अमेरिका में सरकारी शटडाउन: 40 एयरपोर्ट्स पर 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द, स्टाफ की कमी से हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित

अमेरिका में 38 दिनों से चल रहे सरकारी शटडाउन के कारण FAA ने 40 प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानें कम कीं, शुक्रवार को 5000+ उड़ानें रद्द हुईं, बिना वेतन काम कर रहे कर्मचारियों की कमी से हवाई यात्रा ठप।

Nov 9, 2025 - 18:48
अमेरिका में सरकारी शटडाउन: 40 एयरपोर्ट्स पर 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द, स्टाफ की कमी से हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित

वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: अमेरिकी सरकार का शटडाउन अब 38 दिनों से अधिक समय से चल रहा है, जिसका सबसे गंभीर असर हवाई यात्रा क्षेत्र पर पड़ रहा है। शुक्रवार को देशभर में 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द या विलंबित हो गईं, जो यात्रियों के लिए एक बड़ा झटका साबित हु

आ। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने गुरुवार को 40 प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ान कटौती का ऐलान किया था, जिसमें न्यूयॉर्क और वाशिंगटन डीसी के व्यस्त हब शामिल हैं। इनमें से अधिकांश एयरपोर्ट्स अमेरिका के सबसे व्यस्त हवाई मार्गों का हिस्सा हैं, जिससे लाखों यात्रियों का सफर प्रभावित हो रहा है।

शटडाउन का हवाई यातायात पर गहरा असर;  अमेरिकी सरकार का यह शटडाउन 2018-19 के ऐतिहासिक गतिरोध का हिस्सा है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दीवार फंडिंग की मांग और डेमोक्रेटिक पार्टी के विरोध के कारण चला आ रहा है। अब तक यह दुनिया का सबसे लंबा शटडाउन बन चुका है, जिसमें करीब 8 लाख फेडरल कर्मचारी बिना वेतन के काम करने को मजबूर हैं। हवाई यात्रा क्षेत्र में इसका सबसे बुरा प्रभाव FAA और ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (TSA) के कर्मचारियों पर पड़ा है। इन एजेंसियों के हजारों स्टाफ सदस्य बिना सैलरी के ड्यूटी पर तैनात हैं, जिससे थकान, तनाव और स्टाफ की कमी जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं।शुक्रवार को रद्द हुई 5,000 उड़ानों में से अधिकांश पूर्वी तट के व्यस्त एयरपोर्ट्स से संबंधित थीं। FAA के अनुसार, हवा में ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सेवाओं में कमी के कारण यह कदम उठाना पड़ा। न्यूयॉर्क के जॉन एफ. कैनेडी (JFK), ला गार्डिया (LGA) और न्यूर्क (EWR) एयरपोर्ट्स पर 30% तक उड़ानें कटौती गईं। इसी तरह, वाशिंगटन डीसी के रोनाल्ड रीगन नेशनल (DCA) और डल्स (IAD) एयरपोर्ट्स पर भी भारी व्यवधान हुआ। ये एयरपोर्ट्स न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रमुख केंद्र हैं, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री गुजरते हैं।

स्टाफ की कमी: बिना सैलरी के काम कर रहे कर्मचारी शटडाउन के कारण FAA के लगभग 1,800 एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और TSA के 50,000 से अधिक स्क्रीनर्स बिना वेतन के काम कर रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारी छुट्टियों पर चले गए हैं या बीमार अवकाश ले रहे हैं, जिससे एयरपोर्ट्स पर स्टाफ की भारी कमी हो गई है। TSA ने स्वीकार किया है कि स्क्रीनिंग लाइनों में देरी बढ़ गई है, और कुछ एयरपोर्ट्स पर सिक्योरिटी चेक के लिए 2-3 घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। एक FAA अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "कर्मचारी थक चुके हैं। बिना पैसे के काम करना किसी के लिए आसान नहीं। इससे गलतियां बढ़ रही हैं, जो सुरक्षा के लिए खतरा हैं।"उड़ान कैंसिलेशन का आंकड़ा भी चौंकाने वाला है। फ्लाइटअवेयर (FlightAware) के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को अमेरिका में कुल 5,300 उड़ानें रद्द हुईं, जो सामान्य दिनों से 10 गुना अधिक है। इनमें डेल्टा, अमेरिकन एयरलाइंस और यूनाइटेड जैसी प्रमुख कंपनियों की उड़ानें शामिल हैं। यात्रियों को हो रही परेशानी के बीच एयरलाइंस कंपनियां अतिरिक्त खर्च वहन कर रही हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के बावजूद वे पूर्ण सेवाएं नहीं दे पा रही हैं।

यात्रियों पर क्या असर?  इस शटडाउन से न केवल व्यावसायिक यात्रियों बल्कि छुट्टियां मनाने वालों पर भी भारी बोझ पड़ा है। क्रिसमस और न्यू ईयर के मौसम में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। अमेरिकी परिवहन विभाग के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में 20,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे यात्रियों को रिफंड, होटल और वैकल्पिक उड़ानों का इंतजार करना पड़ रहा है। एक यात्री ने न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर कहा, "हमारी फैमिली ट्रिप बर्बाद हो गई। तीन दिन से फंसे हैं, और कोई साफ जवाब नहीं मिल रहा।"

समाधान की उम्मीद?  बातचीत जारी है, लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। FAA ने चेतावनी दी है कि अगर शटडाउन लंबा खिंचा, तो उड़ान कटौती और बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर का नुकसान पहुंचा रहा है, जिसमें हवाई यात्रा क्षेत्र अकेले 10 अरब डॉलर से अधिक खो चुका है। यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति ऐप्स के माध्यम से चेक करें और वैकल्पिक योजनाएं बनाएं। 

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.