भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टरों की मारपीट: खाने की लाइन से शुरू हुआ विवाद, ट्रॉमा सेंटर के बाहर लाठी से हमला
भीलवाड़ा के राजमाता विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज में पिनाका मेडफेस्ट के दौरान खाने की लाइन में विवाद बढ़ा और इंटर्न डॉक्टरों के दो गुटों में मारपीट हो गई। पुलिस द्वारा मेडिकल के लिए ट्रॉमा सेंटर ले जाने पर वहां फिर झड़प हुई, जहां एक डॉक्टर ने लाठी से हमला किया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तीन इंटर्न को गिरफ्तार किया, लेकिन समझौते के बाद छोड़ दिया। कॉलेज प्रशासन सख्त कार्रवाई का ऐलान किया।
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया सरकारी मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टरों के बीच हुए विवाद ने सभी को हैरान कर दिया। यह घटना कॉलेज के वार्षिक फेस्ट 'पिनाका मेडफेस्ट' के दौरान हुई, जहां खाने की लाइन में मामूली धक्का-मुक्की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल विवाद का कारण बना। विवाद इतना बढ़ गया कि इंटर्न डॉक्टरों के दो गुटों में गाली-गलौज और मारपीट हो गई। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान कुछ इंटर्न डॉक्टर नशे की हालत में थे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
घटना की शुरुआत: फेस्ट में खाने को लेकर झड़प घटना गुरुवार रात करीब 11 बजे की है, जब सांगानेर क्षेत्र में स्थित मेडिकल कॉलेज में 'पिनाका मेडफेस्ट' का आयोजन चल रहा था। फेस्ट के दौरान डिनर की लाइन में दो गुटों के बीच धक्का-मुक्की हुई। एक पक्ष ने दूसरे पर अभद्र भाषा और गाली-गलौज का आरोप लगाया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों गुट आपस में भिड़ गए। मौके पर मौजूद अन्य छात्रों और स्टाफ ने किसी तरह स्थिति को संभाला, लेकिन विवाद थमा नहीं।सूचना मिलते ही सुभाष नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शांति भंग के आरोप में तीन इंटर्न डॉक्टरों को हिरासत में लिया और उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
ट्रॉमा सेंटर के बाहर फिर भिड़ंत: लाठी से हमला मेडिकल परीक्षण के दौरान ट्रॉमा सेंटर के बाहर दोनों गुट फिर से आमने-सामने आ गए। विवाद फिर से भड़क उठा और एक इंटर्न डॉक्टर लाठी (डंडा) लेकर आया। उसने दूसरे गुट के डॉक्टर पर लाठी से हमला कर दिया। इस दौरान जमकर मारपीट हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो गुट एक-दूसरे पर गाली-गलौज कर रहे हैं और मारपीट कर रहे हैं। एक डॉक्टर दूसरे से कहता सुनाई दे रहा है, "तूने गाली कैसे दी?" इस बीच एक महिला स्टाफ नर्स या कर्मचारी उन्हें रोकने की कोशिश करती दिख रही है। वह एक डॉक्टर का बाजू पकड़कर खींचती है, लेकिन डॉक्टर नहीं मानते। वहीं, एक होमगार्ड जवान भी वहां मौजूद है और घटना का वीडियो बनाता नजर आ रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और समझौता सुभाष नगर SHO कैलाश चंद्र बिश्नोई ने बताया कि फेस्ट में खाने को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस ने तीन युवकों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। मेडिकल के लिए उन्हें MGH अस्पताल ले जाया गया, जहां फिर दोनों पक्ष भिड़ गए। ट्रॉमा सेंटर के बाहर हुई मारपीट के बाद फिर तीन इंटर्न डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया।हालांकि, बाद में दोनों पक्ष थाने पहुंचे और आपसी समझौता कर लिया। दोनों गुटों ने अपनी रिपोर्ट वापस ले ली, जिसके बाद आरोपी डॉक्टरों को छोड़ दिया गया।
कॉलेज प्रशासन का रुख: सख्त कार्रवाई का ऐलान मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. वर्षा सिंह ने घटना पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि खाने को लेकर इतना बड़ा विवाद और मारपीट बेहद शर्मनाक है। कॉलेज प्रशासन अनुशासनहीनता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा और दोषी इंटर्न डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद उचित दंड दिया जाएगा।
वीडियो वायरल होने के बाद चर्चा यह वीडियो शनिवार दोपहर तक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया। लोग डॉक्टरों की इस हरकत पर सवाल उठा रहे हैं कि जो लोग मरीजों की जान बचाने के लिए पढ़ाई कर रहे हैं, वे खुद इस तरह की गुंडागर्दी कैसे कर सकते हैं। खासकर नशे की हालत में होने का आरोप गंभीर है।