भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल में कैदी की मौत: हार्ट अटैक से गई जान, हत्या के मामले में आजीवन कारावास काट रहा था कैदी

भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल में एक कैदी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। जेल प्रशासन ने प्राथमिक जांच शुरू की, और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। परिवार ने जेल में चिकित्सा सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन ने इसे खारिज किया। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Oct 24, 2025 - 13:42
भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल में कैदी की मौत: हार्ट अटैक से गई जान, हत्या के मामले में आजीवन कारावास काट रहा था कैदी

भरतपुर, 24 अक्टूबर 2025: राजस्थान के भरतपुर जिले की सेवर सेंट्रल जेल में एक कैदी की अचानक मौत हो गई। मृतक कैदी हार्ट अटैक का शिकार हो गया, जिसकी वजह से उसकी जान चली गई। यह घटना जेल प्रशासन के लिए एक झटका साबित हुई है, क्योंकि मृतक पर हत्या का गंभीर मामला दर्ज था और वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। जेल अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है, ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

घटना का विवरण:  सेवर सेंट्रल जेल, जो भरतपुर शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है, एक उच्च सुरक्षा वाली सुविधा है जहां विभिन्न अपराधों के दोषी कैदी रखे जाते हैं। गुरुवार शाम करीब 6 बजे कैदी अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत करने लगा। जेल के चिकित्सा स्टाफ ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन कैदी की हालत बिगड़ती चली गई। जेल के अंदर ही मौजूद डॉक्टरों ने उसे स्थानीय अस्पताल ले जाने की सलाह दी, लेकिन तब तक देरी हो चुकी थी। अंततः, हार्ट अटैक के कारण कैदी की मौत हो गई।जेल अधीक्षक के अनुसार, कैदी को नियमित चिकित्सा जांच के दौरान कोई गंभीर समस्या नहीं दिखी थी। वह जेल के सामान्य बैरक में रह रहा था और दैनिक कार्यों में भाग लेता था। मृत्यु के बाद जेल में शव का प्रारंभिक पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें हार्ट अटैक को मौत का मुख्य कारण बताया गया। हालांकि, विस्तृत जांच के लिए शव को भरतपुर के जिला अस्पताल भेज दिया गया है।

मृतक कैदी का बैकग्राउंड:  मृतक कैदी का नाम नरेश सिंघल बताया  जा रहा है। वह 45 वर्षीय निवासी भरतपुर शहर का रहने वाला था। शहर के एक प्रमुख हत्या के मामले में उस पर मुकदमा दर्ज हुआ था। भरतपुर जिला अदालत ने नरेश को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।कैदी के परिवार वाले भरतपुर में ही रहते हैं। घटना की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य जेल पहुंचे, जहां उन्होंने शव प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। परिवार का आरोप है कि जेल में कैदियों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। जेल प्रशासन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सभी कैदियों को नियमित स्वास्थ्य जांच और दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं।

जेल प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच:  घटना की सूचना मिलते ही जेल में आपातकालीन मीटिंग बुलाई गई। "कैदी की मौत पर हमें गहरा दुख है। हमारी प्राथमिकता कैदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी," उन्होंने कहा। जेल विभाग के उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है, और राज्य स्तर पर एक जांच समिति गठित की जा रही है।इसके अलावा, जेल में कैदियों के स्वास्थ्य को लेकर एक विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने का फैसला लिया गया है। जेल जैसी तनावपूर्ण परिस्थितियों में हृदय रोग जैसी बीमारियां आम हैं, इसलिए नियमित स्क्रीनिंग जरूरी है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.