जोधपुर में दिल दहला देने वाला मामला: बेटी भगवती के भाग जाने से परिवार उजड़ा, माता-पिता की सिसकियां समाज को झकझोर रही हैं

जोधपुर जिले में बिश्नोई समाज के गरीब पिता रूपाराम विश्नोई की बेटी भगवती विश्नोई को महिपाल जाट (या चौधरी) नामक युवक ने बहला-फुसलाकर लगभग 20 दिन पहले घर से ले गया। परिवार टूट चुका है, माता-पिता रो-रोकर बुरा हाल हैं। यह मामला अंतरजातीय संबंधों के कारण विवादास्पद हो गया है, जहां बिश्नोई समाज में नाराजगी है और समाजसेवी मांगीलाल नोखड़ा जैसे लोग परिवार के साथ खड़े हैं। यह घटना बेटियों की सुरक्षा और युवाओं की जागरूकता पर बड़ा सवाल उठा रही है।

Mar 23, 2026 - 13:16
जोधपुर में दिल दहला देने वाला मामला: बेटी भगवती के भाग जाने से परिवार उजड़ा, माता-पिता की सिसकियां समाज को झकझोर रही हैं

जोधपुर जिले के एक छोटे से गांव में एक ऐसी घटना घटी है, जो किसी भी संवेदनशील इंसान का दिल तोड़ देने के लिए काफी है। रूपाराम विश्नोई नामक एक साधारण किसान और ठेला लगाकर परिवार चलाने वाले पिता की इकलौती लाडली बेटी भगवती विश्नोई कुछ दिनों पहले घर से लापता हो गई। जांच में पता चला कि एक युवक, जिसका नाम महिपाल जाट (या महिपाल चौधरी) बताया जा रहा है, ने भगवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। यह घटना लगभग 20 दिन पुरानी बताई जा रही है, और अब परिवार का दर्द सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

रूपाराम विश्नोई और उनकी पत्नी की आंखें सूनी पड़ गई हैं। जहां कभी बेटी की हंसी से आंगन गूंजता था, वहां आज सन्नाटा पसरा है। मां की बिलखती आवाज और पिता की बेबसी हर वीडियो में साफ दिख रही है। परिजनों के अनुसार, भगवती को बहकाकर ले जाने वाला युवक अलग जाति (जाट समुदाय) से है, जिस कारण समाज में यह मामला अंतरजातीय संबंधों के रूप में भी चर्चा में है। बिश्नोई समाज के कुछ लोगों ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी जताई है और कहा है कि ऐसे मामलों में समाज माफ नहीं करता।

परिवार की व्यथा और समाज का सवाल

पिता रूपाराम विश्नोई एक गरीब किसान हैं, जो मेहनत-मजदूरी से परिवार पालते हैं। बेटी के जाने के बाद उनका घर सूना पड़ गया है।मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। वे बार-बार पूछ रही हैं कि उनकी बेटी का क्या दोष था? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में माता-पिता रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं, और वे समाज से अपील कर रहे हैं कि बेटियों की सुरक्षा के लिए जागरूक बनें।यह मामला "लव मैरिज" या बहला-फुसलाकर भागने जैसा प्रतीत होता है, लेकिन परिवार इसे अपहरण जैसा मान रहा है क्योंकि बेटी नाबालिग या युवा होने के कारण आसानी से प्रभावित हो सकती है।

समाज में उठ रहे सवाल

यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। आजकल मोबाइल, सोशल मीडिया और आसान संपर्क के कारण युवा जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। अंतरजातीय रिश्ते समाज में अभी भी विवादास्पद हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में। बिश्नोई समाज में कुछ लोग इसे लेकर सख्त रुख अपना रहे हैं और कह रहे हैं कि ऐसे मामलों में समाज एकजुट होकर विरोध करेगा।एक तरफ परिवार टूट रहा है, सपने बिखर रहे हैं, तो दूसरी तरफ समाज को सोचने पर मजबूर कर रहा है:बेटियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए? युवाओं को गलत रास्ते से कैसे रोका जाए? क्या परिवार और समाज मिलकर ऐसे मामलों में जागरूकता फैला सकते हैं?  इंसानियत के नाते इस परिवार के दर्द को समझें। रूपाराम और उनकी पत्नी अकेले नहीं हैं—यह हर उस माता-पिता की कहानी है जो अपनी बेटी को सुरक्षित देखना चाहते हैं। आइए, समाज के रूप में जागरूक हों, बेटियों को सशक्त बनाएं और ऐसे हादसों को रोकने के लिए कदम उठाएं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.