चूरू में महिला कॉन्स्टेबल से गैंगरेप का सनसनीखेज मामला: पूर्व थानाधिकारी सहित 4 पुलिसकर्मियों पर आरोप

राजस्थान के चूरू जिले में एक महिला कॉन्स्टेबल ने पूर्व थानाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मियों पर 2017 से लंबे समय तक डरा-धमकाकर, नशीला पदार्थ पिलाकर और ब्लैकमेल करके गैंगरेप करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने हाल ही में शिकायत की, जिसके बाद आंतरिक जांच में आरोपों की प्रारंभिक पुष्टि हुई और एफआईआर दर्ज की गई। एसपी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन पीड़िता के निलंबन और पुरानी घटनाओं के कारण सभी पहलुओं की गहन जांच चल रही है।

Jan 8, 2026 - 14:09
चूरू में महिला कॉन्स्टेबल से गैंगरेप का सनसनीखेज मामला: पूर्व थानाधिकारी सहित 4 पुलिसकर्मियों पर आरोप

राजस्थान के चूरू जिले में पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला कॉन्स्टेबल ने पूर्व सिद्धमुख थानाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मियों पर गैंगरेप और लंबे समय तक यौन शोषण का आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि वर्ष 2017 से 2025 तक आरोपियों ने उसे डरा-धमकाकर, ब्लैकमेल करके और नशीला पदार्थ पिलाकर बार-बार रेप किया। यह मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता की शिकायत और शुरुआती घटना

महिला कॉन्स्टेबल ने दो सप्ताह पहले चूरू जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) जय यादव को एक लिखित परिवाद सौंपा था। एसपी के निर्देश पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की आंतरिक जांच की। प्रारंभिक जांच में आरोपों के कुछ आधार मिलने के बाद सिद्धमुख थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। बुधवार को पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2017 में उसकी ड्यूटी सरदारशहर क्षेत्र में लगी थी। उस समय बीकानेर से बिजली विभाग की एक टीम कार्रवाई के लिए आई थी। टीम के साथ विक्की नाम का एक युवक भी आया, जो खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बता रहा था। पीड़िता की विक्की से बातचीत शुरू हो गई। पहली बार टीम आने पर उसके साथ कुछ नहीं हुआ, लेकिन दूसरी बार जब टीम आई, तो उसकी जगह दूसरी महिला कॉन्स्टेबल की ड्यूटी थी।

आरोप है कि एक कॉन्स्टेबल ने पीड़िता को फोन करके कहा कि उसकी ड्यूटी लगी है। तड़के करीब 3:30 बजे वह थाने पहुंची। वहां से विक्की और एक कॉन्स्टेबल उसे एक होटल ले गए। वहां उसे नशीला पदार्थ पिलाकर रेप किया गया। पीड़िता का दावा है कि इसके बाद लंबे समय तक विभाग के ही कुछ कर्मियों ने उसे ब्लैकमेल करके और धमकाकर शोषण किया। पूर्व थानाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मी इस शोषण में शामिल बताए जा रहे हैं।

पुलिस की जांच और एसपी का बयान

चूरू एसपी जय यादव ने मामले पर कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है और निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता ने सात वर्ष पुरानी घटनाओं की शिकायत अब की है। उन्होंने बताया कि पीड़िता खुद दो महीने से गैरहाजिर चल रही थी और कुछ आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोपों के कारण निलंबित है। इसलिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को तेज कर दिया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन आंतरिक जांच में आरोपों की प्रारंभिक पुष्टि होने से मामला गंभीर हो गया है।

मामले का व्यापक प्रभाव

यह घटना पुलिस विभाग में महिलाओं की सुरक्षा और आंतरिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक महिला कॉन्स्टेबल का अपने ही विभाग के अधिकारियों और सहकर्मियों पर इतने गंभीर आरोप लगाना पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता को चुनौती देता है। पीड़िता के निलंबन और पुरानी घटनाओं का जिक्र आने से जांच में कई मोड़ आ सकते हैं, लेकिन फिलहाल पुलिस ने पीड़िता के बयानों को आधार बनाकर कार्रवाई शुरू की है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.