बांसवाड़ा में ACB की बड़ी कार्रवाई: गाड़ी सुपुर्दगी के नाम पर 2 हजार रुपये रिश्वत मांगने वाले हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल रंगे हाथों गिरफ्तार
बांसवाड़ा में बड़ा एक्शन! ACB ने पाटन थाने की छोटी सरवा चौकी के हेड कॉन्स्टेबल सुरेंद्र सिंह और कॉन्स्टेबल जयपाल सिंह को मात्र 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। गाड़ी छोड़ने और नुकसान मुआवजे की फाइल के नाम पर मांगी थी घूस, अब दोनों गिरफ्तार, जांच जारी। पुलिस में जीरो टॉलरेंस!
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। पाटन थाने की छोटी सरवा पुलिस चौकी में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुरेंद्र सिंह और कॉन्स्टेबल जयपाल सिंह को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई शनिवार को की गई, जब एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर दोनों पुलिसकर्मियों को घूस लेते पकड़ा।
घटना का पूरा विवरण
मामला एक परिवादी से जुड़ा है, जिसके परिचित के साथ कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ था। इस विवाद में परिवादी की प्राइवेट गाड़ी को नुकसान पहुंचा था। मामला पाटन थाने में दर्ज किया गया था और इसकी जांच हेड कॉन्स्टेबल सुरेंद्र सिंह के पास थी। सुरेंद्र सिंह ने वाहन की सुपुर्दगी (गाड़ी छोड़ने/वापस करने) की फाइल तैयार करने और नुकसान की उचित भरपाई (मुआवजा) दिलाने के एवज में रिश्वत की मांग की। उन्होंने अपने मुंशी (सहायक) कॉन्स्टेबल जयपाल सिंह के लिए यह रकम तय की थी।परिवादी को लगातार परेशान किया जा रहा था। जब परिवादी ने रिश्वत देने से इनकार किया, तो दोनों पुलिसकर्मियों ने फाइल आगे नहीं बढ़ाने और परेशान करने की धमकी दी। आखिरकार परिवादी ने एसीबी से शिकायत की।
एसीबी की सतर्क कार्रवाई
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पहले सत्यापन कराया गया। 30 जनवरी 2026 को रिश्वत मांग की पुष्टि हुई, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल सुरेंद्र सिंह द्वारा कॉन्स्टेबल जयपाल सिंह के लिए रिश्वत मांगना साबित हुआ। इसके बाद शनिवार को ट्रैप (जाल) बिछाया गया।परिवादी को 2 हजार रुपये दिए गए और एसीबी टीम ने निगरानी की। जैसे ही कॉन्स्टेबल जयपाल सिंह ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, उसे रंगे हाथों पकड़ लिया गया। मौके पर मौजूद हेड कॉन्स्टेबल सुरेंद्र सिंह को भी साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
वर्तमान स्थिति और जांच
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी के महानिरीक्षक (IG) राजेश सिंह और उप महानिरीक्षक (DIG) डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है। आरोपियों के निवास स्थानों की तलाशी ली जा रही है ताकि अन्य संपत्ति या रिश्वत से जुड़े सबूत मिल सकें।यह कार्रवाई बांसवाड़ा में हाल के दिनों में एसीबी की दूसरी बड़ी एक्शन मानी जा रही है, जो पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाती है। आम जनता के लिए यह संदेश है कि शिकायत करने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है।