प्रेम विवाह से नाराज पिता ने जिंदा बेटी का छपवाया शोक संदेश, थाने में झोली फैलाकर की घर लौटने की गुहार भी बेअसर

भीलवाड़ा में एक युवती द्वारा प्रेम विवाह करने से नाराज पिता ने उसे मृत मानते हुए शोक संदेश छपवा दिया और तेरहवीं व ब्रह्मभोज तक का आयोजन कर दिया। थाने में पिता ने बेटी को मनाने के लिए झोली फैलाकर गुहार लगाई, लेकिन युवती अपने पति के साथ रहने पर अड़ी रही। पुलिस के अनुसार युवती बालिग है और उसे अपनी मर्जी से जीवन जीने का अधिकार है।

Mar 22, 2026 - 18:28
प्रेम विवाह से नाराज पिता ने जिंदा बेटी का छपवाया शोक संदेश, थाने में झोली फैलाकर की घर लौटने की गुहार भी बेअसर

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक भावनात्मक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपनी जिंदा बेटी का शोक संदेश छपवाकर सामाजिक रूप से उसे मृत मान लिया। बेटी द्वारा अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने से नाराज पिता ने यह कदम उठाया, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है।

दरअसल, युवती जयपुर में पढ़ाई कर रही थी और इसी दौरान उसने दूसरे समाज के एक युवक से प्रेम विवाह कर लिया। शादी के बाद जब इसकी जानकारी परिवार को मिली तो परिजन नाराज हो गए। हालात ऐसे बने कि युवक-युवती को सुरक्षा के लिए पुलिस थाने पहुंचना पड़ा।

सूचना मिलने पर युवती के परिजन भी थाने पहुंचे। वहां पिता ने अपनी बेटी को समझाने की हर संभव कोशिश की। भावुक होकर उन्होंने बेटी के सामने झोली तक फैलाई और घर लौट आने की गुहार लगाई, लेकिन युवती अपने फैसले पर अडिग रही और पति के साथ ही रहने की बात कही।

थाने में पुलिस ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाइश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। युवती बालिग होने के कारण उसे अपनी मर्जी से जीवन जीने का अधिकार है, इसलिए पुलिस ने उसे उसके पति के साथ जाने की अनुमति दे दी। साथ ही, दोनों ने सुरक्षा की भी मांग की है।

इस घटनाक्रम से आहत पिता ने बेटी से सभी संबंध तोड़ने का फैसला कर लिया। उन्होंने समाज में एक अनोखा और कठोर संदेश देने के लिए अपनी जिंदा बेटी का शोक संदेश छपवाया। शोक पत्र में बेटी की फोटो के साथ 20 मार्च 2026 को उसका ‘स्वर्गवास’ दर्शाया गया है।

इतना ही नहीं, पिता ने 22 मार्च को ‘तीये की बैठक’ और 31 मार्च को ‘ब्रह्मभोज’ का आयोजन भी तय किया है, जैसे कि वास्तव में किसी व्यक्ति के निधन के बाद किया जाता है।

मामले पर संबंधित थानाधिकारी (SHO) का कहना है कि युवती बालिग है और उसे अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने का पूरा कानूनी अधिकार है। परिजनों द्वारा शोक संदेश छपवाना उनका निजी और भावनात्मक निर्णय है, इसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.