LPG संकट के बाद अब दूध की सप्लाई पर मंडराया बड़ा खतरा!
एलपीजी गैस की कमी के कारण देश में डेयरी उद्योग संकट में है। दूध की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग प्रभावित हो रही है और कई यूनिट्स के पास केवल 8–10 दिन का स्टॉक बचा है। मांग में गिरावट के साथ-साथ उत्पादन पर असर पड़ा है। यदि जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो दूध की सप्लाई बाधित हो सकती है।
देश में एलपीजी (LPG) गैस की कमी का असर अब डेयरी सेक्टर पर साफ दिखाई देने लगा है। गैस आपूर्ति में बाधा आने से दूध की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग दोनों प्रभावित हो रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में दूध की उपलब्धता पर संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।
पैकेजिंग सामग्री का स्टॉक तेजी से घटा
डेयरी उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कई यूनिट्स के पास प्लास्टिक पैकेट और कार्टन जैसी पैकेजिंग सामग्री का सीमित स्टॉक ही बचा है। मौजूदा स्थिति में यह स्टॉक लगभग 8–10 दिनों तक ही चल सकता है। अगर समय पर सप्लाई बहाल नहीं हुई तो दूध की पैकिंग बाधित हो सकती है।
प्रोसेसिंग पर भी पड़ा असर
दूध को सुरक्षित रखने के लिए उसे पाश्चुरीकरण (Pasteurization) प्रक्रिया से गुजरना होता है, जिसमें ताप और ऊर्जा की जरूरत होती है। एलपीजी की कमी के कारण कई डेयरी प्लांट्स में यह प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन क्षमता घट रही है।
बाजार की मांग में गिरावट
होटल, रेस्टोरेंट और बड़े थोक खरीदारों की ओर से दूध की मांग में कमी देखने को मिली है। इसका एक कारण गैस संकट के चलते इन संस्थानों का सीमित संचालन भी बताया जा रहा है। इससे डेयरी उद्योग की बिक्री पर भी असर पड़ा है।
उद्योग से जुड़ी चेतावनी
डेयरी सेक्टर के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। एक प्रमुख डेयरी यूनिट के प्रबंधन ने संकेत दिया है कि मौजूदा हालात बने रहे तो उत्पादन और सप्लाई दोनों प्रभावित होकर बाजार में दूध की कमी हो सकती है।
संकट की जड़ क्या है
यह समस्या मुख्य रूप से ऊर्जा और पेट्रोलियम आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण उत्पन्न हुई है। एलपीजी की सीमित उपलब्धता का सीधा असर उन उद्योगों पर पड़ रहा है, जो पूरी तरह इस पर निर्भर हैं—डेयरी सेक्टर उनमें प्रमुख है।
आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही गैस सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो:
दूध की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है
बाजार में दूध और डेयरी उत्पादों की कमी हो सकती है
छोटे डेयरी व्यवसाय सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं
एलपीजी संकट ने डेयरी उद्योग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की रसोई तक पहुंचेगा। सरकार और संबंधित एजेंसियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे जल्द से जल्द गैस आपूर्ति को स्थिर करें, ताकि दूध जैसी जरूरी वस्तु की उपलब्धता प्रभावित न हो।