घने कोहरे और शीतलहर से कांपा राजस्थान, 20 जिलों में 8वीं तक स्कूल बंद.
राजस्थान में घने कोहरे, शीतलहर और बर्फीली हवाओं के कारण कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। जयपुर में सीजन में पहली बार विजिबिलिटी शून्य रही। हालात को देखते हुए प्रदेश के 20 जिलों में कक्षा 8वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि मौसम विभाग ने 18 जिलों में कोहरा और शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की है।
राजस्थान इस समय कड़ाके की सर्दी, घने कोहरे और बर्फीली हवाओं की चपेट में है। मंगलवार सुबह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण नजर आए। कई शहरों में दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ।
प्रदेश में सर्दी का सबसे कठिन दौर
राज्य के कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। राजधानी जयपुर में इस मौसम में पहली बार विजिबिलिटी शून्य दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट के सहारे चलना पड़ा, वहीं कई जगह ट्रैफिक की रफ्तार थम सी गई।
शीतलहर से बढ़ी मुश्किलें
कोहरे के साथ चल रही ठंडी और बर्फीली हवाओं ने सर्दी को और भी तीखा बना दिया है। रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह और देर रात घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खुले इलाकों में रहने वाले लोग और दिहाड़ी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं।
एहतियात के तौर पर स्कूल बंद
बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 20 जिलों में कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। यह निर्णय शीतलहर और घने कोहरे के चलते लिया गया है, ताकि बच्चों को ठंड और हादसों से बचाया जा सके।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के 18 जिलों के लिए कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की है। आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय कोहरा और घना हो सकता है। कुछ इलाकों में सर्द हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट की आशंका जताई गई है।
आमजन के लिए सलाह
सुबह जल्दी और देर रात यात्रा से बचें
वाहन चलाते समय फॉग लाइट और धीमी गति का उपयोग करें
बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के विशेष इंतजाम करें
खुले में काम करने वालों को गर्म कपड़े और अलाव की व्यवस्था करने की सलाह
राजस्थान में सर्दी ने इस सीजन का अब तक का सबसे कठोर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना फिलहाल सबसे जरूरी है।