बाड़मेर में एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश: 80 करोड़ की ड्रग्स बरामद, मुख्य आरोपी फरार
राजस्थान के बाड़मेर जिले में पुलिस ने अवैध एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बनाने की बड़ी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। कुख्यात तस्कर मोटाराम जाट के संचालित इस लैब से करीब 40 किलो तैयार एमडी ड्रग्स और 80-85 करोड़ रुपये मूल्य की केमिकल्स व मशीनरी जब्त की गई। फैक्ट्री लकड़ी के कारखाने की आड़ में स्कूल के पास सुनसान जगह पर चल रही थी। मकान मालिक भैराराम गिरफ्तार, मुख्य आरोपी मोटाराम फरार। यह बाड़मेर पुलिस की हालिया बड़ी कार्रवाई है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह फैक्ट्री सदर थाना क्षेत्र के आदर्श चवा केरली नाड़ी गांव में चल रही थी। फैक्ट्री को कुख्यात तस्कर मोटाराम जाट संचालित कर रहा था, जो पुलिस की दबिश से पहले ही फरार हो गया। पुलिस ने मौके से करीब 39.777 किलोग्राम तैयार एमडी ड्रग्स और बड़ी मात्रा में केमिकल्स व मशीनरी जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 80 करोड़ रुपये से अधिक है।
फैक्ट्री की आड़ में लकड़ी का कारखाना यह अवैध फैक्ट्री मोटाराम के चचेरे भाई भैराराम जाट के लकड़ी के कारखाने की आड़ में चल रही थी। भैराराम का मकान धोरों (रेगिस्तानी टीलों) के बीच एक सुनसान जगह पर स्थित है, जहां पहुंचने के दो रेतीले रास्ते हैं। एक रास्ता बाड़मेर-सिंधरी हाईवे से करीब 12 किलोमीटर दूर है, जबकि दूसरा आदर्श केरली नाड़ी सरकारी स्कूल के पास से गुजरता है। दोनों रास्ते रेत से ढके होने के कारण बाहरी लोगों की आवाजाही पर नजर रखना आसान था। हैरानी की बात यह है कि यह फैक्ट्री एक सरकारी स्कूल के काफी करीब चल रही थी, जिससे इलाके के बच्चों और स्थानीय लोगों के लिए खतरा बना हुआ था।
फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी? पुलिस सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री की शुरुआत महज 10-15 दिन पहले हुई थी। आरोपी एक खेप (बैच) की सप्लाई पहले ही कर चुके थे और दूसरी खेप तैयार कर ली थी। ड्रग्स बनाने की प्रक्रिया के दौरान बदबू न आए, इसलिए तस्कर तैयार माल को छत पर बर्तनों में रखकर सुखाते थे। दूसरी खेप का माल कमरे की छत पर छिपाकर रखा गया था। ड्रग्स बनाने के बाद मशीनों के पार्ट्स को अलग-अलग करके विभिन्न जगहों पर रख दिया जाता था, ताकि किसी को शक न हो। फैक्ट्री में कलर मिक्सिंग मशीन, बड़ी संख्या में ड्रम, पाउडर, पाउच और एक फ्रिज भी मिला, जिसमें माइनस 20 डिग्री तापमान पर केमिकल्स स्टोर किए जाते थे। पिछले 5 दिनों से यहां लगातार गतिविधियां चल रही थीं।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी गुरुवार देर रात करीब 8 बजे डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (डीएसटी) और सदर पुलिस की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर दबिश दी। डीएसटी को काफी समय से इस फैक्ट्री के संचालन की खबर थी। कार्रवाई देर रात तक चली और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जोधपुर की टीम को भी सूचना देकर मौके पर बुलाया गया।
मुख्य बरामद सामान: 39.777 किलोग्राम तैयार एमडी ड्रग्स (कीमत करीब 80 करोड़ रुपये)। 6 जरीकनों में 99.931 किलोग्राम लिक्विड केमिकल (इससे करीब 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त एमडी बनाई जा सकती थी)। 19 कांच के बर्तन, वैक्यूम पंप, सेक्शन पाइप, डिजिटल थर्मामीटर, कांच का फ्लेक्स, लोहे की भट्टी, 3 कांच के जार (डी फ्रिज), 4 बड़ी बिलोना मशीनें स्टैंड सहित, 3 लोहे के स्टैंड, 2 प्लास्टिक की 100 लीटर टंकियां, केसरोल के खाली डिब्बे, 1 इलेक्ट्रिक कांटा।दो लग्जरी स्कॉर्पियो गाड़ियां और एक किया कार।बाड़मेर पुलिस की यह पिछले 18 महीनों में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ने की तीसरी बड़ी कार्रवाई है। एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने इसे जिले के इतिहास की सबसे बड़ी रिकवरी बताया।
आरोपी और फरार तस्कर मुख्य आरोपी मोटाराम जाट (निवासी आदर्श केरली) पुलिस को चकमा देने में माहिर है। उसके खिलाफ डोडा पोस्त, अफीम, एमडी और शराब तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। वह बालोतरा और श्री गंगानगर पुलिस का वांटेड है, जिस पर कुल 15,000 रुपये का इनाम घोषित है। उसके साथी दिनेश गिरी (पुत्र अचलगिरी, निवासी रावतसर) भी फरार हो गया। मकान मालिक भैराराम कड़वासरा को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है। हैरानी की बात यह है कि मोटाराम का एक भाई बालोतरा पुलिस में तैनात है, जिसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसपी मीना ने बालोतरा एसपी से संपर्क कर इसकी जानकारी ली है। दबिश के समय मोटाराम के घर पर केवल महिलाएं और बच्चे मौजूद थे।पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मामले में एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच आगे बढ़ रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।