उदयपुर के सुंदरवास में कटे हुए गोवंश के अवशेष मिलने से हंगामा: लोगों ने सड़क जाम की, पुलिस की अनुपस्थिति पर आक्रोश; भाजपा युवा मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शन
उदयपुर के सुंदरवास में देर रात कटे गोवंश मिलने से हंगामा; आधे घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची तो भाजपा युवा मोर्चा नेतृत्व में सड़क जाम; तीन थानों की फोर्स ने फॉरेंसिक जांच का आश्वासन देकर शांत कराया,
उदयपुर, 15 नवंबर 2025: राजस्थान के उदयपुर जिले के सुंदरवास इलाके में देर रात कटे हुए गोवंश (गाय के अवशेष) मिलने से क्षेत्र में भारी हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलने के आधे घंटे बाद भी स्थानीय प्रताप नगर पुलिस थाने की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित भीड़ ने तुरंत प्रताप नगर-सुंदरवास रोड को जाम कर दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा युवा मोर्चा के नेताओं के नेतृत्व में यह प्रदर्शन और तेज हो गया, जिसमें पुलिस की लापरवाही और गोवंश संरक्षण की मांग जोर-शोर से उठाई गई। अंततः तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक जांच के साथ निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर मामला शांत करवाया गया।
घटना का विवरण; घटना सुंदरवास के मांडल क्षेत्र में रात लगभग 12 बजे की है। स्थानीय निवासियों को इलाके में कटे हुए गोवंश के अवशेष मिले, जो स्पष्ट रूप से अवैध कटान के संकेत दे रहे थे। सूचना मिलते ही क्षेत्रवासी एकत्रित हो गए और प्रताप नगर पुलिस थाने को तुरंत अवगत कराया। हालांकि, आधे घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे लोगों का सब्र टूट गया और वे सड़क पर उतर आए।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस की उदासीनता के कारण ऐसे अपराधियों को बढ़ावा मिलता है। भाजपा युवा मोर्चा के स्थानीय नेता आगे आए और प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने नारे लगाते हुए गोवंश हत्या पर सख्त कार्रवाई और पुलिस सुधार की मांग की। रोड जाम होने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे आसपास के इलाकों में भी अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस की कार्रवाई और शांति स्थापना; लगभग एक घंटे बाद प्रताप नगर, घंटाघर और हिरण मगरी थानों की संयुक्त पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने फॉरेंसिक टीम को बुलाया और अवशेषों की जांच शुरू की। प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर पुलिस ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, साथ ही अपराधियों पर जल्द कार्रवाई का वादा किया। इसके बाद जाम हटाया गया और स्थिति सामान्य हो गई।पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अवशेषों को गोवंश का बताया गया है, लेकिन पुष्टि के लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्थानीय प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक कोण; भाजपा युवा मोर्चा के नेताओं ने इसे गोवंश संरक्षण कानूनों की अवहेलना बताया और राज्य सरकार पर निशाना साधा। एक स्थानीय नेता ने कहा, "पुलिस की लेटलतीफी से अपराधी बेखौफ हो रहे हैं। हम मांग करते हैं कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई हो।" दूसरी ओर, कुछ विपक्षी दलों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शन मुख्य रूप से भाजपा समर्थित रहा।क्षेत्रवासी इस घटना से काफी आहत हैं। एक निवासी ने बताया, "गाय हमारी आस्था का प्रतीक है। ऐसे कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। पुलिस को और सतर्क रहना चाहिए।"
पृष्ठभूमि और कानूनी पहलू;
राजस्थान में गोवंश हत्या और कटान पर सख्त कानून हैं, जिसमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। हाल के वर्षों में उदयपुर और आसपास के इलाकों में ऐसी घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, जो धार्मिक और सामाजिक तनाव पैदा करती हैं। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त गश्त बढ़ाने का फैसला किया है।