हथियार लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक: 6 घंटे के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने समझा-बुझाकर नीचे उतारा
राजस्थान के चूरू जिले के फतेहपुर में नंदलाल प्रजापत नामक युवक ने रात 3 बजे धारदार हथियार लेकर मोबाइल टावर पर चढ़कर 6 घंटे तक हंगामा किया। POCSO एक्ट में झूठे केस में फंसाए जाने के गुस्से में यह उसकी चौथी बार ऐसी हरकत थी। सैकड़ों लोग जमा हुए, पुलिस थानाधिकारी महेंद्र कुमार मीणा ने समझा-बुझाकर सुबह 9 बजे उसे नीचे उतारा और थाने ले गए।
राजस्थान के चूरू जिले के फतेहपुर में एक बार फिर से एक चौंकाने वाली घटना ने लोगों को हिलाकर रख दिया। लोहारों के मोहल्ले में स्थित चूरू रोड पर एक युवक धारदार हथियार लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। यह युवक नंदलाल प्रजापत है, जिसने रात करीब 3 बजे टावर पर चढ़कर 6 घंटे तक हंगामा किया। सुबह 9 बजे पुलिस की समझाइश के बाद वह नीचे उतरा और पुलिस उसे अपने साथ कोतवाली थाने ले गई।
घटना का विवरण
स्थानीय मोहल्लेवासियों ने बताया कि नंदलाल प्रजापत ने रात के अंधेरे में मोबाइल टावर पर चढ़ाई की और हाथ में धारदार हथियार लेकर लहराता रहा। खबर फैलते ही सैकड़ों लोग टावर के नीचे जमा हो गए। लोग उसे नीचे उतरने के लिए मनाते रहे, लेकिन नंदलाल लगातार धमकियां देता रहा। उसने कहा कि अगर इस बार न्याय नहीं मिला तो वह कोई बड़ा अपराध कर बैठेगा। टावर पर खड़े होकर वह घंटों हथियार लहराता रहा, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही कोतवाली थानाधिकारी महेंद्र कुमार मीणा अपने जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। थानाधिकारी ने लंबे समय तक नंदलाल को समझाया, उससे बात की और आश्वासन दिया। आखिरकार 6 घंटे के लंबे प्रयास के बाद सुबह 9 बजे नंदलाल टावर से नीचे उतर आया। पुलिस ने उसे अपनी गाड़ी में बिठाकर कोतवाली थाने पहुंचाया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
चौथी बार टावर पर चढ़ने की घटना
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह नंदलाल की चौथी बार ऐसी हरकत है। लगभग डेढ़ साल पहले वह जयपुर में भी एक मोबाइल टावर पर चढ़ चुका था। इसी फतेहपुर वाले टावर पर यह उसकी तीसरी बार चढ़ाई है। लोग बताते हैं कि नंदलाल पर करीब 4 साल पहले POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले को लेकर वह काफी नाराज है और बार-बार टावर पर चढ़कर अपना गुस्सा जाहिर करता है।
POCSO मामले की पृष्ठभूमि
नंदलाल और उसके एक साथी पर लगभग 4 साल पहले POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। इस दौरान नंदलाल जेल भी गया। हालांकि, बाद में कोर्ट ने सबूतों के अभाव में या अन्य आधार पर उसे बरी कर दिया। नंदलाल का दावा है कि पुलिस ने उसे झूठे POCSO मामले में फंसाया था। इसी अन्याय की वजह से वह मानसिक रूप से आहत है और बार-बार ऐसी हरकतें करता है। वह न्याय की मांग को लेकर टावर पर चढ़कर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करता है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
मोहल्ले और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे। वे नंदलाल को समझाते रहे, लेकिन वह नहीं माना। पूरी घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया था। पुलिस के आने के बाद स्थिति संभली, लेकिन लोग इस तरह की बार-बार होने वाली घटनाओं से परेशान हैं।