11 सीटों की कमी क्यों रोक रही है थलापति विजय को CM बनने से? कांग्रेस के 5 विधायक तैयार, AIADMK में टूट से पलट सकता है पूरा खेल!
108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद Tamilaga Vettri Kazhagam बहुमत से दूर है। क्या गठबंधन, टूट-फूट या वॉकआउट से बनेगी सरकार? तमिलनाडु में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। सुपरस्टार से नेता बने Thalapathy Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े 118 से अभी भी दूर है। स्थिति और दिलचस्प तब हो जाती है जब यह ध्यान में आता है कि विजय खुद दो सीटों से जीते हैं और उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। ऐसे में पार्टी की प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी। यानी सरकार बनाने के लिए अभी भी 11 विधायकों की जरूरत है।
गठबंधन की राजनीति तेज
सूत्रों के मुताबिक TVK ने सरकार बनाने के लिए जोड़-तोड़ शुरू कर दी है।
- Indian National Congress के 5 विधायकों का समर्थन लगभग तय माना जा रहा है
- बाकी संख्या पूरी करने के लिए
- Viduthalai Chiruthaigal Katchi
- Communist Party of India
- Communist Party of India (Marxist)
से बातचीत जारी है
बताया जा रहा है कि समर्थन के बदले मंत्री पदों का ऑफर भी दिया जा सकता है। कांग्रेस को 2 और अन्य पार्टियों को 3-4 मंत्री पद मिलने की संभावना है।
संभावना 1: कांग्रेस छोड़े DMK का साथ?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस Dravida Munnetra Kazhagam का साथ छोड़कर विजय के साथ जाएगी? कांग्रेस के अंदरूनी सूत्र संकेत दे रहे हैं कि हाईकमान पहले से ही विजय के साथ गठबंधन चाहता था। ऐसे में DMK से दूरी बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं हो सकता।
संभावना 2: AIADMK में टूट?
TVK की नजर All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के विधायकों पर भी है। सूत्रों का दावा है कि कुछ नेता संपर्क में हैं और पार्टी में टूट की कोशिश हो सकती है। पॉलिटिकल एनालिस्ट मानते हैं कि AIADMK के साथ गठबंधन विजय के लिए सबसे सुरक्षित रास्ता हो सकता है।
संभावना 3: DMK का समर्थन लगभग नामुमकिन
पूर्व मुख्यमंत्री M. K. Stalin की पार्टी DMK ने साफ संकेत दिए हैं कि वे विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे।
विश्लेषकों का कहना है कि विजय ने अपने पूरे चुनाव अभियान में DMK सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, ऐसे में अब उसी पार्टी से समर्थन लेना राजनीतिक रूप से नुकसानदायक हो सकता है।
संभावना 4: फ्लोर टेस्ट में गेम पलट सकता है
एक और दिलचस्प विकल्प फ्लोर टेस्ट के दौरान सामने आ सकता है। अगर विपक्ष के 30-32 विधायक सदन से वॉकआउट कर जाते हैं, तो बहुमत का आंकड़ा कम हो जाएगा। ऐसे में विजय कम संख्या के साथ भी सरकार बना सकते हैं। लेकिन यह रणनीति तभी सफल होगी जब विपक्ष पूरी तरह एकजुट न हो।
गवर्नर की भूमिका अहम
राज्यपाल के पास फिलहाल दो विकल्प हैं:
- विजय से 118 विधायकों का समर्थन पत्र मांगकर ही सरकार बनाने का न्योता दें
- या बिना समर्थन पत्र के शपथ दिलाकर बहुमत साबित करने का समय दें
दूसरा विकल्प विजय के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।
क्या बोले TVK?
TVK के चीफ प्रवक्ता फेलिक्स गेराल्ड का दावा है कि विजय 7 मई को शपथ ले सकते हैं और सरकार बनाने के लिए सभी विकल्पों पर काम चल रहा है।