अजमेर में दर्दनाक सड़क हादसा: बजरी से लदा डंपर बाइक पर पलटा, दो सगे भाइयों की मौत, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र में लेसवा गांव के पास बजरी से भरा डंपर बाइक पर पलट गया। हादसे में पुष्कर से काम कर घर लौट रहे सगे भाई अभिषेक सेन (25) और आशीष सेन (23) की मौत हो गई। अभिषेक की मौके पर ही मौत हुई, जबकि आशीष ने अस्पताल में दम तोड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर गोविंदगढ़ कस्बा बंद करवाया और 6 घंटे प्रदर्शन किया। पुलिस ने डंपर जब्त कर मालिक को हिरासत में लिया, ड्राइवर फरार है।
अजमेर जिले के पीसांगन थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें बजरी से भरे डंपर के चलती बाइक पर पलट जाने से दो सगे भाइयों की मौके पर और अस्पताल में मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार रात करीब 9 बजे लेसवा गांव के पास हुआ। हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर गोविंदगढ़ कस्बे को बंद करवा दिया और मुआवजे सहित दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
हादसे का विवरण
पीसांगन थाना अधिकारी सरोज चौधरी के अनुसार, मृतक भाई अभिषेक सेन (25 वर्ष) और आशीष सेन (23 वर्ष) गोविंदगढ़ के निवासी थे। दोनों पुष्कर में कारीगरी का काम करते थे। रोजाना की तरह गुरुवार को काम खत्म करने के बाद वे बाइक पर सवार होकर अपने गांव गोविंदगढ़ लौट रहे थे।
इसी दौरान पुष्कर की ओर से गोविंदगढ़ आ रहा बजरी से लदा डंपर अचानक बेकाबू हो गया और उनकी बाइक पर जा पलटा। डंपर का भारी वजन बाइक पर पड़ने से दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। अभिषेक सेन की तो घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि छोटा भाई आशीष गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
सूचना मिलते ही मौके पर एम्बुलेंस और पुलिस पहुंची। आशीष को तुरंत पुष्कर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत देखते हुए उसे अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन देर रात इलाज के दौरान आशीष ने भी दम तोड़ दिया। इस हादसे से दोनों भाइयों की मौत ने पूरे परिवार और गांव में मातम छा गया।
पुलिस की कार्रवाई
सीओ ग्रामीण रामचंद्र चौधरी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। ग्रामीणों को समझाकर रात करीब 3 बजे डंपर को जब्त कर लिया गया। डंपर ड्राइवर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। वहीं, डंपर मालिक पुष्कर निवासी जय सांखला को हिरासत में ले लिया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के सटीक कारणों की पड़ताल की जा रही है, जिसमें डंपर के ओवरलोड होने, तेज रफ्तार या ड्राइवर की लापरवाही जैसे पहलू शामिल हो सकते हैं। बजरी से भरे डंपरों का अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग राजस्थान में सड़क हादसों का एक बड़ा कारण रही है।
ग्रामीणों का आक्रोश और प्रदर्शन
हादसे की खबर फैलते ही मृतकों के परिजन और ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। उन्होंने डंपर पर तुरंत कार्रवाई, मुआवजे की घोषणा और दोषी ड्राइवर व मालिक के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह गोविंदगढ़ कस्बे को पूरी तरह बंद करवा दिया।
लोगों ने अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग रखी। प्रदर्शन करीब 6 घंटे तक चला, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर स्थिति शांत हुई। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाता। वे पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा और नौकरी की मांग कर रहे हैं।