गहने उड़ा लिए। पुलिस ने नाबालिग को डिटेन किया है, साथ ही उसके एक दोस्त और चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर को भी गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का विवरण
थाना सुभाष नगर क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने 20 जनवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके दो मकान हैं, जिनमें से एक मकान रात के समय खाली रहता है। मकान के पीछे की ओर एक खिड़की अक्सर खुली रहती थी, जिसका फायदा उठाकर कोई व्यक्ति घर में घुसकर चोरी कर रहा था।पहली बार चोर ने छोटी रकम चुराई, जिस पर किसी को शक नहीं हुआ। फिर दूसरी बार भी वही खिड़की से घुसकर कुछ कैश उठा ले गया। लेकिन तीसरी बार वारदात बड़ी हो गई – चोर ने करीब 3.5 लाख रुपये नकद और लाखों के गहने चुरा लिए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और CCTV फुटेज, स्थानीय पूछताछ के आधार पर नाबालिग को डिटेन कर लिया।
नाबालिग ने कबूला – गेमिंग लत का शिकार
पूछताछ में नाबालिग ने पूरा सच कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह मोबाइल पर ऑनलाइन गेम 'फायरफॉक्स' (संभवतः फ्री फायर या इसी तरह का कोई पॉपुलर बैटल रॉयल गेम, जिसे लोकल भाषा में फायरफॉक्स कहा जा रहा है) खेलता था। गेम में रिचार्ज करवाना पड़ता था, जिसमें डायमंड्स, अपग्रेड्स या इन-गेम करेंसी खरीदनी होती थी।जब उसका रिचार्ज खत्म होता, तो वह चोरी के पैसे से दोबारा रिचार्ज करवाता था। गेमिंग की लत इतनी गहरी हो चुकी थी कि बार-बार चोरी करने पर मजबूर हो गया। पहले छोटी-मोटी चोरियां कीं, लेकिन लत बढ़ने के साथ रकम भी बड़ी होती गई।
दोस्त और ज्वेलर भी शामिल
जांच के दौरान पता चला कि नाबालिग अकेला नहीं था। उसका एक दोस्त भी इस वारदात में शामिल था, जिसने चोरी में मदद की। पुलिस ने दोस्त को गिरफ्तार कर 4 दिन की रिमांड पर लिया है।चुराए गए गहनों को नाबालिग ने एक स्थानीय ज्वेलर को बेच दिया था। पुलिस ने उस ज्वेलर को भी पकड़ लिया और 1 दिन की रिमांड पर लिया है। चोरी के सामान की बरामदगी और अन्य संबंधित चोरियों की जांच जारी है।थाना प्रभारी कैलाश चंद्र ने बताया कि नाबालिग को गेमिंग आईडी और रिचार्ज सुविधा देने वाले व्यक्ति की तलाश की जा रही है। उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मनोचिकित्सक की चेतावनी – गेमिंग लत का खतरनाक असर
मनोचिकित्सक डॉ. वीरभान चंचलानी ने इस मामले पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग बच्चों के दिमाग पर गहरा असर डाल रही है। गेम खेलने पर ब्रेन में डोपामाइन रिलीज होता है, जो खुशी और उत्साह की फीलिंग देता है। इससे बच्चे बार-बार गेम खेलने के आदी हो जाते हैं।ज्यादातर गेम शुरू में फ्री होते हैं, लेकिन जल्द ही अपग्रेड, स्किन्स, कैरेक्टर्स या एक्स्ट्रा लाइफ के लिए पैसे मांगने लगते हैं। तब तक लत लग चुकी होती है, और बच्चा पैसे जुटाने के लिए गलत रास्ते पर चला जाता है – जैसे चोरी, झूठ या अन्य अपराध।