दुनिया की पहली रोड-लीगल फ्लाइंग कार का प्रोडक्शन शुरू: अलेफ मॉडल A की पूरी कहानी

कैलिफॉर्निया की कंपनी अलेफ एरोनॉटिक्स ने 9 दिसंबर 2025 को घोषणा की कि दुनिया की पहली रोड-लीगल फ्लाइंग कार 'मॉडल A' का प्रोडक्शन समय पर शुरू हो गया है। यह 100% इलेक्ट्रिक कार सड़क पर 200 मील और हवा में 110 मील की रेंज के साथ VTOL क्षमता वाली है, जो ट्रैफिक जाम से बचने के लिए सीधे उड़ सकती है। शुरुआती मॉडल हैंड-मेड हैं और कुछ सीमाओं के साथ आएंगे, लेकिन यह ट्रांसपोर्टेशन के भविष्य को बदलने वाली तकनीक है।

Dec 17, 2025 - 14:52
दुनिया की पहली रोड-लीगल फ्लाइंग कार का प्रोडक्शन शुरू: अलेफ मॉडल A की पूरी कहानी

दुनिया भर में लंबे समय से फ्लाइंग कार का सपना देखा जा रहा है, और अब यह सपना हकीकत के करीब पहुंच गया है। कैलिफॉर्निया की स्टार्टअप कंपनी अलेफ एरोनॉटिक्स ने 9 दिसंबर 2025 को आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उनकी मॉडल A फ्लाइंग कार का प्रोडक्शन समय पर शुरू हो गया है। कंपनी इसे "दुनिया की पहली सच्ची फ्लाइंग कार" बता रही है, क्योंकि यह न केवल सड़क पर कानूनी रूप से चल सकती है, बल्कि वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग (VTOL) की क्षमता के साथ हवा में उड़ भी सकती है – बिना रनवे या विशेष लैंडिंग स्पेस की जरूरत के।

प्रोडक्शन की शुरुआत और कंपनी का बयान अलेफ एरोनॉटिक्स के सीईओ जिम दुखोवनी ने कहा, "हम खुश हैं कि पहली फ्लाइंग कार का प्रोडक्शन समय पर शुरू हो गया है। टीम ने कड़ी मेहनत की क्योंकि हमें पता है कि लोग इसका इंतजार कर रहे हैं। हम आखिरकार प्रोडक्शन को जमीन से उड़ा सके।" यह शुरुआती मॉडल मॉडल A अल्ट्रालाइट है, जो ग्राहकों के लिए पहला संस्करण होगा। ये कारें सिलिकॉन वैली (सैन मेटियो, कैलिफॉर्निया) में कंपनी के फैसिलिटी में बनाई जा रही हैं।प्रोडक्शन प्रोसेस मुख्य रूप से हैंड-मेड है, जिसमें रोबोटिक और मैनुअल तरीके दोनों शामिल हैं। प्रत्येक कार को बनाने में कई महीने लगेंगे, क्योंकि हर पार्ट का अलग-अलग टेस्टिंग और असेंबल्ड व्हीकल के फ्लाइट टेस्ट जरूरी हैं। शुरुआती यूनिट्स चुनिंदा ग्राहकों को दी जाएंगी, जो रियल-वर्ल्ड कंडीशंस में कंट्रोल्ड टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल होंगी। बाद में ऑटोमेटेड मास प्रोडक्शन की योजना है।

मॉडल A की खासियतें100% इलेक्ट्रिक: कोई फ्यूल नहीं, पूरी तरह बैटरी से चलने वाली। डुअल मोड: सड़क पर कार की तरह ड्राइव करेगी और ट्रैफिक जाम में सीधे ऊपर उड़ सकती है। रेंज: सड़क पर लगभग 200 मील (320 किमी), हवा में 110 मील (177 किमी)। VTOL क्षमता: वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग, कोई रनवे नहीं चाहिए। डिजाइन: कार्बन फाइबर मेश बॉडी, 8 प्रोपेलर्स (छिपे हुए), गिम्बल्ड केबिन जो उड़ान में स्थिर रहता है। सुरक्षा: फुल-व्हीकल बैलिस्टिक पैराशूट, डिस्ट्रिब्यूटेड इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन (फेलियर प्रोटेक्शन)। पार्किंग: सामान्य कार पार्किंग स्पेस में फिट हो जाती है।

नियम और सीमाएं शुरुआती अल्ट्रालाइट वर्जन FAA की अल्ट्रालाइट कैटेगरी में आता है, इसलिए कुछ रेस्ट्रिक्शंस हैं:केवल दिन में उड़ान। घनी आबादी वाले इलाकों से दूर। सड़क पर लो-स्पीड व्हीकल (LSV) के रूप में, स्पीड लिमिट 25-40 किमी/घंटा (25 mph)। पायलट को स्पेशल ट्रेनिंग जरूरी।यह कोई एयर टैक्सी या ड्रोन नहीं, बल्कि एक पूरा पर्सनल व्हीकल है जो रोड-लीगल है।

कंपनी का बैकग्राउंड और भविष्य अलेफ एरोनॉटिक्स की स्थापना 2015 में हुई थी। कंपनी को टेस्ला के शुरुआती इन्वेस्टर टिम ड्रेपर सहित कई निवेशकों का सपोर्ट मिला है। 2023 में FAA से स्पेशल एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट मिला, और 2025 में पहली फ्लाइट टेस्ट सफल रही। अभी तक 3,500 से ज्यादा प्री-ऑर्डर्स हैं, जिनकी वैल्यू करीब 1 बिलियन डॉलर है। फुल मॉडल A की कीमत लगभग 300,000 डॉलर बताई जा रही है, लेकिन मास प्रोडक्शन के बाद कम हो सकती है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.