खेत में काम करते किसान की तबीयत बिगड़ी: इलाज के दौरान उदयपुर अस्पताल में निधन, बड़ा राजपुरा गांव का मामला

उदयपुर के बड़ा राजपुरा गांव में खेत में गेहूं बुवाई कर रहे 40 वर्षीय किसान हिम्मतलाल कुलमी को उल्टी के बाद तबीयत बिगड़ी; कानोड़ से भिंडर और फिर एमबी अस्पताल रेफर करने पर इलाज दौरान निधन।

Nov 10, 2025 - 12:53
खेत में काम करते किसान की तबीयत बिगड़ी: इलाज के दौरान उदयपुर अस्पताल में निधन, बड़ा राजपुरा गांव का मामला

राजस्थान के उदयपुर जिले के कानोड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बड़ा राजपुरा गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। खेत में गेहूं की फसल की बुवाई कर रहे 40 वर्षीय किसान हिम्मतलाल कुलमी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद महाराणा भूपाल चिकित्सालय (एमबी अस्पताल) में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। यह घटना रविवार को हुई, जिसने पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है।

घटना का विवरण; पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, हिम्मतलाल कुलमी (उम्र 40 वर्ष) बड़ा राजपुरा गांव के निवासी थे। वे अपने खेत में गेहूं की फसल की बुवाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें जोरदार उल्टी हुई और तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। खेत में मौजूद उनके भाई पवन पाटीदार और भेरू लाल कुलमी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हिम्मतलाल को उठाकर पास के कानोड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए।कानोड़ अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। हिम्मतलाल की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल भिंडर रेफर कर दिया। भिंडर अस्पताल में भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय रेफर किया। उदयपुर के एमबी अस्पताल में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने इलाज जारी रखा, लेकिन दुर्भाग्यवश हिम्मतलाल की सांसें थम गईं। मौत का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक जांच में उल्टी और अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने को मुख्य वजह बताया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत की असल वजह का पता चलेगा।

पुलिस कार्रवाई;  हिम्मतलाल के पिता अर्जुन लाल कुलमी ने कानोड़ थाने में इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमबी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामला प्राकृतिक मौत का लग रहा है, लेकिन सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिवार और गांव का माहौल;  हिम्मतलाल कुलमी परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शोक की छाया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसी और ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। किसान होने के नाते हिम्मतलाल कड़ी मेहनत करते थे और फसल के मौसम में खेतों में दिन-रात लगे रहते थे।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.