फिर से इंसानियत शर्मसार: जैसलमेर के देवा गांव में पीहर में कैद युवती ने वीडियो जारी कर लगाई मदद की गुहार, बोली- "मुझे बचा लो वरना मैं मर जाऊंगी"
जैसलमेर के देवा गांव में पीहर में कैद एक युवती ने वीडियो जारी कर मदद मांगी: "मुझे बचा लो वरना मैं मर जाऊंगी"। रोज पीटाई, दवाइयां देकर प्रताड़ना का आरोप। सोशल मीडिया पर वायरल, पुलिस से गुहार। इंसानियत शर्मसार!
जोधपुर/जैसलमेर, 07 मार्च 2026: राजस्थान के जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत देवा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक युवती ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में अपने दर्द को बयां करते हुए न्याय और मदद की गुहार लगाई है। वीडियो में वह रोते हुए कह रही है, "मुझे बचा लो वरना मैं मर जाऊंगी"। उसका आरोप है कि उसके मायके (पीहर) वाले उसे उसके पति के पास नहीं जाने दे रहे हैं, रोजाना पीटते हैं, मारते हैं और अलग-अलग दवाइयां देकर उसे परेशान कर रहे हैं।
युवती ने वीडियो में बताया कि वह लगातार प्रताड़ना का शिकार है और उसकी जान को खतरा है। उसने पुलिस और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि उसे सुरक्षित उसके वैवाहिक घर पहुंचाया जा सके। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में आक्रोश है और इंसानियत पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना का विवरण
देवा गांव की इस युवती का वैवाहिक जीवन संकट में है। परिजनों द्वारा कथित तौर पर उसे घर में कैद रखा गया है। वीडियो में वह भावुक होकर कह रही है कि रोजाना मारपीट होती है और दवाइयां देकर उसे कमजोर किया जा रहा है। उसने अपील की है कि यदि समय रहते मदद नहीं मिली तो वह अपनी जान दे देगी। यह मामला घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
वीडियो को कई यूजर्स ने शेयर किया है, जिसमें @RajPoliceHelp और @JaisalmerPolice को टैग कर त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है। लोग इसे "इंसानियत शर्मसार" करार दे रहे हैं और युवती की सुरक्षा पर चिंता जता रहे हैं। कुछ पोस्ट्स में इसे "पीहर में कैद लड़की का दर्द" बताया गया है।
पुलिस की भूमिका
अभी तक जैसलमेर पुलिस या मोहनगढ़ थाने की ओर से इस वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही संज्ञान लेगी और जांच शुरू करेगी। पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपों की जांच के लिए मामला दर्ज किया जा सकता है।
समाज के लिए सवाल
यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और महिलाओं के अधिकारों पर सवाल खड़े करती है। राजस्थान जैसे राज्य में जहां महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई योजनाएं चल रही हैं, ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं। समाज, पुलिस और प्रशासन को मिलकर ऐसी पीड़िताओं की मदद करनी होगी ताकि कोई भी महिला इस तरह की प्रताड़ना सहने को मजबूर न हो।