फंदे पर उल्टा लटका मिला लेपर्ड, तड़प-तड़पकर मौत: 3-4 घंटे तक पेड़ पर फंसा रहा, वन विभाग पर मामला दबाने का आरोप
अलवर के सरिस्का क्षेत्र के पास गुवाड़ा गांव में एक लेपर्ड खेत के फंदे में फंसकर पेड़ पर उल्टा लटक गया। 3-4 घंटे तक तड़पने के बाद दम घुटने से उसकी मौत हो गई। वन विभाग ने घटना को 2 दिन तक छिपाया रखा। आरोपी किसान प्रभुदयाल मीणा को गिरफ्तार किया गया, जांच में शिकार का इरादा पता लगाया जा रहा है।
राजस्थान के अलवर जिले में सरिस्का टाइगर रिजर्व के निकट प्रतापगढ़ क्षेत्र के गुवाड़ा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक लेपर्ड (पैंथर) खेत में लगाए गए फंदे में फंस गया और पेड़ पर उल्टा लटककर तड़प-तड़पकर मर गया। यह हादसा 26 जनवरी की शाम को हुआ, लेकिन वन विभाग ने इसे दो दिन तक छिपाए रखा और 28 जनवरी को ही इसकी जानकारी दी। ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने वन अधिकारियों पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है।
घटना का पूरा विवरण
गुवाड़ा गांव के खेतों में किसान अक्सर जंगली जानवरों (जैसे नीलगाय, खरगोश या अन्य) को फसलों से दूर रखने के लिए फंदे लगाते हैं। इसी तरह का एक फंदा (रस्सी का जाल या लूप) लगाया गया था। लेपर्ड इसी फंदे में फंस गया। संघर्ष करते हुए वह पेड़ पर चढ़ गया, लेकिन फंदा पेड़ की डाल पर अटक गया और लेपर्ड उल्टा लटक गया।
करीब 3 से 4 घंटे तक लेपर्ड पेड़ पर लटका रहा। वह नीचे नहीं उतर पाया और लगातार तड़पता रहा। आखिरकार दम घुटने से उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी यही पुष्टि हुई कि मौत का कारण दम घुटना (asphyxiation) था।
वन विभाग की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। डीएफओ आरके हुड्डा के निर्देश पर राजगढ़ एसीएफ प्रशांत कुमार गौड़ और रेंजर जितेंद्र सैन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने पेड़ से लटके मृत लेपर्ड को उतारा और थानागाजी रेंज ऑफिस ले जाया।
ग्रामीणों से पूछताछ के बाद बुधवार (28 जनवरी) को गांव के प्रभुदयाल मीणा (54 वर्ष, पुत्र किशनलाल मीणा) को हिरासत में लिया गया। सख्त पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने अपने खेत में फंदा लगाया था। रेंजर जितेंद्र सैन ने बताया कि आरोपी को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फंदा शिकार के उद्देश्य से लगाया गया था या नहीं, और क्या इसमें कोई अन्य लोग शामिल थे।
पोस्टमार्टम तीन वेटनरी डॉक्टरों की टीम ने किया, जिसमें डॉ. मनोज मीणा शामिल थे। उन्होंने बताया कि फंदे में फंसने के बाद लेपर्ड पेड़ पर चढ़ा, फंदा डाल पर अटक गया और लंबे समय तक लटके रहने से दम घुट गया।
वन विभाग पर आरोप
घटना 26 जनवरी शाम की है, लेकिन वन विभाग ने दो दिन तक इसे सार्वजनिक नहीं किया। इससे स्थानीय लोगों में गुस्सा है और आरोप लग रहे हैं कि विभाग ने मामला दबाने की कोशिश की। सरिस्का क्षेत्र में पहले भी जंगली जानवरों से जुड़ी घटनाएं होती रही हैं, जहां मानव-वन्यजीव संघर्ष आम है। किसान फसलों की सुरक्षा के लिए ऐसे फंदे लगाते हैं, लेकिन इससे निर्दोष जंगली जानवरों की जान जा रही है।