बाड़मेर में 2 महीने से फरार अफीम सप्लायर गिरफ्तार: रेतीले धोरों में पुलिस को चकमा देने की कोशिश नाकाम, 787 ग्राम अफीम दूध पहले ही जब्त

बाड़मेर की बीजराड़ पुलिस ने 2 महीने से फरार अफीम सप्लायर टीकाराम को रेतीले धोरों में पीछा कर गिरफ्तार किया; पहले 787 ग्राम अफीम दूध जब्त, NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज।

Nov 12, 2025 - 10:34
बाड़मेर में 2 महीने से फरार अफीम सप्लायर गिरफ्तार: रेतीले धोरों में पुलिस को चकमा देने की कोशिश नाकाम, 787 ग्राम अफीम दूध पहले ही जब्त

राजस्थान के बाड़मेर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन धरकरभर' के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। बीजराड़ थाना पुलिस ने दो महीने से फरार चल रहे एक कुख्यात अफीम सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पुलिस को देखते ही रेतीले धोरों (रेगिस्तान के टीलों) में भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से वह बच नहीं सका। इससे पहले पुलिस ने उसके पास से 787 ग्राम अफीम दूध (ओपियम मिल्क) जब्त किया था, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।

घटना का पूरा विवरण;  घटना की शुरुआत 4 सितंबर 2025 को हुई, जब बीजराड़ पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की बड़ी खेप सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 787 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला अफीम दूध बरामद किया। अफीम दूध को विशेष रूप से पैक किया गया था, जो अंतरराज्यीय तस्करी के लिए तैयार किया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया। वह रेगिस्तान की दुर्गम रेतीली पहाड़ियों और धोरों का फायदा उठाकर भाग निकला। आरोपी की पहचान टीकाराम पुत्र खेताराम, निवासी नवातला राठौड़ान, गांव धनाऊ (बाड़मेर) के रूप में हुई। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए लगातार दबिशें दीं और मुखबिरों की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की।गिरफ्तारी की रोचक कहानीदो महीने की लगातार खोजबीन के बाद आखिरकार पुलिस को कामयाबी मिली। सूचना मिली कि आरोपी फिर से क्षेत्र में सक्रिय हो गया है और नई खेप की तैयारी कर रहा है। बीजराड़ थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही टीकाराम ने एक बार फिर भागने की कोशिश की। वह रेतीले धोरों की ओर दौड़ा, जहां ऊंचे-नीचे टीले और रेत की मोटी परतें भागने वालों को फायदा देती हैं। लेकिन पुलिस टीम ने पीछा नहीं छोड़ा। रेगिस्तान की कठिन परिस्थितियों में भी पुलिसकर्मियों ने हिम्मत दिखाई और आरोपी को दबोच लिया।गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से कोई नई खेप नहीं मिली, लेकिन पूछताछ में उसने पुरानी सप्लाई चेन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। पुलिस का मानना है कि यह गिरफ्तारी क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी की बड़ी चेन को तोड़ने में मदद करेगी।

ऑपरेशन धरकरभर का उद्देश्य;  बाड़मेर जिला पुलिस द्वारा चलाया जा रहा 'ऑपरेशन धरकरभर' राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रग तस्करी को रोकने के लिए विशेष अभियान है। बाड़मेर पाकिस्तान बॉर्डर से सटा होने के कारण अफीम और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी का हॉटस्पॉट बना हुआ है। इस अभियान के तहत अब तक दर्जनों तस्करों को पकड़ा जा चुका है और लाखों रुपये की ड्रग्स जब्त की गई हैं। पुलिस अधीक्षक बाड़मेर ने टीम की सराहना की है और कहा कि ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच;  आरोपी टीकाराम को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत उसे कड़ी सजा का प्रावधान है, जिसमें 10 साल से अधिक की कैद और जुर्माना शामिल हो सकता है। पुलिस अब उसके साथियों और सप्लाई चेन के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि अफीम दूध कहां से आया और इसका अंतिम डेस्टिनेशन क्या था।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.