पूर्व बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने कार्यकर्ता संवाद में पीएम मोदी का ऑडियो बजाया: बोले- मेरी बात पर प्रधानमंत्री ने लगाई मुहर; कंबल विवाद पर कांग्रेस को दिया पलटवार

राजस्थान के टोंक में पूर्व बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने फरवरी 2026 में एक निजी कंबल वितरण कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं से नाम पूछकर कंबल वापस ले लिए थे, यह कहते हुए कि जो पीएम मोदी को गाली देते हैं, उन्हें सहायता का हक नहीं। वीडियो वायरल होने पर विवाद खड़ा हुआ। अब 21 मार्च 2026 को पीपलू में बीजेपी कार्यकर्ता संवाद में उन्होंने सफाई दी कि यह निजी कार्यक्रम था, केवल अपने समर्थकों के लिए था, और पीएम मोदी के भाषण का ऑडियो बजाकर कहा कि उनकी बात पर प्रधानमंत्री ने मुहर लगाई। उन्होंने कांग्रेस को मुस्लिम लीग-माओवादी पार्टी बताया और कहा कि कंबल बांटना उनका व्यक्तिगत मामला है।

Mar 22, 2026 - 15:15
पूर्व बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने कार्यकर्ता संवाद में पीएम मोदी का ऑडियो बजाया: बोले- मेरी बात पर प्रधानमंत्री ने लगाई मुहर; कंबल विवाद पर कांग्रेस को दिया पलटवार

राजस्थान के टोंक जिले में पूर्व बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। फरवरी 2026 में निवाई तहसील के करेड़ा गांव में आयोजित एक निजी कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिलाओं से कंबल वापस लेने का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इस घटना में आरोप लगा था कि जौनापुरिया ने महिलाओं से नाम पूछने के बाद उनके धर्म का अनुमान लगाकर कंबल वापस ले लिए और कहा था कि "जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली देते हैं, उन्हें कंबल लेने का हक नहीं है।"

इस विवाद पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से तीखी आलोचना हुई, जिसमें इसे भेदभावपूर्ण और असंवेदनशील बताया गया। अब, 21 मार्च 2026 को टोंक के पीपलू में बीजेपी के कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में जौनापुरिया ने इस मुद्दे पर खुलकर सफाई दी और कांग्रेस की बयानबाजी का करारा पलटवार किया।

कार्यक्रम में मंच पर पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया के अलावा गुर्जर नेता विजय बैंसला और पूर्व जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी भी मौजूद थे। पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यनारायण चौधरी अपनी बात रखते हुए कह रहे थे कि अजमेर में पीएम मोदी ने कांग्रेस को माइनॉरिटी की पार्टी बताया है, और जौनापुरिया ने तो "बहुत छोटा" कहा था।

इतना सुनते ही जौनापुरिया ने माइक छीन लिया और कहा, "इधर दे दो माइक जल्दी से... मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता था। न मैं ऐसी भाषा बोलता हूं, न मैंने 12 साल में कभी बोली है।" उन्होंने आगे बताया कि कार्यक्रम उनके कार्यकर्ताओं के लिए था, जहां उन्होंने निजी तौर पर कंबल बांटे थे। सरकारी योजनाएं तो सभी को मिल रही हैं, लेकिन यह उनका व्यक्तिगत मामला था।

जौनापुरिया ने घटना का जिक्र करते हुए कहा, "मैंने एक लेडी से पूछा क्या नाम है, उसने नाम बताया। मैंने पूछा कितनी हो? उसने कहा 20-25 हैं। मैंने कहा- ठहर-ठहर, मैंने साफ कहा- कतई नहीं दूंगा, भला मानो चाहे बुरा मानो।" उन्होंने जोर देकर कहा, "अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करना है। बताओ मैंने क्या गलत किया भाई? कंबल ही तो हैं, हम दे चाहे न दें। यह हमारा निजी मामला है।"

इसके बाद जौनापुरिया ने अपने सहयोगी से फोन मंगवाया और माइक पर लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भाषण का ऑडियो बजाया। ऑडियो सुनाते हुए उन्होंने कहा, "अब मेरा इसमें क्या दोष है? देखो मोहर लग गई न मेरी बात पर।" उनका इशारा था कि पीएम मोदी के किसी बयान (संभवतः कांग्रेस या विपक्षी दलों पर टिप्पणी) ने उनकी कार्रवाई को समर्थन दिया है।

कार्यक्रम के दौरान गुर्जर नेता विजय बैंसला ने भी संबोधन दिया। उन्होंने निवाई-पीपलू विधानसभा में 45 हजार गुर्जर मतदाताओं का जिक्र करते हुए विधायक रामसहाय वर्मा को चेतावनी दी, "चुनाव में 45 हजार का ध्यान रखना, वरना कैंची दोनों तरफ से चलेगी।" बाद में बैंसला किसी आवश्यक काम के बहाने मंच छोड़कर चले गए।

यह घटना फरवरी के मूल विवाद को फिर से जीवंत कर रही है, जहां जौनापुरिया के बयान और कार्रवाई पर व्यापक बहस हुई थी। उन्होंने अब स्पष्ट किया कि कंबल वितरण सरकारी नहीं, बल्कि निजी था और उनका उद्देश्य केवल अपने समर्थकों का सम्मान करना था। कांग्रेस ने इसे मुस्लिम विरोधी करार दिया था, जबकि जौनापुरिया ने इसे राजनीतिक हमला बताते हुए पीएम मोदी के बयान से जोड़ दिया।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.