ईरान ने इज़राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं: सैकड़ों घायल, ट्रंप का होर्मुज स्ट्रेट पर 48 घंटे का अल्टीमेटम
ईरान ने इज़राइल के दक्षिणी शहरों डिमोना (न्यूक्लियर सुविधा के निकट) और अराद पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसमें 100 से अधिक (कुछ रिपोर्ट्स में 150-300 तक) लोग घायल हुए, इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। यह हमला अमेरिका-इज़राइल के ईरान पर हमलों (जैसे नतांज साइट) के जवाब में हुआ। ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को 48 घंटे में पूरी तरह खोलने का अल्टीमेटम दिया, अन्यथा ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करने की धमकी दी। ईरान ने जवाबी हमलों की चेतावनी दी। राष्ट्रपति मसूद पेजशकियान ने पीएम मोदी से फोन पर बात की और BRICS से हमलों रोकने में स्वतंत्र भूमिका निभाने की अपील की, साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे का सुझाव दिया। स्थिति तेजी से बिगड़ रही है, वैश्विक तेल संकट का खतरा बढ़ गया।
मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां ईरान ने इज़राइल पर हाल के दिनों में कई बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं। रविवार सुबह और शनिवार रात के हमलों में इज़राइल के दक्षिणी इलाकों जैसे डिमोना और अराद शहरों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में इज़राइल के न्यूक्लियर प्लांट वाले क्षेत्र डिमोना भी प्रभावित हुआ।
समाचार स्रोतों के अनुसार, इन मिसाइल हमलों से सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। अल जज़ीरा और सीएनएन जैसी अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अराद और डिमोना में दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, और 100 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इज़राइली स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन टीमों ने मास कैजुअल्टी इवेंट घोषित किया। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में घायलों की संख्या 300 से अधिक बताई गई है, लेकिन नवीनतम अपडेट्स में यह मुख्य रूप से दक्षिणी इज़राइल पर केंद्रित हमलों से जुड़ी है। इज़राइल की एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को रोक लिया, लेकिन कुछ मिसाइलें लक्ष्य पर पहुंचीं, जिससे इमारतों को भारी नुकसान हुआ और डेब्री गिरने से चोटें आईं।
ये हमले अमेरिका-इज़राइल के ईरान पर चल रहे सैन्य अभियान के जवाब में हो रहे हैं, जिसमें ईरान के न्यूक्लियर साइट्स और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है। ईरान के हमले इज़राइल के न्यूक्लियर सुविधाओं के करीब हुए, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
ट्रंप का सख्त अल्टीमेटम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने लिखा कि अगर 48 घंटों के अंदर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोलकर नेविगेशन के लिए सुरक्षित नहीं किया गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करेगा, और शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी। ट्रंप ने कहा, "ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी धमकी के पूरी तरह खोलना होगा, वरना अमेरिका उनके पावर प्लांट्स को तबाह कर देगा।"
ईरान ने इस धमकी का जवाब देते हुए चेतावनी दी है कि अगर उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाया गया, तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इज़राइल से जुड़े सभी ऊर्जा ढांचों (ऑयल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर) पर हमला करेगा। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग है, और इसकी बंदी से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
ईरान की BRICS से अपील और मोदी से बातचीत
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजशकियान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। इस बातचीत में पेजशकियान ने कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया है, और अमेरिका-इज़राइल की "आक्रामकता" को तुरंत रोकना चाहिए। उन्होंने BRICS (जिसकी वर्तमान अध्यक्षता भारत के पास है) से अपील की कि वह स्वतंत्र रूप से ईरान पर हो रहे हमलों को रोकने में भूमिका निभाए।
पेजशकियान ने सुझाव दिया कि मिडिल ईस्ट (वेस्ट एशिया) के देश मिलकर एक नया क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा बनाएं, जिसमें विदेशी हस्तक्षेप कम हो और क्षेत्रीय सहयोग से शांति स्थापित हो। उन्होंने कहा कि BRICS को बिना किसी दबाव के काम करना चाहिए और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करनी चाहिए।