कमीशन कांड में घिरीं दो महिला विधायक सदाचार समिति के सामने पेश हुईं अनीता जाटव और ऋतु बनावत, अब बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा की बारी!

राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति ने MLA फंड से काम की सिफारिश के बदले कमीशन मांगने के आरोप में कांग्रेस विधायक अनीता जाटव (हिंडौन) और निर्दलीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत (बयाना) से पूछताछ की। दोनों महिला विधायक समिति के सामने पेश हुईं। यह मामला दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन से सामने आया था, जिसमें बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा भी शामिल हैं। अब डांगा से भी पूछताछ होने वाली है।

Dec 19, 2025 - 13:03
कमीशन कांड में घिरीं दो महिला विधायक  सदाचार समिति के सामने पेश हुईं अनीता जाटव और ऋतु बनावत, अब बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा की बारी!

जयपुर: राजस्थान की सियासत में भूचाल मचाने वाले विधायक निधि (MLA-LAD फंड) कमीशन घोटाले में आज बड़ा अपडेट सामने आया है। विधानसभा की सदाचार समिति ने विधायक फंड से विकास कार्यों की सिफारिश के बदले कमीशन मांगने के गंभीर आरोपों में कांग्रेस की हिंडौन विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत से व्यक्तिगत रूप से पूछताछ की।

दोनों महिला विधायक आज सदाचार समिति के सामने पेश होने के लिए विधानसभा पहुंचीं और समिति के अध्यक्ष कैलाश वर्मा की अगुवाई में उनसे विस्तृत सवाल-जवाब किए गए।यह मामला दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन से उजागर हुआ था, जिसमें तीन विधायकों पर विधायक निधि से स्कूलों में दरी-कारपेट जैसे कार्यों की सिफारिश के एवज में 40% तक कमीशन मांगने के आरोप लगे। स्टिंग में खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा ने 50 लाख के काम के लिए 40% कमीशन की बात कही, अनीता जाटव के करीबी ने 80 लाख के काम की सिफारिश के बदले 50 हजार रुपए लिए, जबकि ऋतु बनावत के पति ने 40 लाख की डील फाइनल की।इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत तीनों विधायकों के MLA-LAD फंड खाते फ्रीज कर दिए और उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामले को सदाचार समिति को सौंपा, जिसने तीनों को नोटिस जारी किया। आज अनीता जाटव और ऋतु बनावत से पूछताछ पूरी हो चुकी है, जबकि बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा से जल्द सवाल किए जाने की संभावना है।बीजेपी और कांग्रेस ने अपने-अपने विधायकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। निर्दलीय ऋतु बनावत ने आरोपों को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि वे समिति में अपना पक्ष रखेंगी और कानूनी कार्रवाई करेंगी। अनीता जाटव ने भी आरोपों को आधारहीन बताया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी, जो राजस्थान की राजनीति में बड़ा उलटफेर ला सकती है।यह मामला जनप्रतिनिधियों की गरिमा और जनता के विश्वास पर सवाल उठाता है, और सरकार भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाए हुए है।