भरतपुर में IOCL पाइपलाइन से महज 200 मीटर दूर सूखी नदी के जंगल में लगी भीषण आग, 1 किमी तक फैला अग्निकांड; ग्रामीणों में दहशत
भरतपुर के खेड़ली मोड़ क्षेत्र में सूखी बाढ़ गंगा नदी के चारागाह में भीषण आग लगी, जो 1 किमी तक फैल गई। आग IOCL की पेट्रोलियम पाइपलाइन से महज 200 मीटर दूर है। तेज हवा के कारण आग बढ़ रही है, प्रशासन-दमकल अभी तक नहीं पहुँचे, ग्रामीण खुद आग बुझाने में जुटे हैं। 15 दिन में दूसरी बार लगी आग से बड़ा हादसा होने की आशंका।
भरतपुर, 11 दिसंबर 2025। राजस्थान के भरतपुर जिले के खेड़ली मोड़ थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम एक बार फिर सूखी पड़ी बाढ़ गंगा नदी के चारागाह में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल है कि देखते-ही-देखते करीब 1 किलोमीटर के दायरे में फैल गई। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि आग वाली जगह से महज 200 मीटर की दूरी पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की हाई-प्रेशर पेट्रोलियम पाइपलाइन गुजर रही है। यदि आग आगे बढ़ी तो बड़ा हादसा हो सकता है।
15 दिन में दूसरी बार लगी आग स्थानीय लोगों के अनुसार, यही इलाका पिछले 15 दिन पहले भी आग की चपेट में आ चुका है। उस समय भी आग काफी देर तक जलती रही थी, लेकिन किसी तरह काबू पा लिया गया था। इस बार आग फिर से उसी क्षेत्र में लगी है जहाँ सूखे पेड़-पौधे और झाड़ियाँ प्रचुर मात्रा में हैं।स्थानीय निवासी कौशल फौजदार ने बताया,“झारोटी और बाछरें गांव के बीच से बाढ़ गंगा नदी गुजरती है, लेकिन इस समय नदी पूरी तरह सूखी पड़ी है। नदी के तल में घने जंगल जैसे पेड़ और झाड़ियाँ उग आई हैं। शाम करीब 5-6 बजे के आसपास अचानक आग दिखाई दी। कारण अभी तक पता नहीं चल सका है, लेकिन तेज हवा के कारण कुछ ही मिनटों में आग पूरे इलाके में फैल गई।”
IOCL पाइपलाइन महज 200 मीटर दूर सबसे खतरनाक स्थिति यह है कि आग लगने की जगह से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर IOCL की पेट्रोल-डीजल ले जाने वाली अंडरग्राउंड पाइपलाइन गुजर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हवा का रुख बदलता है या आग और फैलती है तो पाइपलाइन तक आग पहुँच सकती है, जिसके परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं।प्रशासन अब तक नहीं पहुँचा, ग्रामीण खुद बुझाने की कोशिश में लगेखबर लिखे जाने तक मौके पर न तो दमकल विभाग पहुँचा था और न ही कोई पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी। सैकड़ों की संख्या में आसपास के गाँवों के लोग खुद बाल्टी, टब और पेड़ों की डालियों से आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तेज हवा के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। चारागाह करीब 200 बीघा में फैला हुआ है और आग अभी शुरुआती 80-100 बीघा क्षेत्र में ही सिमटी हुई है, लेकिन यदि रात तक काबू नहीं पाया गया तो पूरा चारागाह जल कर राख हो सकता है।
ग्रामीणों में दहशत, रात भर जागकर रखेंगे निगरानी आसपास के गाँवों झारोटी, बाछरें, खेड़ली और आसपास के दर्जनों गाँवों के लोग मौके पर जमा हैं। कई लोग रात भर वहीं डटे रहने की तैयारी कर रहे हैं ताकि यदि आग पाइपलाइन की तरफ बढ़े तो तुरंत अलर्ट किया जा सके।फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और IOCL की पाइपलाइन को बचाने के लिए प्रशासन व दमकल विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया तो बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।