प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओमान यात्रा: ऑर्डर ऑफ ओमान सम्मान और ऐतिहासिक CEPA समझौता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 18 दिसंबर 2025 को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने ओमान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओमान' प्रदान किया। इसी दौरान दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) पर हस्ताक्षर किए, जो व्यापार, निवेश और विभिन्न सेक्टर्स में नए अवसर खोलेगा। पीएम मोदी ने भारत-ओमान बिजनेस समिट को संबोधित किया और भारतीय समुदाय से मुलाकात की। यह यात्रा दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ पर हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय ओमान यात्रा (17-18 दिसंबर 2025) भारत-ओमान संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। यह यात्रा तीन देशों (जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान) के दौरे का अंतिम चरण थी और दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के साथ coincided हुई। इस दौरान पीएम मोदी को ओमान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओमान' (फर्स्ट क्लास) प्रदान किया गया, साथ ही भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) पर हस्ताक्षर हुए, जो द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई ऊंचाई देने वाला है।
यात्रा की शुरुआत और स्वागत पीएम मोदी 17 दिसंबर 2025 की शाम को ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे। एयरपोर्ट पर ओमान के उप प्रधानमंत्री (रक्षा मामलों के) सैय्यद शिहाब बिन तारिक अल सईद ने उनका भव्य स्वागत किया। गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों नेताओं ने औपचारिक बातचीत की। रात में उप प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी के सम्मान में डिनर भी आयोजित किया। यह स्वागत दोनों देशों के गहरे रिश्तों का प्रतीक था।सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात और सम्मान18 दिसंबर को मस्कट के अल बराका पैलेस में पीएम मोदी की ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान सुल्तान ने पीएम मोदी को 'ऑर्डर ऑफ ओमान' (ओमान का सर्वोच्च या दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) प्रदान किया। यह सम्मान भारत-ओमान संबंधों को मजबूत करने में पीएम मोदी के योगदान की मान्यता में दिया गया। इससे पहले यह सम्मान क्वीन एलिजाबेथ, नेल्सन मंडेला, जापान के सम्राट अकिहितो जैसे विश्व नेताओं को मिल चुका है। यह पीएम मोदी का 29वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, संस्कृति और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। कई MoU और समझौतों का आदान-प्रदान भी हुआ।
ऐतिहासिक CEPA समझौता यात्रा का सबसे बड़ा हाइलाइट भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (Comprehensive Economic Partnership Agreement - CEPA) का हस्ताक्षर रहा। यह समझौता भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ओमान के वाणिज्य, उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री क़ैस बिन मोहम्मद अल यूसुफ़ ने सुल्तान और पीएम मोदी की मौजूदगी में साइन किया।समझौते की मुख्य विशेषताएं:भारतीय निर्यातों पर लगभग 98-99% सामानों के लिए शून्य या कम शुल्क। लाभार्थी सेक्टर: टेक्सटाइल, फुटवियर, ऑटोमोबाइल एवं कंपोनेंट्स, रत्न-आभूषण, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि उत्पाद, फार्मास्युटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण आदि। पहली बार किसी व्यापार समझौते में भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली (AYUSH) को शामिल किया गया, जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं, वेलनेस और मेडिकल टूरिज्म शामिल हैं। भारतीय कुशल पेशेवरों के लिए वीजा और लेबर मोबिलिटी में सुविधा। द्विपक्षीय व्यापार (वर्तमान में करीब 10.5-11 बिलियन डॉलर) को दोगुना करने की संभावना।बातचीत नवंबर 2023 में शुरू हुई थी और इस साल पूरी हुई। यह ओमान का लगभग 20 साल बाद किसी देश के साथ दूसरा FTA है (पहला अमेरिका के साथ 2006 में)। पीएम मोदी ने इसे "साझा भविष्य का खाका" बताया।भारत-ओमान बिजनेस समिट को संबोधनपीएम मोदी ने मस्कट में भारत-ओमान बिजनेस समिट को संबोधित किया। उन्होंने दोनों देशों के मजबूत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की सराहना की।
मुख्य बिंदु:"आज हम एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला ले रहे हैं, जिसकी गूंज आने वाले कई दशकों तक सुनाई देगी। CEPA 21वीं सदी में हमें नया भरोसा और नई ऊर्जा देगा।"ओमानी कंपनियों और स्टार्टअप्स को भारत में निवेश करने की अपील। भारत की प्रगति (GST, IBC जैसे सुधार) और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा का जिक्र। "कितने भी मौसम बदल जाएं, भारत और ओमान की दोस्ती नहीं बदलेगी।"