परिवारिक विवाद में बेटे ने ली मां की जान: खाटू श्यामजी दर्शन के बाद रची गई साजिश
हरियाणा के यमुनानगर जिले के श्यामपुर गांव में सरपंच जसबीर सिंह की पत्नी बलजिंद्र कौर की हत्या उनके बेटे गोमित राठी ने की। गोमित 4 साल से एक युवती से प्रेम संबंध में था, जिसका विरोध मां कर रही थीं। परिवार ने उसे इंग्लैंड भेज दिया था, लेकिन 18 दिसंबर 2025 को वह गुप्त रूप से भारत लौटा, खाटू श्यामजी दर्शन कर करनाल में पीजी लेकर साजिश रची। 24 दिसंबर को गांव पहुंचकर पशु बाड़े में छिपकर मां का गला दबाकर हत्या की और शव हौद में फेंक दिया। पुलिस SIT ने मोबाइल लोकेशन और सबूतों से आरोपी को पकड़ा।
हरियाणा के यमुनानगर जिले के श्यामपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गांव के सरपंच जसबीर सिंह की पत्नी बलजिंद्र कौर (45 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई, जिसका खुलासा करते हुए पुलिस ने जांच में पाया कि इस घटना के पीछे उनका ही बेटा गोमित राठी मुख्य आरोपी निकला। गोमित ने अपने दोस्त पंकज की मदद से यह पूरी साजिश रची थी।
पारिवारिक विवाद की जड़
गोमित राठी पिछले 4 साल से पास के ही एक गांव की युवती से प्रेम संबंध में था। वह इस रिश्ते को लव मैरिज के रूप में आगे बढ़ाना चाहता था, लेकिन परिवार, खासकर मां बलजिंद्र कौर, इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थीं। इस मुद्दे पर घर में लगातार झगड़े होते रहे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि करीब 2 साल पहले परिवार ने गोमित को स्टडी वीजा पर इंग्लैंड भेज दिया, ताकि घरेलू कलह कम हो सके। लेकिन गोमित के मन में मां के विरोध के कारण गहरा आक्रोश था और उसने बदला लेने की ठान ली।
गुप्त रूप से भारत लौटना और योजना
18 दिसंबर 2025 को गोमित ने बिना परिवार को बताए इंग्लैंड से भारत वापसी का प्लान बनाया। उसने अपने दोस्त पंकज को इस साजिश में शामिल किया। पंकज ने ही गोमित को छिपाने और सहायता देने का पूरा इंतजाम किया। दिल्ली एयरपोर्ट पर पंकज ने गोमित को रिसीव किया और दोनों राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्यामजी मंदिर के दर्शन करने गए।
दर्शन के बाद गोमित करनाल पहुंचा, जहां उसने एक पीजी में ठहरकर हत्या की पूरी योजना तैयार की। वह 6 दिन तक यहां रुका और हर कदम की बारीकी से प्लानिंग करता रहा।
घटना का अंजाम
24 दिसंबर 2025 की रात गोमित चुपके से श्यामपुर गांव पहुंचा। उसे पता था कि मां बलजिंद्र कौर देर शाम पशुओं को चारा डालने पशु बाड़े में जाती हैं। गोमित बाड़े में छिप गया और सभी लाइटें बंद कर दीं। रात करीब 9 बजे जब बलजिंद्र कौर वहां पहुंचीं, तो गोमित ने उन पर हमला कर दिया। पहले सिर पर चोट मारी, फिर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पानी की हौद में फेंक दिया ताकि मौत दुर्घटना या संदिग्ध लगे। हमले के बाद गोमित तुरंत करनाल अपने पीजी में वापस लौट गया।
रात में बलजिंद्र कौर के घर न लौटने पर परिवार ने तलाश शुरू की और हौद में उनका शव पड़ा मिला। शव के सिर पर चोट के निशान थे, चूड़ियां टूटी हुईं और अन्य संकेत मिले जो हत्या की ओर इशारा कर रहे थे।
दिखावा और जांच
25 दिसंबर की सुबह परिवार ने गोमित को फोन कर मां की मौत की सूचना दी। गोमित ने कहा कि वह फ्लाइट पकड़कर भारत आ रहा है। 26 दिसंबर को वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा, जहां रिश्तेदारों ने उसे लेने आए। वहां उसने मां की मौत पर रोने-धोने का नाटक किया। गांव पहुंचकर उसने ही मां को मुखाग्नि दी, जबकि उसका दोस्त पंकज भी मौजूद रहा। गोमित लगातार परिवार को यह दिखाता रहा कि वह इंग्लैंड में ही है।
परिवार को मौत संदिग्ध लगी, इसलिए 29 दिसंबर को वे साढौरा की विधायक रेनू बाला के साथ एसपी कमलदीप गोयल से मिले और हत्या का केस दर्ज कर SIT गठित करने की मांग की। एसपी ने मांग मान ली और SIT बनाई गई।
SIT की जांच और कबूलनामा
SIT ने गहन जांच की। परिवार में रिलेशनशिप को लेकर पुराने झगड़ों की बात सामने आई। घटनास्थल से मिले पैरों के निशान और मोबाइल लोकेशन के सबूतों के आधार पर गोमित से सख्त पूछताछ की गई। आखिरकार गोमित ने अपने दोस्त पंकज के साथ मिलकर मां की हत्या करने की बात कबूल कर ली। यह सुनकर पूरा परिवार स्तब्ध रह गया। पुलिस ने गोमित राठी और पंकज को गिरफ्तार कर लिया। दोनों फिलहाल 4 दिन के पुलिस रिमांड पर हैं।