गहलोत का सरकार पर बड़ा हमला—'विश्वस्तरीय हेल्थ मॉडल को किया जा रहा बर्बाद'

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान की वर्तमान सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का विश्वस्तरीय हेल्थ मॉडल उपेक्षा के कारण बिगड़ रहा है। RGHS भुगतान में देरी, चिरंजीवी योजना की धीमी स्थिति और अस्पतालों में खून की कमी को लेकर उन्होंने सरकार को घेरा।

Mar 23, 2026 - 15:56
गहलोत का सरकार पर बड़ा हमला—'विश्वस्तरीय हेल्थ मॉडल को किया जा रहा बर्बाद'

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने एक बार फिर राज्य की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश का मजबूत और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य मॉडल, जिसे उनकी सरकार ने तैयार किया था, वर्तमान सरकार की उपेक्षा के कारण तेजी से कमजोर हो रहा है।

सीएम पर व्यक्तिगत टिप्पणियों का आरोप

गहलोत ने कहा कि जब वे जनता की समस्याओं को सोशल मीडिया के जरिए उठाते हैं, तो मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma समाधान निकालने के बजाय उन पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने में व्यस्त रहते हैं।उन्होंने 18 मार्च को आयोजित Rajasthan Yuva Shakti Diwas कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी मुख्यमंत्री ने मुद्दों पर बात करने की बजाय उन पर तंज कसा।

स्वास्थ्य सेवाओं के बिगड़ने का दावा

गहलोत ने अपने बयान में कहा कि राजस्थान का हेल्थ सिस्टम, जो पहले मजबूत माना जाता था, अब उपेक्षा का शिकार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सरकार द्वारा विकसित हेल्थ मॉडल को मौजूदा सरकार धीरे-धीरे खत्म कर रही है, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

RGHS और चिरंजीवी योजना पर सवाल

पूर्व सीएम ने RGHS के तहत बकाया भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी के चलते निजी अस्पताल एक बार फिर ओपीडी और फार्मेसी सेवाएं बंद करने की तैयारी में हैं, जिससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इसके अलावा Chiranjeevi Scheme (MAA योजना) को लेकर भी उन्होंने आरोप लगाया कि इसे कमजोर कर दिया गया है, जिससे अस्पतालों में इलाज में देरी और दवाइयों की कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

ब्लड की कमी को बताया 'हेल्थ इमरजेंसी'

गहलोत ने जयपुर के बड़े अस्पतालों—SMS Hospital और Janana Hospital—में खून की कमी को गंभीर स्थिति बताया। उन्होंने इसे “हेल्थ इमरजेंसी” करार देते हुए सरकार से मांग की कि निजी ब्लड बैंकों पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।

गांवों में बढ़ता असंतोष

गहलोत ने चाकसू क्षेत्र के 108 वर्षीय बुजुर्ग गोलूराम माली से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों में भी लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य समेत कई योजनाओं के रुकने से जनता में सरकार के प्रति रोष है।

निष्कर्ष

पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान राजस्थान की राजनीति में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बढ़ते टकराव को दर्शाता है। एक तरफ गहलोत अपनी सरकार के कामकाज को बेहतर बताते हुए मौजूदा सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.