ईवी खरीद रहे हैं तो एक्सपर्ट से समझें सावधानियां: पुरानी वायरिंग और लापरवाही से चार्जिंग बन सकती है बड़ा खतरा, इन जरूरी टिप्स को अपनाएं ताकि सुरक्षित रहें
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन घर पर चार्जिंग के दौरान पुरानी या कम क्षमता वाली वायरिंग, नॉन-सर्टिफाइड चार्जर और बिना निगरानी रातभर चार्जिंग से शॉर्ट सर्किट या आग का बड़ा खतरा है। हाल के इंदौर हादसे (जहां EV चार्जिंग से आग लगने पर 8 लोगों की मौत हुई) ने इस मुद्दे को उजागर किया है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं: हाई-कैपेसिटी कनेक्शन लें, अलग हैवी वायरिंग और सर्किट लगवाएं, सिर्फ सर्टिफाइड चार्जर यूज करें, 20-80% बैटरी रेंज में चार्ज रखें, 100% होने पर प्लग निकालें, हवादार जगह चुनें, ज्वलनशील चीजें दूर रखें और बैटरी की गर्मी/गंध पर नजर रखें। इन सावधानियों से EV सुरक्षित और बैटरी लंबी चल सकती है।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। लोग अब सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया ही नहीं, बल्कि चौपहिया EV कारें भी खरीद रहे हैं। पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ कम चलने वाले खर्च के कारण EV की डिमांड बढ़ी है। लेकिन हाल के कुछ हादसों, खासकर घर पर चार्जिंग के दौरान शॉर्ट-सर्किट या आग लगने की घटनाओं ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इंदौर में एक EV चार्जिंग से जुड़े हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जिसने पूरे देश में EV चार्जिंग की सेफ्टी पर सवाल खड़े कर दिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि EV वाहनों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन ज्यादातर घरों में पुरानी या कम क्षमता वाली इलेक्ट्रिकल वायरिंग और कनेक्शन हैं, जो EV चार्जिंग के हाई लोड को हैंडल नहीं कर पाते। इससे शॉर्ट-सर्किट, ओवरहीटिंग या आग का खतरा बढ़ जाता है।
EV सेल्स के आंकड़े बताते हैं तेजी से बढ़ता चलन
साल 2025 में भारत में कुल 5907 EV कारें बिकीं। वहीं, 2026 के पहले दो महीनों में ही 1149 नई EV कारें सड़कों पर उतर चुकी हैं। ये आंकड़े दिखाते हैं कि EV का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सुरक्षा के उपायों पर ध्यान न देने से बड़े हादसे हो सकते हैं।
एक्सपर्ट्स की सलाह: घर पर EV चार्जिंग के लिए जरूरी सावधानियां
MNIT जयपुर के एसोसिएट प्रोफेसर और सेंटर फॉर एनर्जी एंड एनवायरनमेंट के हेड कपिल पारीक तथा JECRC यूनिवर्सिटी के इनोवेशन सेल के हेड डॉ. शेखर चंद्र जैसे एक्सपर्ट्स ने EV चार्जिंग से जुड़ी प्रमुख सावधानियां बताई हैं। इन टिप्स को फॉलो करके आप घर पर सुरक्षित चार्जिंग कर सकते हैं:
बिजली का लोड पहले चेक करें
घर का मौजूदा बिजली कनेक्शन (जैसे 1-3 kW) EV चार्जिंग के लिए काफी नहीं होता। पुराने कनेक्शन से रातभर 8-10 घंटे बिना निगरानी के चार्जिंग न करें। इससे ओवरलोड होकर शॉर्ट-सर्किट या फायर का खतरा रहता है।
सिर्फ सर्टिफाइड और ओरिजिनल चार्जर इस्तेमाल करें
सस्ते लोकल एडॉप्टर या नॉन-सर्टिफाइड चार्जर से पूरी तरह बचें। हमेशा मैन्युफैक्चरर द्वारा दिए गए या BIS/ISI सर्टिफाइड चार्जर यूज करें।
अधिक क्षमता का कनेक्शन लें और अलग लाइन लगवाएं
EV के लिए अलग से हाई-कैपेसिटी कनेक्शन (जैसे 5-7 kW या ज्यादा) लें। इलेक्ट्रीशियन से हैवी वायरिंग (कम से कम 4-6 sq mm कॉपर वायर) करवाएं और चार्जिंग पॉइंट के लिए अलग सर्किट बनवाएं।
हवादार और सुरक्षित जगह पर चार्जिंग पॉइंट बनाएं
चार्जिंग हमेशा अच्छी हवा वाली जगह पर करें, जहां गर्मी जमा न हो। गैरेज या खुले एरिया में चार्जिंग पॉइंट लगवाएं।
चार्जिंग के समय अन्य उपकरणों का लोड न बढ़ाएं
चार्जिंग चलने पर AC, फ्रिज, गीजर जैसे हाई-पावर उपकरण एक साथ न चलाएं, वरना सर्किट ट्रिप हो सकता है या ओवरलोड हो सकता है।
100% चार्ज होने पर तुरंत प्लग निकालें
बैटरी 100% होने के बाद भी प्लग में न छोड़ें। ओवरचार्जिंग बैटरी को नुकसान पहुंचाती है। साथ ही बैटरी को बार-बार 0% तक डिस्चार्ज न होने दें।
20%-80% के बीच चार्ज रखना सबसे बेहतर
लिथियम-आयन बैटरी की लाइफ बढ़ाने के लिए रोजाना 20% से 80% के बीच चार्ज करना आदर्श है। लंबी ड्राइव से पहले 100% तक चार्ज कर सकते हैं, लेकिन रोजाना ऐसा न करें।
तेज धूप या लंबी ड्राइव के तुरंत बाद चार्ज न करें
गाड़ी को तेज धूप में लंबे समय तक पार्क न करें। लंबी ड्राइव के बाद बैटरी गर्म होती है, ऐसे में तुरंत चार्जिंग से बचें।
सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेट रखें
कार का OTA (ओवर-द-एयर) सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहें, क्योंकि ये बैटरी मैनेजमेंट और सेफ्टी फीचर्स को बेहतर बनाता है।
ज्वलनशील चीजों से दूर रखें और बैटरी पर नजर रखें
चार्जिंग पॉइंट के पास LPG सिलेंडर, पेट्रोल, प्लास्टिक जैसी ज्वलनशील वस्तुएं न रखें। चार्जिंग के दौरान बैटरी में ज्यादा गर्मी, अजीब गंध या फूलने (स्वेलिंग) जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चार्जिंग बंद करें और एक्सपर्ट से संपर्क करें। अगर चार्जिंग बहुत धीमी या बहुत तेज हो रही हो, तो भी सलाह लें।
निष्कर्ष
EV भविष्य का वाहन है, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। घर पर चार्जिंग सेटअप से पहले किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन से इंस्पेक्शन करवाएं और ऊपर बताई गई सावधानियों का पालन करें। इससे न सिर्फ आपकी और परिवार की जान बचेगी, बल्कि EV की बैटरी लाइफ भी लंबी रहेगी। अगर आपके घर में पुरानी वायरिंग है, तो तुरंत अपग्रेड करवाएं – क्योंकि छोटी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। सुरक्षित EV चार्जिंग, सुरक्षित भविष्य!