बाड़मेर: गडरा रोड सर्किल पर वन विभाग की 2 बीघा जमीन से हटाया सालों पुराना अतिक्रमण, अब बनेगा शानदार ‘नमो पार्क’
बाड़मेर के गडरा रोड सर्किल पर वन विभाग की 2 बीघा जमीन पर 2007 से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण को 8 जेसीबी से तोड़ा गया। होटल, ढाबे और अवैध शराब के ठिकाने ध्वस्त किए गए। अब इस जगह पर आकर्षक ‘नमो पार्क’ बनाया जाएगा।
बाड़मेर, 12 दिसंबर 2025। राजस्थान के बाड़मेर शहर के व्यस्ततम गडरा रोड सर्किल के पास वन विभाग की करीब 2 बीघा बहुमूल्य जमीन पर साल 2007 से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण को शुक्रवार सुबह बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर हटा दिया गया। 7-8 जेसीबी मशीनों की मदद से मात्र 4 घंटे में सभी पक्के-कच्चे निर्माण जमींदोज कर दिए गए। इस जगह पर अब आकर्षक ‘नमो पार्क’ विकसित किया जाएगा।
क्या था पूरा मामला? बाड़मेर शहर के बीचों-बीच नेशनल हाईवे से सटे गडरा रोड सर्किल के पास कई बीघा जमीन वर्षों पहले नमो पार्क बनाने के लिए आरक्षित की गई थी। लेकिन भूमाफियाओं ने 2007 से यहां कब्जा जमाना शुरू कर दिया। फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर पक्की होटलें, ढाबे और दुकानें खड़ी कर दी गईं।इन अवैध निर्माणों में कई जगह शराब और नॉनवेज परोसा जा रहा था। रात के समय यहां शराब की महफिलें सजती थीं और लाखों रुपये की अवैध कमाई हो रही थी। आमजन और स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि यहां अवैध शराब की बिक्री और असामाजिक गतिविधियां हो रही हैं।मामला 2016 से कोर्ट में भी विचाराधीन था। आरोपी पक्ष ने खुद स्वीकार किया था कि जमीन वन विभाग की है, फिर भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अंततः कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को बड़ा एक्शन लिया गया।
कैसे चला अभियान? शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे वन विभाग की टीम, जिला प्रशासन और भारी पुलिस बल 7-8 जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचा। किसी भी तरह के विरोध को देखते हुए पुलिस का कड़ा बंदोबस्त था।4 घंटे के अंदर सभी पक्के होटल, ढाबे, दुकानें और अन्य निर्माण ध्वस्त कर दिए गए।मलबे में शराब की सैकड़ों बोतलें बरामद हुईं।कई जगह अवैध रूप से शराब परोसने के ठिकाने चल रहे थे, उन्हें भी पूरी तरह पूरी तरह खत्म कर दिया गया।
DFO सविता दहिया ने क्या कहा? उप वन संरक्षक (DFO) सविता दहिया ने मौके पर मीडिया से बातचीत में कहा:“यह करीब 2 बीघा जमीन साल 2007 से अतिक्रमण में थी। 2016 से मामला कोर्ट में था। हमने कई बार समझाइश भी की, लोग मान भी गए कि जमीन वन विभाग की है, लेकिन फिर भी इन्होंने दुकानें-होटल बनाकर भोले-भाले लोगों को फर्जी कागजात दिखाकर बेचना शुरू कर दिया।शिकायतें बहुत आ रही थीं कि यहां अवैध शराब बिक रही है, रात में असामाजिक गतिविधियां हो रही हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आज हमने अतिक्रमण हटा दिया है। जिला प्रशासन का पूरा सहयोग रहा।अब इस खूबसूरत जगह पर, जहां प्राकृतिक पहाड़ियां भी हैं, एक शानदार ‘नमो पार्क’ बनाया जाएगा जो शहरवासियों के लिए मनोरंजन और विश्राम का बेहतरीन केंद्र बनेगा।”
आगे की योजना पूरी जमीन को समतल करवाया जाएगा।हरियाली, वॉकिंग ट्रैक, बच्चों के खेलने की जगह, बैठने की व्यवस्था, लाइटिंग आदि विकसित की जाएगी।पार्क शहर के बीचों-बीच होने से लोगों को सांस लेने की खुली जगह मिलेगी।