चीन ने खोजा 1,000 टन से अधिक का सोने का विशाल भंडार: शिनजियांग के कुनलून पहाड़ों में रिकॉर्ड तीसरी बड़ी सफलता

चीन ने शिनजियांग के कुनलून पहाड़ों में 1000 टन से अधिक सोने का विशाल भंडार खोजा, एक साल में तीसरी बार 1000 टन+ सोना मिला, वैश्विक स्तर पर दुर्लभ सफलता,

Nov 15, 2025 - 16:43
चीन ने खोजा 1,000 टन से अधिक का सोने का विशाल भंडार: शिनजियांग के कुनलून पहाड़ों में रिकॉर्ड तीसरी बड़ी सफलता

चाइना;  चीन ने एक बार फिर सोने की दुनिया को चौंका दिया है। देश के पश्चिमी हिस्से में स्थित शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र के कुनलून पर्वतमाला में एक दुर्लभ और विशाल सोने का भंडार खोजा गया है। सरकारी भूवैज्ञानिकों द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, इस भंडार में शुरुआती अनुमान के मुताबिक 1,000 टन से अधिक सोना मौजूद हो सकता है। यह खोज न केवल चीन की खनन क्षमता को मजबूत करती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सोने के बाजार को भी प्रभावित करने की क्षमता रखती है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की रिपोर्ट के अनुसार, यह एक साल के अंदर चीन को मिलने वाला तीसरा ऐसा बड़ा सोने का भंडार है, जो 1,000 टन की सीमा को पार करता है। इससे पहले लियाओनिंग प्रांत (उत्तर-पूर्व) और हुनान प्रांत (मध्य चीन) में दो अन्य प्रमुख खोजें हो चुकी हैं।

खोज का विवरण: कुनलून की गहराइयों से निकला 'सोने का पट्टा' कुनलून पर्वतमाला, जो तिब्बत के पठार के किनारे पर स्थित है, लंबे समय से भूवैज्ञानिकों के लिए रहस्यमयी रही है। यह क्षेत्र अपनी ऊंचाई (करीब 7,000 मीटर तक) और कठिन भू-आकृति के कारण पहुंचना मुश्किल होता है, लेकिन हाल के उन्नत सर्वेक्षण तकनीकों ने यहां छिपे खजाने को उजागर कर दिया। काशगार जियोलॉजिकल टीम के वरिष्ठ इंजीनियर हे फुबाओ और उनके सहयोगियों ने 4 नवंबर, 2025 को पीयर-रिव्यूड जर्नल Acta Geoscientica Sinica में प्रकाशित एक शोध पत्र में इस खोज का विवरण साझा किया।उनके अनुसार, "पश्चिमी कुनलून में 1,000 टन स्केल का सोने का पट्टा (गोल्ड बेल्ट) अब आकार ले रहा है।" यह भंडार मुख्य रूप से क्वार्ट्ज वाहिनियों (quartz veins) और हाइड्रोथर्मल गतिविधियों से जुड़ा हुआ है, जहां सोना चट्टानों में उच्च सांद्रता (concentration) में जमा हुआ है। शुरुआती अनुमान बताते हैं कि कुल सोने की मात्रा 1,000 टन को पार कर सकती है, जो वैश्विक मानकों के हिसाब से 'सुपरजाइंट' (supergiant) श्रेणी में आता है। इस सर्वेक्षण में शामिल भूवैज्ञानिकों ने उन्नत तकनीकों जैसे जियोकेमिकल एनालिसिस, जियोफिजिकल सर्वे और ड्रिलिंग का उपयोग किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र की चट्टानें सोने के साथ-साथ अन्य मूल्यवान धातुओं जैसे चांदी और तांबे से भी समृद्ध हैं, जो इस खोज को और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है। हालांकि, पूर्ण मूल्यांकन के लिए अभी और गहन ड्रिलिंग और टेस्टिंग की आवश्यकता होगी, जो अगले कुछ महीनों में पूरी हो सकती है।

एक साल में तीसरी रिकॉर्ड खोज: चीन की सोने की भूख बढ़ रही है यह खोज चीन के लिए एक बड़ी सफलता है, खासकर तब जब देश दुनिया का सबसे बड़ा सोने का आयातक है। 2025 में अब तक की यह तीसरी ऐसी घोषणा है:लियाओनिंग प्रांत (फरवरी 2025): उत्तर-पूर्वी चीन में एक 1,000 टन से अधिक का भंडार मिला, जो औद्योगिक स्तर पर खनन के लिए तैयार है।,हुनान प्रांत (अक्टूबर 2024): मध्य चीन के पिंगजियांग काउंटी में 1,000 मीट्रिक टन सोना पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 600 बिलियन युआन (लगभग 83 बिलियन अमेरिकी डॉलर) बताई गई। इसकी शुद्धता 138 ग्राम प्रति टन अयस्क (ore) थी, जो असाधारण रूप से उच्च है।,शिनजियांग का कुनलून (नवंबर 2025): ताजा खोज, जो पश्चिमी सीमा के पास स्थित है।

इन खोजों से पहले, चीन के बाकी अनमाइन किए गए सोने के भंडार को केवल 3,000 टन अनुमानित किया गया था—रूस और ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले एक-चौथाई। लेकिन ये नई खोजें सुझाव देती हैं कि चीन के सोने के भंडार इससे कहीं अधिक हो सकते हैं। चाइना नेशनल गोल्ड ग्रुप कॉर्पोरेशन (CNGC) के अनुसार, ये खोजें देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करेंगी, क्योंकि सोना मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

आर्थिक प्रभाव: 1164 लाख करोड़ रुपये का खजाना इस भंडार की अनुमानित कीमत करीब 600 बिलियन चीनी युआन (CNY) है, जो अमेरिकी डॉलर में लगभग 83 बिलियन USD के बराबर है। भारतीय रुपये में इसे 1,164 लाख करोड़ (यानी 116.4 ट्रिलियन INR) आंका जा रहा है—वर्तमान विनिमय दर (1 USD ≈ 84 INR) के आधार पर। यह राशि भारत की कुल जीडीपी (लगभग 3.5 ट्रिलियन USD) का एक बड़ा हिस्सा है!चीन के लिए यह खोज रणनीतिक महत्व रखती है। देश का केंद्रीय बैंक (पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना) पहले ही 2,200 टन से अधिक सोना रखता है, जो वैश्विक भंडारों का 5% है। नई खोजें आयात पर निर्भरता कम करेंगी और निर्यात बढ़ाएंगी। हालांकि, पर्यावरणीय चिंताएं भी हैं—शिनजियांग का क्षेत्र संवेदनशील है, जहां खनन से जलवायु परिवर्तन और स्थानीय पारिस्थितिकी प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञों की राय: 'चीन के सोने के युग की शुरुआत' भूवैज्ञानिकों का मानना है कि ये खोजें भूकंपीय गतिविधियों और हाइड्रोथर्मल प्रक्रियाओं से जुड़ी हैं, जैसा कि हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई शोध में पाया गया। हे फुबाओ ने कहा, "यह खोज चीन की भूवैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण है।" वैश्विक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सत्यापित हो, तो यह 'पीक गोल्ड' बहस को नई दिशा देगी—क्या दुनिया में सोना खत्म हो रहा है या अभी भी छिपे खजाने बाकी हैं?

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.