वंदे भारत ट्रेन कर्मचारी युवती से रेप: प्राइवेट फोटो-वीडियो शेयर कर नौकरी छिनवाने की धमकी, पीड़िता ने अजमेर में दर्ज कराया केस

वंदे भारत ट्रेन में काम करने वाली युवती के साथ अजमेर के होटल में उत्तर प्रदेश के युवक ने दुष्कर्म किया। आरोपी ने पीड़िता के निजी फोटो-वीडियो सोशल मीडिया ग्रुपों में वायरल कर नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। 10 महीने तक ब्लैकमेल करने के बाद पीड़िता ने अजमेर कोतवाली में रेप व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

Nov 25, 2025 - 14:40
वंदे भारत ट्रेन कर्मचारी युवती से रेप: प्राइवेट फोटो-वीडियो शेयर कर नौकरी छिनवाने की धमकी, पीड़िता ने अजमेर में दर्ज कराया केस

अजमेर, 25 नवंबर 2025: भारतीय रेलवे की प्रतिष्ठित वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में ऑनबोर्ड स्टाफ के रूप में काम करने वाली एक युवती के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता ने उत्तर प्रदेश के एक युवक पर अजमेर के एक होटल में बलात्कार करने, उसके निजी फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया ग्रुपों में वायरल करने तथा लगातार धमकियों के जरिए ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोपी ने न केवल पीड़िता की निजता का उल्लंघन किया, बल्कि उसे नौकरी से बर्खास्त करवाने की धमकी देकर महीनों तक मानसिक उत्पीड़न करता रहा। पीड़िता ने आखिरकार सोमवार रात को अजमेर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता की आपबीती: ट्रेन में काम, लेकिन निजी जीवन में जाल पीड़िता एक 25 वर्षीय युवती है, जो वंदे भारत ट्रेन में हॉस्पिटैलिटी स्टाफ के रूप में कार्यरत है। वह दिल्ली-आधारित है और रेलवे में अपनी नौकरी को लेकर उत्साहित थी। जनवरी 2025 से इस घटना का सिलसिला शुरू हुआ, जब आरोपी—जिसकी पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के निवासी 28 वर्षीय  के रूप में हो रही है—से उसकी मुलाकात हुई। युवक खुद एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला युवक है, जो पीड़िता के बॉयफ्रेंड का परिचित बताया जा रहा है।पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने पहले उसके बॉयफ्रेंड के साथ उसके निजी फोटो और वीडियो हासिल किए, जो विश्वास के आधार पर साझा किए गए थे। लेकिन धीरे-धीरे उसका व्यवहार बदल गया। फरवरी 2025 में अजमेर में एक होटल में आरोपी ने पीड़िता को धोखे से बुलाया और शराब परोसकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसने पीड़िता के नग्न फोटो और वीडियो भी बनाए। घटना के बाद पीड़िता ने विरोध किया, लेकिन आरोपी ने उसे चुप रहने की धमकी दी।

महीनों का ब्लैकमेल: धमकियां और सोशल मीडिया पर वायरल दुष्कर्म के बाद आरोपी का उत्पीड़न और तेज हो गया। जनवरी से नवंबर 2025 तक के लगभग 10 महीनों में उसने पीड़िता को सैकड़ों धमकी भरे मैसेज भेजे। मुख्य आरोप यह है कि आरोपी ने पीड़िता के प्राइवेट फोटो और वीडियो को विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों और फेसबुक कम्युनिटी में शेयर कर दिया, जहां रेलवे कर्मचारियों और उसके जान-पहचान वालों के अलावा अनजान लोग भी शामिल थे। इन ग्रुपों में फोटो-वीडियो को 'ट्रेन स्टाफ की अनैतिकता' जैसे कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया, जिससे पीड़िता की सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचा।आरोपी की धमकियां और भी खतरनाक थीं। वह बार-बार कहता था, "अगर तू मेरा साथ नहीं देगी, तो तेरी ये फोटो तेरी नौकरी छीन लेंगी। रेलवे को भेज दूंगा, देखना तुझे कैसे निकालेंगे।" पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसके बॉयफ्रेंड को भी फंसाने की कोशिश कर रहा था, जिसके कारण उसका रिश्ता भी टूटने की कगार पर पहुंच गया। मानसिक तनाव के चलते पीड़िता ने कई बार सुसाइड के विचार भी आए, लेकिन परिवार और दोस्तों के समर्थन से वह थाने पहुंची।

थाने में शिकायत: पुलिस ने दर्ज किया रेप और ब्लैकमेल का केस सोमवार रात करीब 10 बजे पीड़िता अपने एक महिला मित्र के साथ अजमेर कोतवाली थाने पहुंची। उसने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 (दुष्कर्म), 66 (बल से शारीरिक संबंध), 74 (ब्लैकमेल), 77 (प्राइवेसी का उल्लंघन) और आईटी एक्ट की धारा 66ई (निजी छवियों का दुरुपयोग) के तहत एफआईआर दर्ज कराई। पीड़िता ने थाने में आरोपी के मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया स्क्रीनशॉट्स भी सौंपे, जो उसके दावों को मजबूत करते हैं।कोतवाली थाने के एसएचओ ने बताया, "पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए गए हैं। आरोपी की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और उसके मोबाइल लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भी कंटेंट हटाने के लिए संपर्क किया जाएगा। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है।" पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने पर भी विचार किया है, क्योंकि वह उत्तर प्रदेश भाग चुका है।

रेलवे और सोशल मीडिया की भूमिका: क्या कदम उठाएंगे? यह मामला रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा और सोशल मीडिया पर साइबर क्राइम के खतरे को उजागर करता है। वंदे भारत ट्रेन, जो सेमी-हाई स्पीड ट्रेन के रूप में जानी जाती है, में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, लेकिन ऐसी घटनाएं सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा रही हैं। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "कर्मचारी की शिकायत पर हम जांच करेंगे और जरूरी कदम उठाएंगे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए काउंसलिंग और लीगल एड उपलब्ध कराया जाएगा।"सोशल मीडिया कंपनियों पर भी सवाल उठे हैं। पीड़िता के वकील ने कहा, "फोटो-वीडियो वायरल होने के बाद रिपोर्ट करने पर भी कंटेंट पूरी तरह हटाया नहीं गया। सख्त साइबर लॉ की जरूरत है।" विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पीड़िताओं को तुरंत साइबर सेल की मदद लेनी चाहिए।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.