कैप्चा जॉब के नाम पर साइबर ठगी का जाल: घर बैठे कमाई का सपना बन रहा बड़ा खतरा – राजस्थान पुलिस का सख्त अलर्ट

राजस्थान पुलिस ने कैप्चा जॉब के नाम पर चल रही साइबर ठगी का बड़ा अलर्ट जारी किया है। ठग सोशल मीडिया पर घर बैठे 20-30 हजार कमाने का लालच देकर रजिस्ट्रेशन फीस, ट्रेनिंग चार्ज आदि के नाम पर पैसे ऐंठते हैं, फिर असंभव टारगेट देकर भुगतान से इनकार करते हैं और अंत में गायब हो जाते हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कोई वैध कंपनी एडवांस फीस नहीं मांगती, ऐसे ऑफर फर्जी होते हैं। युवा, छात्र और गृहिणियां विशेष रूप से सतर्क रहें।

Feb 7, 2026 - 15:37
कैप्चा जॉब के नाम पर साइबर ठगी का जाल: घर बैठे कमाई का सपना बन रहा बड़ा खतरा – राजस्थान पुलिस का सख्त अलर्ट

जयपुर। घर बैठे आसान और त्वरित कमाई का सपना देख रहे युवा, छात्र, बेरोजगार और गृहिणियां सावधान! सोशल मीडिया पर फैल रहे "कैप्चा सॉल्विंग जॉब" के नाम पर एक बड़ा साइबर फ्रॉड चल रहा है, जिसमें ठग लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते खाली कर रहे हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने इस बढ़ते ट्रेंड का पर्दाफाश किया है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

उप महानिरीक्षक पुलिस (साइबर क्राइम) विकास शर्मा के अनुसार, यह ठगी का एक तेजी से फैलता हुआ तरीका है। ठग मुख्य रूप से फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक विज्ञापन पोस्ट करते हैं। इनमें दावा किया जाता है कि सिर्फ कैप्चा कोड भरने (टाइप करने) से हर महीने 20,000 से 30,000 रुपये तक आसानी से कमाए जा सकते हैं। कोई विशेष स्किल या ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं बताई जाती, जिससे बेरोजगारी से जूझ रहे लोग जल्दी आकर्षित हो जाते हैं।

ठग कैसे फंसाते हैं पीड़ितों को?

ठगी की पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाती है:प्रारंभिक संपर्क और लालच: व्यक्ति संपर्क करने पर ठग उसे प्रोफेशनल दिखने वाला फर्जी जॉब एग्रीमेंट, कंपनी का प्रोफाइल, वेबसाइट लिंक या ऑफिस एड्रेस भेजते हैं। सब कुछ असली जैसा लगता है।

एडवांस पेमेंट की मांग: रजिस्ट्रेशन फीस, ट्रेनिंग चार्ज, सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर 1,000 से 10,000 रुपये या इससे ज्यादा राशि मांगी जाती है। कई बार फर्जी पहचान पत्र या नकली कंपनी डॉक्यूमेंट्स भी दिखाए जाते हैं।

पोर्टल एक्सेस और असंभव टारगेट: पैसे मिलने के बाद ठग एक फर्जी पोर्टल या ऐप का लॉगिन देते हैं, जहां हजारों कैप्चा बहुत कम समय में भरने का टारगेट सेट किया जाता है – जो व्यावहारिक रूप से असंभव होता है।

पेमेंट से इनकार और और पैसे मांगना: जब पीड़ित अपनी मेहनत का भुगतान मांगता है, तो ठग छोटी-मोटी गलतियों का बहाना बनाकर पैसे देने से मना कर देते हैं। फिर "प्रोसेसिंग फीस", "टैक्स" या "अकाउंट एक्टिवेशन" के नाम पर और राशि मांगते हैं।अंतिम चरण – गायब होना: जब पीड़ित और पैसे नहीं दे पाता या शक करता है, तो ठग मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं और संपर्क से गायब हो जाते हैं। पीड़ित का नुकसान हजारों से लाखों तक पहुंच जाता है।

राजस्थान पुलिस की सख्त चेतावनी

राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि कोई भी प्रतिष्ठित या वैध कंपनी कभी भी नौकरी देने के बदले एडवांस पेमेंट या फीस नहीं मांगती। ऐसे सभी ऑफर 100% फर्जी होते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है:घर बैठे कमाई के लालच में न आएं।किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप या वेबसाइट पर क्लिक न करें।पर्सनल या बैंक डिटेल्स कभी शेयर न करें।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.