अलवर सड़क हादसा: पुलिस जीप की टक्कर से दो चचेरे भाइयों की मौत का मामला गर्माया, परिजनों का गंभीर आरोप – नीलगाय नहीं, पुलिस ड्राइवर को बचा रहा प्रशासन
अलवर के बहरोड रोड पर जटियाना गांव के पास हुए सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों रामधन और शेर सिंह की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हादसा नीलगाय से नहीं, बल्कि पुलिस की 112 जीप की तेज रफ्तार टक्कर से हुआ। पुलिस ड्राइवर को बचाने की कोशिश कर रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी प्रशासन पर ड्राइवर बचाने का आरोप लगाया। अस्पताल में हंगामा हुआ, पोस्टमॉर्टम रोका गया, बाद में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू हुई।
अलवर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रविवार शाम बहरोड रोड पर जटियाना गांव के पास मोटल होटल के सामने हुए इस हादसे में दो चचेरे भाइयों – रामधन (32 वर्ष, निवासी अमृत बास) और शेर सिंह (33 वर्ष) की मौत हो गई। दोनों बाइक पर सवार थे और हादसा शाम करीब 7 बजे हुआ।
परिजनों का पुलिस पर सीधा आरोप मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों का दावा है कि यह हादसा नीलगाय से टकराने की वजह से नहीं, बल्कि विजय मंदिर थाना पुलिस की 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (पुलिस जीप) की तेज रफ्तार टक्कर से हुआ। परिजन यादराम ने बताया कि पुलिस ने रात में उन्हें सूचना दी कि नीलगाय से टक्कर के कारण दोनों की मौत हुई है। लेकिन जब परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, तो वहां मौजूद तूड़ी से भरे ट्रैक्टर चालकों और स्थानीय लोगों ने साफ कहा कि तेज रफ्तार पुलिस जीप ने बाइक को जोरदार टक्कर मारी थी। गवाहों के अनुसार, टक्कर के बाद पुलिस जीप के ड्राइवर ने खुद थाने में सूचना दी और दूसरी पुलिस गाड़ी बुलाकर गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस अब दूसरे किसी वाहन से हादसा होने का दबाव बना रही है और उन्हें बीमा क्लेम व परिवार को फायदे की बात कहकर पुलिस ड्राइवर को बचाने की कोशिश कर रही है।
जिला अस्पताल में हंगामा, पोस्टमॉर्टम रोका सोमवार को जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी में दोनों शव रखे हुए हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने पोस्टमॉर्टम कराने से साफ इनकार कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। अस्पताल में पुलिस और परिजनों के बीच तीखी बहस हुई। परिजन निष्पक्ष जांच और दोषी ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का हस्तक्षेप इस पूरे मामले में राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। जूली ने आरोप लगाया कि पुलिस ड्राइवर को बचाने में जुटी हुई है और सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है। उनके बयान से मामला और राजनीतिक रूप लेता दिख रहा है।
पुलिस की समझाइश के बाद शिकायत दर्ज विजय मंदिर थाना की SHO प्रेमलता वर्मा खुद मौके पर पहुंची और परिजनों से लंबी समझाइश की। इसके बाद परिजनों ने पुलिस की 112 गाड़ी और उसके ड्राइवर के खिलाफ लिखित शिकायत दे दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, विजय मंदिर थाने के ASI निहाल सिंह ने मीडिया से बात करते हुए अभी भी नीलगाय से हादसा होने की बात कही है। यह मामला अब जांच के दायरे में है, लेकिन परिजनों का गुस्सा और आरोपों की गंभीरता से लग रहा है कि आने वाले दिनों में यह और तूल पकड़ सकता है। स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच सामने आए और दोषियों को सजा मिले। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है – दो युवा जिंदगियां अचानक छिन गईं, और अब न्याय की लड़ाई शुरू हो गई है।