न्हावा शेवा पोर्ट पर DRI की बड़ी कार्रवाई: 9.25 करोड़ के प्रतिबंधित वॉकी-टॉकी और HDD जब्त, पिता-पुत्र गिरफ्तार

नवी मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट पर DRI ने 9.25 करोड़ के प्रतिबंधित वॉकी-टॉकी और HDD जब्त किए, अवैध आयात मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार।

Mar 22, 2026 - 12:06
न्हावा शेवा पोर्ट पर DRI की बड़ी कार्रवाई: 9.25 करोड़ के प्रतिबंधित वॉकी-टॉकी और HDD जब्त, पिता-पुत्र गिरफ्तार

नवी मुंबई | राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नवी मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह पर भारी मात्रा में प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया है। इस कार्रवाई में 11,060 वॉकी-टॉकी सेट और सेकंड-हैंड हार्ड डिस्क ड्राइव (HDDs) बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 9.25 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

शनिवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस मामले में मुंबई की दो फर्मों से जुड़े एक पिता-पुत्र को सीमा शुल्क अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर बिना आवश्यक अनुमति के प्रतिबंधित सामान आयात करने का आरोप है।

खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई

DRI को मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर अधिकारियों की टीम ने न्हावा शेवा पोर्ट पर छापेमारी की। जांच के दौरान 2.5 करोड़ रुपये कीमत के बाओफेंग बीएफ-888एस वॉकी-टॉकी और 6.75 करोड़ रुपये के सेकंड-हैंड हार्ड डिस्क ड्राइव जब्त किए गए।

अधिकारियों ने बताया कि इन प्रतिबंधित सामानों को करीब 21 करोड़ रुपये के अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के बीच छिपाकर रखा गया था, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।

चीन से आए कंटेनरों में छिपाया गया माल

जांच में सामने आया कि यह पूरा माल चीन से भेजे गए आठ कंटेनरों में आया था। कुल 30.25 करोड़ रुपये के इस कंसाइनमेंट को गलत घोषणा (मिसडिक्लेरेशन) के आरोप में जब्त कर लिया गया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

जब्त किए गए बाओफेंग बीएफ-888एस वॉकी-टॉकी को दूरसंचार विभाग द्वारा पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। ये डिवाइस निर्धारित फ्रीक्वेंसी से बाहर काम करते हैं और इनका उपयोग अनधिकृत संचार के लिए किया जा सकता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होता है।

इन उपकरणों के आयात और उपयोग के लिए विशेष लाइसेंस आवश्यक होता है, जो इस मामले में नहीं लिया गया था।

ई-कचरे के नियमों का उल्लंघन

इसके अलावा, जब्त की गई सेकंड-हैंड हार्ड डिस्क ड्राइव (HDDs) को ई-कचरे की श्रेणी में रखा जाता है। इनके आयात के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की अनुमति जरूरी होती है, जो आरोपियों ने नहीं ली थी।

जांच जारी

फिलहाल DRI इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध आयात के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

Kashish Sain Bringing truth from the ground