बीकानेर के रंजीतपुरा में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या: पुलिस ने चार दिनों की मशक्कत के बाद आरोपी को हिरासत में लिया
बीकानेर के रंजीतपुरा गांव में 21 फरवरी को परीक्षा देने जा रही 8वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म कर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। चार दिनों की कड़ी जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी श्याम सुंदर मेघवाल को हिरासत में लिया। घटना के बाद ग्रामीणों ने धरना दिया, जिसमें आरोपी की गिरफ्तारी के साथ परिवार को मुआवजा और नौकरी की मांग की गई। पुलिस आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी, जबकि इलाके में आक्रोश जारी है।
बीकानेर जिले के रंजीतपुरा (रंजीतपुर) गांव में 21 फरवरी 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर दिया। आठवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा, जो राजस्थान बोर्ड की परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, बीच रास्ते में क्रूरता की शिकार हो गई। आरोपी ने पहले उसका अपहरण किया, फिर दुष्कर्म किया और अंत में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। शव अर्धनग्न अवस्था में नहर किनारे झाड़ियों में मिला था, जिससे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया।
घटना का विवरण
13 वर्षीय मासूम छात्रा (सैन समाज से संबंधित) शनिवार दोपहर परीक्षा केंद्र की ओर जा रही थी। जब वह स्कूल नहीं पहुंची, तो परिवार और स्कूल प्रशासन को सूचना मिली। खोजबीन के दौरान उसके शव की बरामदगी हुई, जिसमें दुष्कर्म और हत्या के स्पष्ट संकेत मिले। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आरोपी ने स्कार्फ से गला घोंटकर और मुंह में रेत भरकर उसकी हत्या की। घटनास्थल पर पद चिह्न और अन्य सुराग भी मिले थे।
पुलिस की कार्रवाई और सफलता
बीकानेर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। चार दिनों की लगातार छानबीन, पूछताछ और तकनीकी सबूतों के आधार पर सोमवार (24 फरवरी 2026) देर रात पुलिस ने मुख्य आरोपी श्याम सुंदर मेघवाल नामक युवक को हिरासत में ले लिया। यह पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की विस्तृत जानकारी साझा करेगी, जिसमें जांच के अपडेट, आरोपी की भूमिका और आगे की कार्रवाई पर प्रकाश डाला जाएगा।
ग्रामीणों का आंदोलन और मांगें
घटना के बाद से गांव और आसपास के क्षेत्रों में हजारों लोग धरने पर बैठे हुए हैं। मुख्य मांग आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी थी, जो अब पूरी हो चुकी है। इसके अलावा प्रदर्शनकारी पीड़ित परिवार की अन्य मांगों पर अड़े हैं, जिनमें शामिल हैं: पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा,परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी,दोषी को कड़ी से कड़ी सजा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई। हालांकि धरना अभी समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन और धरनार्थियों के बीच सकारात्मक वार्ता होने की संभावना है। पुलिस और जिला प्रशासन ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने में जुटे हैं।
समाज में आक्रोश और राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह घटना महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विभिन्न राजनीतिक नेताओं, कांग्रेस और अन्य दलों ने सरकार की नाकामी बताते हुए निंदा की है। समाज में बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, और लोग ऐसी घटनाओं पर कड़े कदमों की मांग कर रहे हैं।