अलवर में जुगाड़ पलटने से बुजुर्ग की मौत, 15 घायल; लोगों का आरोप- पुलिस गाड़ी से बचने के चक्कर में हुआ हादसा, सड़क पर धरना-प्रदर्शन से जयपुर हाइवे जाम
अलवर के अकबरपुर थाना क्षेत्र में नटनी का बारा के पास जुगाड़ गाड़ी के पलटने से 65 वर्षीय लक्ष्मण की मौत हो गई और 15 लोग घायल हुए। लोगों का आरोप है कि पुलिस गाड़ी से बचने के चक्कर में हादसा हुआ। पीड़ित डीएनटी समाज के लोग भर्तृहरि धाम महासंगम जा रहे थे। गुस्साए ग्रामीणों ने धरना दिया, मृतक परिवार को सरकारी नौकरी व 20 लाख मुआवजा, घायलों को मुआवजा मांगा। हाइवे पर जाम लगा, पुलिस समझाइश में जुटी।
अलवर, 18 जनवरी 2026 – राजस्थान के अलवर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। अकबरपुर थाना क्षेत्र के नटनी का बारा के पास रविवार दोपहर करीब 12 बजे एक जुगाड़ (संशोधित ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसी स्थानीय गाड़ी) के पलटने से 65 वर्षीय बुजुर्ग लक्ष्मण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा तब हुआ जब जुगाड़ में सवार लोग डीएनटी (देनोटिफाइड एंड नोमैडिक ट्राइब्स) समाज के भर्तृहरि धाम में आयोजित महासंगम में शामिल होने जा रहे थे। भर्तृहरि धाम अलवर के पास एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं। जुगाड़ में नटनी का बारा और आसपास के गांवों से लगभग 15-20 लोग सवार थे, जो इस धार्मिक आयोजन के लिए उत्साहित थे।
लोगों का गंभीर आरोप
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों और धरने पर बैठे ग्रामीणों का आरोप है कि हादसा पुलिस की गाड़ी से बचने के चक्कर में हुआ। जैसे ही जुगाड़ नटनी का बारा से आगे बढ़ी, पीछे से आ रही पुलिस की गाड़ी ने ओवरटेक करने की कोशिश की और टक्कर मार दी। इससे जुगाड़ बेकाबू हो गई, सड़क किनारे नीचे उतर गई और पलट गई। कुछ लोगों ने बताया कि सामने से पुलिस की गाड़ी आ रही थी, जिसे बचाने में जुगाड़ ड्राइवर को सड़क से नीचे उतरना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप यह भीषण हादसा हुआ।
मौके पर मौजूद महेंद्र योगी ने बताया, "हम सब भर्तृहरि धाम में महासंगम के लिए जा रहे थे। समाज के लोग पहले से ही सरकार से अपनी मांगों को लेकर दुखी थे, लेकिन इस हादसे ने सबको तोड़ दिया है। हमारी आंखों में आंसू हैं और हम तब तक धरने से नहीं हटेंगे जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मान लेती।"
प्रदर्शन और मांगें
हादसे के तुरंत बाद गुस्साए ग्रामीणों और पीड़ित परिवार वालों ने मृतक लक्ष्मण का शव सड़क पर रखकर धरना शुरू कर दिया। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:मृतक लक्ष्मण के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।सभी घायलों को उचित मुआवजा और बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए।
धरने के कारण अलवर-जयपुर हाइवे (अलवर-थानागाजी मार्ग) पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम में रीट (REET) परीक्षा देकर लौट रहे अभ्यर्थी भी फंस गए, जिससे लोगों में काफी नाराजगी फैली।
पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई
सूचना मिलते ही अकबरपुर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने में जुटी रही, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस फिलहाल लोगों को समझाने और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया में लगी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, खासकर पुलिस गाड़ी की संलिप्तता के आरोपों पर।